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Petrol-Diesel की 36 करोड़ गाड़ियां बंद, हाइब्रिड चालू… नितिन गडकरी ने लिया संकल्प

Updated at : 15 May 2024 12:22 PM (IST)
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Petrol-Diesel की 36 करोड़ गाड़ियां बंद, हाइब्रिड चालू… नितिन गडकरी ने लिया संकल्प

पेट्रोल-डीजल की गाड़ियां भारत से होंगी खत्म. फोटो: प्रभात खबर

Petrol-Diesel Vehicles: भारत में पेट्रोल-डीजल से चलने वाली गाड़ियां काफी प्रदूषण फैलाती हैं. वायु प्रदूषण को कम करने के लिए हाइब्रिड और फ्लेक्स फ्यूल वाली गाड़ियों को बढ़ावा दिया जा रहा है. इससे देश के किसानों की आमदनी भी बढ़ेगी.

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Petrol-Diesel Vehicles: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने संकल्प लिया है कि वे भारत में चलने वाली 36 करोड़ से अधिक पेट्रोल-डीजल वाली गाड़ियों को बंद करके ही दम लेंगे. इसके बदले में हाइब्रिड गाड़ियों को बढ़ावा दिया जाएगा. इसीलिए उन्होंने देश को ग्रीन इकोनॉमी बनाने के लिए हाइब्रिड गाड़ियों पर वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) कम करने की वकालत भी की है. भारत को पेट्रोल-डीजल वाली गाड़ियों से मुक्त करने का संकल्प उन्होंने समाचार एजेंसी भाषा को दिए एक विशेष साक्षात्कार में दोहराया है.

क्या पेट्रोल-डीजल की गाड़ियों से मुक्त हो जाएगा भारत?

विशेष साक्षात्कार में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से सवाल पूछा गया था कि क्या भारत पेट्रोल-डीजल वाली गाड़ियों से पूरी तरह से मुक्त हो जाएगा? इसके जवाब में उन्होंने कहा, ‘100 फीसदी’. इसके आगे उन्होंने कहा कि यह मुश्किल जरूर है, लेकिन नामुमकिन नहीं. यह मेरा विचार है.

ईंधन आयात का पैसा किसानों पर होगा खर्च

विशेष साक्षात्कार में उन्होंने यह भी कहा कि दूसरे देशों से ईंधन के आयात पर भारत सालाना 16 लाख करोड़ रुपये खर्च करता है. अब सरकार इस पैसे का इस्तेमाल किसानों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए करेगी. गांव समृद्ध होंगे और युवाओं को रोजगार मिलेगा. हालांकि, केंद्रीय मंत्री ने गडकरी ने इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को पूरा करने की कोई समयसीमा नहीं दी है, जिसे हरित ऊर्जा के समर्थक भी बेहद कठिन मानते हैं.

हाइब्रिड गाड़ियों को क्यों बढ़ावा दे रही सरकार

बताते चलें कि भारत में ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए सरकार हाइब्रिड गाड़ियों को बढ़ावा दे रही है. ये हाइब्रिड गाड़ियां इथेनॉल से चलेंगी और इथेनॉल गन्ने से उत्पादित किया जाता है. इथेनॉल का इस्तेमाल बढ़ने पर देश के किसान गन्ने की खेती की ओर अग्रसर होंगे और फिर किसानों की आमदनी में इजाफा होगा. इससे चीनी मिलों के अलावा ऑटो सेक्टर में भी रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा.

हाइब्रिड और फ्लेक्स फ्यूल गाड़ियों पर कम होगा जीएसटी

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने आगे कहा कि हाइब्रिड और फ्लेक्स फ्यूल गाड़ियों पर जीएसटी की दरें कम करने के लिए वित्त मंत्रालय के पास प्रस्ताव भेज दिया गया है, जो इस पर विचार कर रहा है. उन्होंने कहा कि हाइब्रिड गाड़ियों पर 5 फीसदी और फ्लेक्स इंजन वाली गाड़ियों पर 12 फीसदी तक जीएसटी की दरें कम करने का प्रस्ताव है. उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का भरोसा है कि भारत जैव ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ावा देकर ईंधन आयात को समाप्त कर सकता है.

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2004 से वैकल्पिक ईंधन की वकालत कर रहे गडकरी

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि वे 2004 से वैकल्पिक ईंधन की वकालत कर रहे हैं. उन्हें भरोसा है कि आने वाले पांच से सात साल में चीजें बदल जाएंगी. मैं आपको इस बदलाव के लिए कोई तारीख और साल नहीं बता सकता, क्योंकि यह बहुत कठिन है. यह मुश्किल है, नामुमकिन नहीं. उन्होंने कहा कि जिस गति से इलेक्ट्रिक वाहन पेश किए जा रहे हैं, आने वाला युग वैकल्पिक तथा जैव ईंधन का होगा और यह सपना सच होगा. बजाज, टीवीएस और हीरो जैसी कंपनियां भी फ्लेक्स इंजन का इस्तेमाल करके मोटरसाइकिल बनाने की योजना बना रही हैं. इसी तरह की प्रौद्योगिकी से बने तिपहिया भी आने वाले हैं.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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