पहली ऑटोमैटिक कार खरीदनी है? ये 5 कारें ड्राइविंग को बना देंगी आसान और मजेदार

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पहली ऑटोमैटिक कार खरीदने वालों के लिए परफेक्ट ऑप्शंस / एआई इमेज

शहर की ट्रैफिक में आसान ड्राइविंग और स्मूद एक्सपीरियंस के लिए ऑटोमैटिक कारों की डिमांड तेजी से बढ़ रही है. जानिए 5 ऐसी कारों के बारे में जो पहली ऑटोमैटिक कार के तौर पर शानदार विकल्प बन सकती हैं.

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भारत के बड़े शहरों में ट्रैफिक लगातार बढ़ रहा है और रोजाना क्लच-गियर बदलते हुए ड्राइव करना अब कई लोगों के लिए थकाऊ अनुभव बन चुका है. यही वजह है कि ऑटोमैटिक कारों की डिमांड तेजी से बढ़ रही है. आज की मॉडर्न ऑटोमैटिक कारें सिर्फ आरामदायक ही नहीं, बल्कि पहले से ज्यादा स्मूद, फ्यूल एफिशिएंट और परफॉर्मेंस फ्रेंडली भी हो चुकी हैं. अगर कोई अपनी पहली ऑटोमैटिक कार खरीदने का प्लान कर रहा है, तो कुछ मॉडल ऐसे हैं जो शहर की ट्रैफिक भरी सड़कों से लेकर हाईवे ड्राइव तक हर जगह शानदार अनुभव देते हैं.

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हुंडई i20 N Line उन लोगों के लिए जो ड्राइविंग में मजा चाहते हैं

अगर कोई हैचबैक पसंद करता है लेकिन साथ में स्पोर्टी फील भी चाहता है, तो हुंडई i20 N Line काफी मजबूत विकल्प बनकर सामने आती है. इसका 1.0 लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन और 7-स्पीड DCT गियरबॉक्स शहर में बेहद स्मूद ड्राइविंग अनुभव देता है. पैडल शिफ्टर्स और स्पोर्टी एग्जॉस्ट नोट इसे बाकी प्रीमियम हैचबैक से अलग पहचान देते हैं. इसका सस्पेंशन सेटअप भी थोड़ा स्पोर्टी रखा गया है, जिससे हाईवे पर बेहतर कंट्रोल मिलता है. इसकी कीमत करीब 10.66 लाख रुपये से शुरू होती है.

किआ सोनेट में मिलता है SUV का दम और प्रीमियम फील

पहली ऑटोमैटिक SUV खरीदने वालों के लिए किआ सोनेट काफी संतुलित पैकेज ऑफर करती है. इसमें टर्बो पेट्रोल और डीजल दोनों इंजन ऑप्शन मिलते हैं. 7-स्पीड DCT वाला पेट्रोल वेरिएंट शहर की ट्रैफिक में बेहद आसान ड्राइविंग देता है, जबकि डीजल ऑटोमैटिक लंबी दूरी के लिए अच्छा विकल्प बन सकता है. इसका केबिन फीचर लोडेड है और डिजाइन भी काफी प्रीमियम नजर आता है. सोनेट उन खरीदारों के लिए बेहतर ऑप्शन है जो कॉम्पैक्ट SUV में टेक्नोलॉजी और स्टाइल दोनों चाहते हैं.

होंडा एलिवेट देती है आरामदायक और भरोसेमंद ड्राइविंग

होंडा एलिवेट उन लोगों को पसंद आ सकती है जो ज्यादा झटकों के बिना स्मूद और आरामदायक ड्राइव चाहते हैं. इसमें 1.5 लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन के साथ CVT गियरबॉक्स मिलता है, जो शहर की भीड़भाड़ वाली सड़कों पर काफी आरामदायक अनुभव देता है. इसका केबिन बड़ा है और सीटिंग पोजिशन भी अच्छी रोड विजिबिलिटी देती है. पहली बार ऑटोमैटिक कार लेने वालों के लिए यह कम तनाव वाली ड्राइविंग का अनुभव देती है.

फॉक्सवैगन टाइगुन में मिलता है परफॉर्मेंस और प्रीमियम एक्सपीरियंस

अगर कोई ड्राइविंग में थोड़ा ज्यादा उत्साह चाहता है, तो फॉक्सवैगन टाइगुन शानदार विकल्प साबित हो सकती है. इसका 1.5 लीटर TSI इंजन और 7-स्पीड DCT गियरबॉक्स काफी स्मूद और फास्ट गियर शिफ्टिंग देता है. पैडल शिफ्टर्स के साथ यह SUV हाईवे पर बेहद मजेदार अनुभव देती है. वहीं 1.0 लीटर TSI इंजन वाला ऑटोमैटिक वेरिएंट भी शहर के लिए अच्छा माना जाता है. टाइगुन उन लोगों के लिए बेहतर है जो पहली ऑटोमैटिक कार में प्रीमियम फील के साथ दमदार परफॉर्मेंस चाहते हैं.

फॉक्सवैगन वर्टस आज भी सेडान लवर्स की पहली पसंद

SUV के बढ़ते ट्रेंड के बीच भी फॉक्सवैगन वर्टस उन लोगों के लिए शानदार कार है जो सेडान पसंद करते हैं. इसकी राइड क्वालिटी काफी बैलेंस्ड है और लंबे सफर में यह बेहद आरामदायक महसूस होती है. इसमें भी वही 1.5 लीटर TSI इंजन और 7-स्पीड DCT गियरबॉक्स मिलता है जो टाइगुन में दिया गया है. इसका केबिन स्पेशियस है और हाईवे पर इसकी स्टेबिलिटी काफी मजबूत मानी जाती है.

ऑटोमैटिक कारें अब सिर्फ लग्जरी नहीं रहीं

कुछ साल पहले तक ऑटोमैटिक कारों को महंगी और कम माइलेज देने वाली गाड़ियों के तौर पर देखा जाता था. लेकिन अब तकनीक काफी बदल चुकी है. नए DCT, CVT और टॉर्क कन्वर्टर गियरबॉक्स पहले से ज्यादा एफिशिएंट और भरोसेमंद हो चुके हैं. यही वजह है कि पहली कार खरीदने वाले युवा खरीदार अब तेजी से ऑटोमैटिक मॉडल्स की तरफ बढ़ रहे हैं.

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