दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति यून सुक येओल की टेंशन बढ़ी, गिरफ्तारी वारंट जारी
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 31 Dec 2024 9:05 AM
दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति यून सुक येओल
South Korea : दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति यून सुक येओल की टेंशन बढ़ चुकी है. कोर्ट ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है.
South Korea : दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति यून सुक येओल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है. कोर्ट ने महाभियोग का सामना कर रहे येओल को हिरासत में लेने तथा उनके दफ्तर की तलाशी लेने के लिए वारंट जारी किया है. देश की एंटी करप्शन एजेंसी की ओर से यह जानकारी दी गई है. हाई रैंकिंग ऑफिसियल्स के खिलाफ करप्शन के मामलों की जांच करने वाले दफ्तर की ओर से एक बयान जारी किया गया है. बयान में बताया कि ‘सियोल वेस्टर्न डिस्ट्रिक्ट कोर्ट’ ने इस महीने की शुरुआत में लागू किए गए शॉर्ट टर्म मार्शल लॉ संबंधी मामले में यून सुक येओल को हिरासत में लेने और राष्ट्रपति कार्यालय की तलाशी लेने के लिए वारंट जारी किया था.
एजेंसी ने कहा कि वह इस बात की जांच कर रही है कि तीन दिसंबर को उनके द्वारा लगाया गया शॉर्ट टर्म ‘मार्शल लॉ’ विद्रोह के समान था या नहीं. दक्षिण कोरियाई लॉ इन्फोर्समेंट अधिकारियों ने येओल को हिरासत में लेने के लिए सोमवार को कोर्ट वारंट जारी करने का अनुरोध किया था. येओल के वकील यून कैप-क्यून ने हिरासत में लिए जाने के इस प्रयास की निंदा की और इसे चुनौती देने के लिए ‘सियोल वेस्टर्न डिस्ट्रिक्ट कोर्ट’ में ही याचिका दायर की. उन्होंने दलील दी कि वारंट की मांग पूरी तरह से अवैध है.
यून पूछताछ के लिए उपस्थित होने के ज्वाइंट इन्वेस्टिगेशन टीम के कई अनुरोधों को पहले टाल चुके हैं. उन्होंने अपने कार्यालयों की तलाशी की प्रक्रिया में भी बाधा डाला. इसके बाद वारंट की मांग की गई. यून के खिलाफ पुलिस और सेना के अथॉरिटी की ज्वाइंट टीम जांच कर रही है. दक्षिण कोरिया में शॉर्ट टर्म मार्शल लॉ लागू करने का आदेश देने पर ‘नेशनल असेंबली’ में राष्ट्रपति यून सुक येओल के खिलाफ लाया गया महाभियोग का प्रस्ताव 14 दिसंबर को पारित हो गया था.
इसके बाद राष्ट्रपति के तौर पर यून की शक्तियां को तब तक के लिए निलंबित कर दिया गया, जब तक कि संवैधानिक कोर्ट उन्हें पद से हटाने या उनकी शक्तियों को बहाल करने का फैसला नहीं सुना देती.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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