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सीरम इंस्टीट्यूट के टीके को WHO की हरी झंडी, बोले डब्ल्यूएचओ चीफ- 'पूरा होगा मलेरिया मुक्त दुनिया का सपना'

Updated at : 03 Oct 2023 8:37 PM (IST)
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सीरम इंस्टीट्यूट के टीके को WHO की हरी झंडी, बोले डब्ल्यूएचओ चीफ- 'पूरा होगा मलेरिया मुक्त दुनिया का सपना'

सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया का R21/Matrix-M टीका मलेरिया के खिलाफ 70 से 80 फीसदी तक सुरक्षा देता है. यह वैक्सीन बच्चों को मलेरिया के गंभीर रूपों से बचाने में विशेष रूप से कारगर है. WHO ने इसके इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है.

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सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII, एसआईआई) के मलेरिया के एक टीके को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही दुनिया के दूसरे ऐसे टीके के इस्तेमाल का रास्ता साफ हो गया है. एसआईआई ने कहा कि टीके के प्रीक्लिनिकल और क्लिनिकल टेस्ट को लेकर एकत्रित किये गये आंकड़ों के आधार पर WHO  की ओर से यह मंजूरी दी गई है. एसआईआई ने बताया कि परीक्षणों के दौरान चार देशों में यह टीका काफी कारगर साबित हुआ है. इसी के साथ SII की ओर से कहा गया कि यह बच्चों को मलेरिया से बचाने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन की मंजूरी पाने वाला दुनिया का दूसरा टीका बन गया है.

उपयोग के लिए मिली WHO की मंजूरी
डब्ल्यूएचओ ने नोवावैक्स की सहायक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और एसआईआई की ओर से तैयार किए गए आर 21/मैट्रिक्स-एम नाम के मलेरिया के इस टीके के उपयोग को अपनी मंजूरी दे दी है. बयान में यह भी कहा गया है कि पुणे स्थित एसएआईआई को टीके तैयार करने का लाइसेंस दिया गया है. साथ ही कंपनी पहले ही सालाना 10 करोड़ खुराक तैयार करने की क्षमता हासिल कर चुकी है जो अगले दो साल में दोगुनी हो जाएगी.

मलेरिया के खिलाफ मील का पत्थर है यह टीका- SII

वहीं, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII, एसआईआई) के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा कि काफी लंबे समय से मलेरिया बीमारी दुनिया भर में करोड़ों लोगों के जीवन को खतरे में डालती रही है. उन्होंने कहा कि यही कारण है कि टीके को मंजूरी मिलना मलेरिया से लड़ने में मील का पत्थर है. एसआईआई ने कहा कि डब्ल्यूएचओ की मंजूरी मिलने के बाद अतिरिक्त नियामक मंजूरी शीघ्र ही मिलने की उम्मीद है और अगले साल की शुरुआत में आर 21/मैट्रिक्स-एम टीका का इस्तेमाल शुरू हो जाएगा. बता दें, इस टीके का फिलहाल घाना, नाइजीरिया और बुरकिना फासो में इस्तेमाल किया जा रहा है.

सच हो सकता है सपना- WHO चीफ
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII, एसआईआई) के मलेरिया के एक टीके को मंजूरी मिलने के बाद WHO के महानिदेशक टेड्रोस एडनोम घेब्येयियस ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा है कि आज स्वास्थ्य के लिए एक महान दिन है, विज्ञान के लिए एक महान दिन है, और टीकों के लिए एक महान दिन है. उन्होंने कहा कि मलेरिया की रोकथाम के लिए इसे मंजूर किया गया है. इसका नाम आर 21/मैट्रिक्स-एम है. उन्होंने कहा कि इसकी मांग इसकी सप्लाई के कहीं ज्यादा है. उन्होंने कहा कि आर 21 वैक्सीन हमारे मलेरिया मुक्त दुनिया के सपने को सच कर सकता है.


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80 फीसदी तक सुरक्षा देगा SII  का टीका
बता दें, R21/Matrix-M वैक्सीन मलेरिया के खिलाफ 70 से 80 फीसदी तक सुरक्षा देता है. यह वैक्सीन बच्चों को मलेरिया के गंभीर रूपों से बचाने में विशेष रूप से कारगर है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि आर 21/मैट्रिक्स-एम (R21/Matrix-M) वैक्सीन उन देशों में उपयोग के लिए उपलब्ध होगा जहां मलेरिया एक प्रमुख स्वास्थ्य समस्या है. सबसे बड़ी बात की टेस्ट के दौरान चार देशों में यह टीका काफी कारगर साबित हुआ है. वहीं इस वैक्सीन की एक खुराक की कीमत करीब 2 से 4 डॉलर तक होगी. यह एक साल तक असरदार रहता है. 

भाषा इनपुट से साभार

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Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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