ePaper

वेनेजुएला में सात साल बाद खुलेगा अमेरिकी दूतावास, डिप्लोमैटिक मिशन को फिर से खोलने कौन पहुंचा?

Updated at : 01 Feb 2026 7:49 AM (IST)
विज्ञापन
US to Open Diplomatic Mission in Venezuela after 7 years Ambassador Laura Dogu arrives in Caracas

US Diplomatic Mission in Venezuela Caracas: अमेरिका वेनेजुएला में अपना डिप्लोमैटिक मिशन निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने के बाद खोल रहा है. दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों में शुमार यूएस प्रशासन को इस प्रकिया को पूरा करने में 7 साल लगे. मादुरो ने 2019 में अमेरिका से अपने देश के संबंध तोड़ लिए थे.

विज्ञापन

US Diplomatic Mission in Venezuela Caracas: अमेरिका और वेनेजुएला के बीच 7 साल बाद कूटनीतिक संबंध स्थापित हो गए. 3 जनवरी को अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया. मादुरो जब तक वेनेजुएला में रहे, उन्होंने अमेरिका के खिलाफ सख्त संबंध बनाए रखा. लेकिन अब उनकी गैर मौजूदगी में दोनों देशों के बीच संबंध सुधरते दिख रहे हैं. यूएस राजदूत लॉरा डोगु शनिवार को वेनेजुएला के काराकास पहुंचीं और सात साल बाद अमेरिकी राजनयिक मिशन को फिर से खोल दिया.

यूएस राजदूत लॉरा डोगु ने वेनेजुएला में अमेरिका के दूतावास के आधिकारिक एक्स/ट्विटर पर लिखा, ‘मैं अभी अभी वेनेजुएला पहुंची हूँ. मेरी टीम और मैं काम करने के लिए तैयार हैं.’ उन्होंने माइक्वेतिया हवाई अड्डे पर उतरने की तस्वीरें भी पोस्ट कीं. डोगु, जो पहले निकारागुआ और होंडुरास में भी राजदूत रह चुकी हैं. उनके वेनेजुएला पहुँचने एक दिन पहले देश की अंतरिम राष्ट्रपति डेलसी रोड्रिगेज ने राजनीतिक कैदियों को रिहा करने के लिए एक माफी बिल की घोषणा की थी. यह विपक्ष की मुख्य मांगों में से एक थी.

वेनेजुएला के विदेश मंत्री यवान जिल ने टेलीग्राम पर एक संदेश में कहा कि डोगु का पहुंचना “राजनयिक संवाद के माध्यम से मौजूदा मतभेदों से निपटने और उन्हें हल करने के लिए संयुक्त कार्यक्रम का हिस्सा है, जो परस्पर सम्मान और अंतरराष्ट्रीय कानून के आधार पर आधारित है.”

2019 में वेनेजुएला और अमेरिका ने विदेशी संबंध तोड़ दिए थे. उस समय मादुरो ने यह निर्णय लिया था और दोनों देशों ने एक-दूसरे के दूतावास बंद कर दिए थे, जब ट्रम्प ने जनरल जुआन गुआइदो को अंतरिम राष्ट्रपति के तौर पर समर्थन दिया था. हालांकि, ट्रंप की सरकार पहले कार्यकाल में बहुत प्रयास करने के बाद भी बहुत कुछ नहीं कर सकीं. हालांकि अमेरिकी प्रतिबंधों ने जरूर वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था को मुश्किल में डाल दिया था. 

वहीं, ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल में वेनेजुएला के ऊपर पूरी ताकत से टूट पड़े. उन्होंने इस लैटिन अमेरिकी देश के समुद्री तट पर यूएस जहाजी बेड़े तैनात कर दिए. ड्रग्स तस्करों पर ताबड़तोड़ हमले किए. वेनेजुएला के एयरस्पेस को लगभग बंद ही कर दिया. अंत में मादुरो को गिरफ्तार कर लिया. वेनेजुएला के गृह मंत्री डिओसडाडो कैबेलो ने जनवरी की शुरुआत में कहा था कि मादुरो पर और उनके व्यवहार पर निगरानी रखने का एक तरीका मिलेगा. वह मादुरो के वफादार सबसे प्रभावशाली राजनीतिज्ञों में से एक हैं. हालांकि अब वेनेजुएला में एक नई सरकार है और मादुरो अमेरिका की जेल में हैं. 

अमेरिका द्वारा वेनेजुएला में सरकार गिराने के बाद, वेनेजुएला के तेल को वैश्विक बाजार में आने की छूट दे दी है. डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन द्वारा भारत को वेनेजुएला का तेल बेचने का ऑफर दिया है, ताकि भारत रूसी तेल पर अपनी निर्भरता कम कर सके. 

ये भी पढ़ें:- बलूचिस्तान के 12 स्थानों पर BLA का हमला, 10 सैनिकों की मौत, 70 लड़ाके मारे गए

ये भी पढ़ें:- ईरान की ‘बलि’ देने को तैयार सऊदी? खुद को बचाने के लिए ट्रंप के साथ मिलकर रच रहा है ‘दोहरा खेल’

विज्ञापन
Anant Narayan Shukla

लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola