सफलता चाहिए या खोखले बहाने

Published at :09 Sep 2014 5:22 AM (IST)
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सफलता चाहिए या खोखले बहाने

।। दक्षा वैदकर ।। व्हॉट्सएप पर एक लंबा मैसेज आया, लेकिन मैंने इसे पूरा पढ़ा. यह मैसेज ही कुछ ऐसा था. इसका हेडिंग था बहाने वर्सेस सफलता. आप भी पढ़ें. बहाना-1 : मुझे उचित शिक्षा लेने का अवसर नहीं मिला. सफलता : उचित शिक्षा का अवसर फोर्ड मोटर्स के मालिक हेनरी फोर्ड को भी नहीं […]

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।। दक्षा वैदकर ।।
व्हॉट्सएप पर एक लंबा मैसेज आया, लेकिन मैंने इसे पूरा पढ़ा. यह मैसेज ही कुछ ऐसा था. इसका हेडिंग था बहाने वर्सेस सफलता. आप भी पढ़ें.
बहाना-1 : मुझे उचित शिक्षा लेने का अवसर नहीं मिला. सफलता : उचित शिक्षा का अवसर फोर्ड मोटर्स के मालिक हेनरी फोर्ड को भी नहीं मिला. बहाना-2 : बचपन में ही मेरे पिता का देहांत हो गया था. सफलता : प्रख्यात संगीतकार एआर रहमान के पिता का देहांत भी तभी हो चुका था, जब रहमान काफी छोटे थे.
बहाना-3 : मैं अत्यंत गरीब परिवार से हूं. सफलता : पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम भी गरीब परिवार से थे. बहाना-4 : बचपन से ही मैं अस्वस्थ रहा हूं. सफलता : ऑस्कर विजेता अभिनेत्री मरली मेटलिन भी बचपन से बहरी व अस्वस्थ थी. बहाना 5 : मैंने साइकिल पर घूम कर आधी जिंदगी गुजारी है. सफलता : निरमा के करसन भाई पटेल ने भी साइकिल पर निरमा बेच कर आधी जिंदगी गुजारी है. बहाना-6 : एक दुर्घटना में अपाहिज होने के बाद मेरी हिम्मत चली गयी. सफलता : प्रख्यात नृत्यांगना सुधा चंद्रन के पैर नकली हैं.
बहाना-7: मुझे बचपन से मंदबुद्धि कहा जाता है. सफलता : थॉमस अल्वा एडिसन को भी बचपन में मंदबुद्धि कहा जाता था. बहाना-8: मैं इतनी बार हार चुका हूं कि अब हिम्मत नहीं. सफलता : अब्राहम लिंकन 15 बार चुनाव हारने के बाद राष्ट्रपति बने थे. बहाना-9 : मुझे बचपन से परिवार की जिम्मेवारी उठानी पड़ी. सफलता : लता मंगेशकर को भी बचपन में ही परिवार की जिम्मेवारी उठानी पड़ी थी. बहाना-10 : मेरी शारीरिक ऊंचाई बहुत कम है. सफलता : सचिन तेंदुलकर की भी शारीरिक ऊंचाई कम है.
बहाना-11 : मैं एक छोटी-सी नौकरी करता हूं, इससे क्या होगा. सफलता : धीरू अंबानी भी शुरू में छोटी नौकरी करते थे. बहाना- 12 : मेरी कंपनी एक बार दिवालिया हो चुकी है, अब मुझ पर कौन भरोसा करेगा. सफलता : दुनिया की सबसे बड़ी शीतल पेय निर्माता पेप्सी कोला भी दो बार दिवालिया हो चुकी है. बहाना-13 : मेरी उम्र बहुत ज्यादा है. सफलता : विश्व प्रसिद्ध केंटुकी फ्राइड चिकेन के मालिक ने 60 साल की उम्र में पहला रेस्तरां खोला था.
बात पते की..
– इन महानायकों की तरह ही आप में भी कोई न कोई प्रतिभा जरूर होगी, जिससे आप इन दिक्कतों के बावजूद ऊंचाइयां छू सकते हैं.
– आज आप जहां भी हैं, इसके लिए आप किसी और को जिम्मेवार नहीं ठहरा सकते. चुनाव करें कि सफलता चाहिए या खोखले बहाने.
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