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Afghanistan Crisis: तालिबान ने पत्रकारों की बेरहमी से की पिटाई, महिलाओं पर भी बरसाये कोड़े

बीते कुछ दिनों से अफगानिस्तान के अलग-अलग इलाकों में तालिबान के खिलाफ लोगों का आक्रोश प्रदर्शन के रुप में बाहर आ रहा है. इधर, तालिबान भी और सख्ती बरतते हुए प्रदर्शन करने वालों और उसे कवर करने वाले पत्रकारों पर कोड़े बरसा रहा है.

By Prabhat khabar Digital
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तालिबान ने पत्रकारों की बेरहमी से की पिटाई
तालिबान ने पत्रकारों की बेरहमी से की पिटाई
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अफगानिस्तान में तालिबान ने अपना पुराना रवैया फिर से अख्तियार कर लिया है. 20 साल बाद तालिबानी शासन आने के बाद से ही आम लोगों पर जुल्म हर दिन बढ़ रहे हैं. हालांकि, इस बार तालिबान के खिलाफ वर्षों से लोगों की दबी जुबान अब खुलने लगी है. बीते कुछ दिनों से अफगानिस्तान के अलग-अलग इलाकों में तालिबान के खिलाफ लोगों का आक्रोश प्रदर्शन के रुप में बाहर आ रहा है. इधर, तालिबान भी और सख्ती बरतते हुए प्रदर्शन करने वालों और उसे कवर करने वाले पत्रकारों पर कोड़े बरसा रहा है.

गौरतलब है कि तालिबान के खिलाफ अपने हक की मांग कर रही महिलाओं पर तालिबान ने जमकर कहर बरसाया. तालिबानी लड़ाकों ने उन्हें पीटा. इस पिटाई में कई महिलाएं जख्मी हो गई. वहीं, महिलाओं के प्रदर्शन को कवर रहे पत्रकारों पर भी तालिबानी कहर टूटा. लड़ाकों ने उन्हें भी जमकर पीटा. प्रदर्शन में शामिल होने जा रहीं महिलाओं को तालिबान ने काबुल स्थित अजीजी बैंक के बेसमेंट में बंद कर दिया. यहां भी महिलाओं को परेशान किये जाने की खबर है.

तालिबानी शासन में शामिल ज्यादातर मंत्री यूएन से ब्लैकलिस्टेड: तालिबान की सरकार में शामिल ज्यादातर मंत्री यूएन से ब्लैकलिस्टेड है. अफगानिस्तान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री मुल्ला हसन अखुंद, उनके दो उपप्रधानमंत्रियों समेत तालिबान की अंतरिम सरकार के कम-से-कम 14 सदस्य संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की काली सूची में हैं जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ गयी है.

वैश्विक आतंकवादी घोषित सिराजुद्दीन हक्कानी को कार्यवाहक गृहमंत्री बनाया गया है, वहीं सिराजुद्दीन हक्कानी के चाचा खलील हक्कानी को शरणार्थी मामलों का कार्यवाहक मंत्री नामित किया गया है. कार्यवाहक रक्षामंत्री मल्ला याकूब, कार्यवाहक विदेश मंत्री मुल्ला अमीर खान मुत्ताकी, उपविदेश मंत्री शेर मोहम्मद अब्बास स्टेनिकजई भी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1988 की प्रतिबंध समिति के तहत सूचीबद्ध हैं.

बता दें, तालिबानी प्रतिबंधों काबुल में बीते दिन महिलाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया. इस दौरान तालिबानियों ने महिलाओं को रोककर विरोध प्रदर्शन नारेबाजी बंद करने को कहा, लेकिन वे नहीं मानीं. इसके बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए तालिबानी लड़ाकों ने महिलाओं पर ताबड़तोड़ कोड़े बरसाने शुरू कर दिये. इतना ही नहीं, सड़क से गुजर रही लड़कियों को भी लड़ाकों ने बेरहमी से पीटा. इस पिटाई में कई महिलाएं गंभीर रुप से घायल हो गईं.

Posted by: Pritish Sahay

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