Turkey Earthquake: तुर्किये और सीरिया में भूकंप से अबतक 33 हजार से अधिक लोगों की मौत, शोक बदल रहा आक्रोश में

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 13 Feb 2023 6:45 AM

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तुर्किये और सीरिया में 6 फरवरी को दो बड़े विनाशकारी भूकंप आये थे. जिसमें अबतक 33,179 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 92,600 से अधिक लोग घायल हुए हैं. बचाव अभियान अभी जारी है. मलबे के नीचे दबे लोगों को बचाने के लिए बचावकर्मी पिछले पांच दिन से कड़ाके की ठंड में लगातार मशक्कत कर रहे हैं.

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सीरिया और तुर्किये में आये शक्तिशाली भूकंप से मरने वालों की संख्या बढ़कर 33 हजार से ज्यादा हो गयी है. यह जानकारी न्यूज एजेंसी एएफआई के हवाले से आ रही है. इधर तुर्किये में भूकंप को लेकर शोक अब तनाव और आक्रोश का रूप लेता जा रहा है.

तुर्किये और सीरिया में भूकंप से अबतक 33,179 की मौत, 90 हजार से अधिक लोग घायल

तुर्किये और सीरिया में 6 फरवरी को दो बड़े विनाशकारी भूकंप आये थे. जिसमें अबतक 33,179 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 92,600 से अधिक लोग घायल हुए हैं. बचाव अभियान अभी जारी है. मलबे के नीचे दबे लोगों को बचाने के लिए बचावकर्मी पिछले पांच दिन से कड़ाके की ठंड में लगातार मशक्कत कर रहे हैं.

लोगों ने राहत-बचाव कार्य पर उठा रहे सवाल

33,179 से अधिक लोगों की जान लेने वाले विनाशकारी भूकंप के छह दिनों बाद लोगों में शोक और अविश्वास अब तनाव तथा आक्रोश में बदल गया है. लोगों का आरोप है कि ऐतिहासिक आपदा से निपटने में अप्रभावी, अनुचित और असंगत प्रयास किया जा रहा है. तुर्किये में बुहत से लोग अपनी हताशा व्यक्त कर रहे हैं कि बचाव अभियान निर्ममता की हद तक धीमी गति से चलाया गया जिससे मलबे के नीचे जीवित लोगों को खोजने के लिहाज से अहम समय बीत गया.

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भूकंप मामले में 130 से अधिक लोगों के खिलाफ जांच शुरू

तुर्किये में आये विनाशकारी भूकंप के छह दिनों बाद बचावकर्ताओं ने एक गर्भवती महिला और दो बच्चों समेत कुछ जीवित बचे लोगों को इमारतों के मलबे से निकाला. वहीं दूसरी ओर तुर्किये के न्याय अधिकारी अवैध निर्माण गतिविधियों में कथित तौर पर शामिल 130 से अधिक लोगों की जांच कर रहे हैं.

बचाव कार्य में देरी और धीमी गति से चलाये जाने के पीछे लग रहे ऐसे आरोप

सीरियाई सीमा के पास दक्षिणी हाते प्रांत में लोगों ने आरोप लगाया कि तुर्किये सरकार ने सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्रों में मदद पहुंचाने में देरी की. उन्होंने संदेह जताया है कि ऐसा किये जाने की वजह राजनीतिक और धार्मिक दोनों थी. दक्षिण-पूर्वी तुर्किये के आदियामन में एलिफ बुसरा ओजटर्क शनिवार को एक इमारत के मलबे के बाहर इंतजार कर रही थीं, जहां उसके चाचा और चाची फंसे थे. वह कहती हैं, तीन दिनों से, मैंने बाहर मदद के लिए इंतजार किया. लेकिन कोई नहीं आया. वहां इतनी कम संख्या में बचाव टीम थीं कि वे केवल उन्हीं स्थानों पर हस्तक्षेप करती थीं, जहां उन्हें यकीन होता था कि कोई जीवित व्यक्ति है.

तुर्किये के राष्ट्रपति ने आरोप को बताया झूठा

तुर्किये के राष्ट्रपति रजब तैयप एर्दोआन ने कहा कि भूकंप से प्रभावित 10 प्रांतों में राहत और बचाव कार्य जारी थे. उन्होंने सेना जैसे संस्थानों से कोई मदद नहीं मिलने के आरोपों को झूठा, फर्जी और बदनाम करने वाला बताया.

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लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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