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ब्रिटेन की मुस्लिम नेता ने भारतीय छात्रा को बनाया नैनी, शारीरिक-मानसिक जुल्म ढाया तो लगा लंबा जुर्माना

9 Dec, 2025 1:49 pm
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UK Labour leader Hina Mir fined heavily for illegally hiring Indian student as nanny

UK लेबर लीडर हिना मीर पर भारतीय स्टूडेंट को गैर-कानूनी तरीके से नैनी के तौर पर रखने के लिए भारी जुर्माना लगाया गया.

UK leader fined for illegally hiring Indian student: भारतीय छात्रा को अवैध रूप से आया (नैनी) के रूप में रखने के मामले में, लेबर पार्टी की एक स्थानीय नेता हिना मीर के ऊपर 40,000 पाउंड का जुर्माना लगाया गया है. उन्होंने ब्रिटेन में बिना वैध वर्क परमिट वाली भारतीय छात्रा को अपने घर में काम पर रखा और उसके श्रम का अनुचित लाभ उठाया, जिससे उसे शारीरिक शोषण जैसा महसूस हुआ. वह आत्मघाती महसूस करने लगी थी.

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UK leader fined for illegally hiring Indian student: पश्चिम लंदन में लेबर पार्टी की एक स्थानीय नेता को आव्रजन कानून का गंभीर उल्लंघन करने के आरोप में 40,000 पाउंड (48 लाख रुपये) के भारी जुर्माने का सामना करना पड़ा है. भारतीय छात्रा को अवैध रूप से आया (नैनी) के रूप में रखने के मामले में उनके खिलाफ किए गए दंडात्मक कार्रवाई के विरुद्ध दायर अपील को हाल ही में अदालत ने खारिज कर दिया, जिसके बाद मामला फिर सुर्खियों में आ गया है. स्थानीय राजनीति में सक्रिय और पेशे से वकील हिना मीर पर आरोप है कि उन्होंने ब्रिटेन में बिना वैध वर्क परमिट वाली भारतीय छात्रा को अपने घर में काम पर रखा और उसके श्रम का अनुचित लाभ उठाया.

‘द डेली टेलीग्राफ’ की रिपोर्ट के अनुसार, मीर ने 22 वर्षीय हिमांशी गोंगले को प्रति माह 1,200 पाउंड ( लगभाग 1 लाख 43 हजार रुपये) नकद के बदले अपने घर में आया के रूप में नियोजित किया था. इस काम में घरेलू कार्य, बच्चों या बुजुर्गों की देखभाल तथा अन्य घरेलू सहायिकी शामिल थीं. लेकिन छात्रा के पास ब्रिटेन में काम करने की कोई कानूनी अनुमति नहीं थी. रिपोर्ट के मुताबिक, मीर ने छात्रा का उपनाम बदलकर रिया कर दिया था. मीर ने लोगों से दावा किया कि वह केवल एक ‘सामाजिक आगंतुक’ है, जो उनके घर आकर वीडियो गेम खेलती है, टीवी देखती है या आराम करती है और कभी-कभी हल्के-फुल्के घरेलू कामों में मदद करती है. रिपोर्ट में बताया गया कि सिटी ऑफ लंदन काउंटी कोर्ट में यह सुना गया कि मीर छात्रा को सप्ताह में छह दिन, 24 घंटे उपलब्ध रहने के लिए कहती थीं, ताकि वह उनके दो बच्चों की देखभाल कर सके.

कब खुला मामला?

ब्रिटेन के गृह विभाग ने अदालत को बताया कि यह मामला तब सामने आया, जब पिछले वर्ष अगस्त में छात्रा ने मदद के लिए एक पुलिस कार को रोका. अधिकारियों ने बताया कि छात्रा बेहद तनावग्रस्त और भयभीत लग रही थी. उसका वीजा मार्च 2023 में समाप्त हो चुका था, जिसके बाद से वह अवैध रूप से ब्रिटेन में रह रही थी. पूछताछ में उसने बताया कि उसे घर में ऐसे व्यवहार का सामना करना पड़ा, जिससे उसे शारीरिक शोषण जैसा महसूस हुआ. वह आत्मघाती महसूस करने लगी थी.

मीर ने पद की गरिमा के विपरीत काम किया

द  टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, इमिग्रेशन अधिकारी एडम गुडचाइल्ड ने अदालत को बताया कि छात्रा अपने वीजा की स्थिति को पूरी तरह समझती थी. उन्होंने कहा- ‘वह जानती थी कि उसका लीव-टू-रिमेन समाप्त हो चुका है और यही वजह थी कि वह विश्वविद्यालय नहीं जा रही थी.’ उन्होंने यह भी कहा- ‘उसने तुरंत मुझे बताया कि वह देश में अवैध रूप से रह रही है और उसकी लीव स्थिति समाप्त हो चुकी है.’ जांच में सामने आया कि छात्रा को ऐसे माहौल में रखा गया जहां उसकी मानसिक और कानूनी स्थिति दोनों असुरक्षित थीं. अदालत में यह भी कहा गया कि मीर ने एक स्थानीय प्रतिनिधि और वकील होने के बावजूद आव्रजन कानूनों की खुलकर अनदेखी की और अपने पद की गरिमा के विपरीत काम किया.

अदालत की लागत भी चुकानी होगी

जनवरी 2025 में इमिग्रेशन नियमों के उल्लंघन के खिलाफ दायर उनकी अपील खारिज कर दी गई. इसके बाद हिना मीर को न केवल 40,000 पाउंड का जुर्माना भरने का आदेश दिया गया, बल्कि 3,620 पाउंड अदालत की लागत भी चुकानी होगी. ब्रिटेन में अवैध प्रवास और घरेलू शोषण जैसे गंभीर मुद्दे देश में किसी भी राजनीतिक या पेशेवर प्रतिष्ठा के बावजूद, आव्रजन कानून का उल्लंघन गंभीर दंड का कारण बन सकता है. इस फैसले के बाद हाउंस्लो में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है, जहां स्थानीय परिषद में विपक्ष के प्रतिनिधि अब मांग कर रहे हैं कि मीर को अपने पार्षद पद से इस्तीफा दे देना चाहिए.

पहले भी विवादों में आईं हैं मीर

आयरलैंड की लॉ सोसाइटी की वेबसाइट के अनुसार, मीर एक सच्ची मुस्लिम हैं. 2020 में वे हाउंस्लो की उप महापौर थीं. उनके वकील अब सिटी ऑफ लंदन काउंटी कोर्ट (3 दिसंबर) में जुर्माने के खिलाफ की जा सकने वाली अपील हार गए हैं. मीर पहले भी विवादों में फंस चुकी हैं. पिछले सप्ताह जब वह काउंसिल की बैठक में शामिल होने के लिए गई थीं, तब अपनी कार को विकलांगों के लिए बने स्थान पर अवैध रूप से पार्क करने के लिए पकड़ी गई थीं. 

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Anant Narayan Shukla

लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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