‘मोक्ष’ यात्रा के लिए नहीं मिल पाया वाहन, घंटों पड़ा रहा शव

चंदा कर लोगों ने घर निरसा पहुंचाया धनबाद : पीएमसीएच में निरसा की एक महिला की मौत हो जाने के बाद गुरुवार को उसका शव तीन घंटे तक अस्पताल में ही पड़ा रहा. पैसे के अभाव में उसके परिजन निजी वाहन नहीं कर पा रहे थे और सरकार की ओर से दिया जाने वाला एंबुलेंस […]
चंदा कर लोगों ने घर निरसा पहुंचाया
धनबाद : पीएमसीएच में निरसा की एक महिला की मौत हो जाने के बाद गुरुवार को उसका शव तीन घंटे तक अस्पताल में ही पड़ा रहा. पैसे के अभाव में उसके परिजन निजी वाहन नहीं कर पा रहे थे और सरकार की ओर से दिया जाने वाला एंबुलेंस उसे नहीं मिला. मृतका दुलारी देवी (60) के परिजन मदद के लिए करीब तीन घंटे तक भटकते रहे.
मदद नहीं मिलने पर परिजन इमरजेंसी के गेट पर बैठ कर रोने लगे. अंत में चंदा कर शव को भिजवाया गया. बताया जाता है कि दुलारी बाउरी की मौत मेडिसीन विभाग के के फीमेल वार्ड में भर्ती थी. इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी. उसके साथ में आये परिजन के पास इतने पैसे नहीं थे कि उसे अस्पताल से घर ले जा सके. परिजनों ने नि:शुल्क एंबुलेंस के लिए पहल की. लेकिन लालकार्ड नहीं होने के कारण एंबुलेंस नहीं मिला.
सरकार की ओर से एंबुलेंस की है व्यवस्था : स्वास्थ्य विभाग के आदेश पर पीएमसीएच में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के शव को घर तक पहुंचाने का इंतजाम है. लेकिन उसमें भी पैरवी और पहुंच की जरूरत होती है.
कार्ड नहीं दे पाये परिजन : पीड़ित परिवार को मदद हो सके, इसके लिए कुछ लोग अधीक्षक कक्ष के निकट लेकर गये ताकि सहायता मिल सके, लेकिन उसे इमरजेंसी भेज दिया गया. इमरजेंसी के कर्मियों ने लाल कार्ड-पीला कार्ड देने पर ही नि:शुल्क मोक्ष वाहन मिलने की बात कह कर टाल मटोल करते रहे. बाद में एक पत्रकार की पहल शव को निरसा भेजा गया.
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