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₹10 लाख से कम में 2030 तक कौन-सी कार बेहतर- पेट्रोल, CNG या इलेक्ट्रिक?

Updated at : 10 Feb 2026 2:13 PM (IST)
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पेट्रोल, CNG या इलेक्ट्रिक- 2030 का सबसे समझदार विकल्प कौन? / एआई जेनरेटेड फोटो

जानिए 2030 तक ₹10 लाख से कम बजट में कौन-सी कार आपके लिए सबसे टिकाऊ साबित होगी- पेट्रोल, CNG या इलेक्ट्रिक. मौजूदा विकल्प और भविष्य की तस्वीर यहां पढ़ें

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भारत में ऑटोमोबाइल सेक्टर तेजी से बदल रहा है. पेट्रोल की बढ़ती कीमतें, पर्यावरणीय दबाव और नई तकनीकें मिलकर आने वाले वर्षों में कार खरीदने के फैसले को पूरी तरह बदल देंगी. सवाल यही है कि अगर आप आज ₹10 लाख से कम बजट में कार खरीदते हैं, तो 2030 तक कौन-सा विकल्प आपके लिए सबसे टिकाऊ और समझदारी भरा साबित होगा- पेट्रोल, CNG या इलेक्ट्रिक?

पेट्रोल कारें: भरोसेमंद लेकिन घटती लोकप्रियता

पेट्रोल कारें लंबे समय से भारतीय बाजार की रीढ़ रही हैं. इनकी सर्विसिंग आसान है और हर जगह फ्यूल उपलब्ध है. लेकिन लगातार महंगे होते पेट्रोल और प्रदूषण की चुनौतियां इनके भविष्य को सीमित कर रही हैं. 2030 तक छोटे शहरों में इनकी मौजूदगी बनी रहेगी, पर बड़े शहरों में इनकी पकड़ कमजोर होती जाएगी.

CNG कारें: किफायती और पर्यावरण के अनुकूल

CNG कारें आज के समय में सबसे संतुलित विकल्प मानी जाती हैं. इनकी रनिंग कॉस्ट कम है और प्रदूषण भी घटता है. हालांकि, हर जगह CNG स्टेशन उपलब्ध नहीं हैं और बूट स्पेस कम होने की समस्या है. इसके बावजूद, 2030 तक मिड-सेगमेंट में CNG कारें मजबूत पकड़ बनाए रखेंगी. Tata Punch, Maruti Swift, Baleno और Renault Triber जैसे मॉडल इस बजट में लोकप्रिय विकल्प हैं.

इलेक्ट्रिक कारें: भविष्य की सबसे बड़ी ताकत

EVs यानी इलेक्ट्रिक कारें शून्य उत्सर्जन और कम मेंटेनेंस के कारण सबसे तेजी से बढ़ने वाला विकल्प हैं. फिलहाल ₹10 लाख से कम में Tata Tiago EV और MG Comet EV ही उपलब्ध हैं, लेकिन आने वाले वर्षों में और सस्ते EV लॉन्च होने की संभावना है. चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से विकसित हो रहा है और 2030 तक EVs शहरों में सबसे टिकाऊ और किफायती विकल्प बन जाएंगी.

2030 की तस्वीर: कौन-सा विकल्प सबसे सही?

शहरों में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) का भविष्य सबसे उज्ज्वल दिखता है, क्योंकि चार्जिंग नेटवर्क लगातार बढ़ रहा है और इससे इनका उपयोग और भी सुविधाजनक होता जा रहा है. वहीं, छोटे शहरों और लंबी दूरी की यात्राओं के लिए CNG कारें भरोसेमंद विकल्प बनी रहेंगी, क्योंकि वे किफायती और व्यावहारिक साबित होती हैं. पेट्रोल कारें धीरे-धीरे बैकअप विकल्प के रूप में रह जाएंगी, लेकिन समय के साथ इनकी संख्या कम होती जाएगी, क्योंकि लोग पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं.

अगर आप आज खरीद रहे हैं और 2030 तक इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो CNG और EV सबसे समझदार विकल्प हैं.

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Rajeev Kumar

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव, 14 वर्षों से मल्टीमीडिया जर्नलिज्म में एक्टिव हैं. टेक्नोलॉजी में खास इंटरेस्ट है. इन्होंने एआई, एमएल, आईओटी, टेलीकॉम, गैजेट्स, सहित तकनीक की बदलती दुनिया को नजदीक से देखा, समझा और यूजर्स के लिए उसे आसान भाषा में पेश किया है. वर्तमान में ये टेक-मैटर्स पर रिपोर्ट, रिव्यू, एनालिसिस और एक्सप्लेनर लिखते हैं. ये किसी भी विषय की गहराई में जाकर उसकी परतें उधेड़ने का हुनर रखते हैं. इनकी कलम का संतुलन, कंटेंट को एसईओ फ्रेंडली बनाता और पाठकों के दिलों में उतारता है. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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