वार्ता फेल होने के बाद एक्शन में अमेरिका, होर्मुज खुलवाने भेजेगा और सैन्य बल
Published by : Pritish Sahay Updated At : 12 Apr 2026 9:39 PM
होर्मुज में अतिरिक्त सेना भेजेगा अमेरिका, फोटो- पीटीआई
Iran US Conflict: ईरान-अमेरिका वार्ता फेल होने के बाद अमेरिका एक्शन में आ गया है. उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंग हटाने के लिए अतिरिक्त सैन्य बल भेजने का फैसला किया हैच. इस अभियान में पानी के भीतर काम करने वाले ड्रोन भी शामिल होने की बात कही जा रही है.
Iran US Conflict: ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान में हुई शांति वार्ता फेल हो चुकी है. बिना समझौते के दोनों देशों के प्रतिनिधि अपने-अपने वतन वापस आ गये हैं. इस बीच अमेरिका ने कहा है कि चाहे ईरान के साथ संधि हो या न हो वो होर्मुज से बारूदी सुरंग हटाएगा. रविवार (12 अप्रैल) को अमेरिका ने कहा कि आने वाले दिनों में अमेरिका अतिरिक्त सैन्य बल इस अभियान में भेजेगा. इन बलों में पानी के भीतर काम करने वाले ड्रोन भी शामिल होंगे.
होर्मुज से बारूदी सुरंग हटा रहा है अमेरिका- ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दावा किया है कि अमेरिका ने होर्मुज से बारूदी सुरंगों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. शनिवार (11 अप्रैल) को अमेरिकी नौसेना के दो गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक जहाज इस समुद्री मार्ग से गुजरे भी थे. अमेरिकी सेंट्रल कमान के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि एक नया सुरक्षित समुद्री मार्ग तैयार किया जा रहा है, जिसे जल्द ही समुद्री उद्योग के साथ साझा किया जाएगा.
ईरान ने बंद कर रखा है होर्मुज
ईरान ने बीते कई हफ्तों में होर्मुज पर दबाव बनाए रखा है. होर्मुज बंद होने से वैश्विक तेल आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है. दुनिया के करीब 20 प्रतिशत कच्चे तेल की सप्लाई इसी रास्ते से होती है. जहां पहले रोजाना 100 से ज्यादा जहाज चलते थे. हालांकि युद्धविराम के बाद अब तक सिर्फ 12 जहाजों के गुजरने का रिकॉर्ड सामने आया है.
इस्लामाबाद वार्ता बेनतीजा, नहीं हुआ कोई समझौता
अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में हुई लंबी बातचीत भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि 21 घंटे से ज्यादा चली बातचीत के बावजूद दोनों पक्ष अपने मतभेद दूर नहीं कर सके. दोनों देश दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा के चार दिन बाद शनिवार को इस्लामाबाद पहुंचे थे, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद पश्चिम एशिया में जारी तनाव को खत्म करने के लिए कोई ठोस समझौता नहीं हो पाया.
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By Pritish Sahay
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