Rishi Sunak: ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री होंगे भारतीय मूल के ऋषि सुनक, जानें भारत-पाक से क्या है कनेक्शन

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भारतीय मूल के सुनक ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं. दिवाली के देर शाम ऋषि सुनक कंजरवेटिव पार्टी का निर्विरेध नेता चुना गया. बता दें कि सुनक सबसे कम उम्र के ब्रिटिश प्रधानमंत्री बन इतिहास रचेंगे.

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ब्रिटेन की राजनीति में अपना लोहा मनवाने वाले ऋषि सुनक इन दिनों सुर्खियों में हैं. केवल 7 हफ्ते के भीतर कंजरवेटिव पार्टी के उच्च पद की रेस में मात खाने के बाद ऋषि सुनक ने ब्रिटेन की राजनीति में शानदार वापसी की है. दरअसल, भारतीय मूल के सुनक ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं. दिवाली के देर शाम ऋषि सुनक कंजरवेटिव पार्टी का निर्विरेध नेता चुना गया. बता दें कि सुनक सबसे कम उम्र के ब्रिटिश प्रधानमंत्री बन इतिहास रचेंगे.

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जानें लें ऋषि सुनक का परिचय

ऋषि सुनक का जन्म 12 मई 1980 को हुआ था. सुनक के माता-पिता सेवानिवृत्त डॉक्टर यशवीर और फार्मासिस्ट उषा सुनक भारतीय मूल के हैं और 1960 के दशक में केन्या से ब्रिटेन आए थे. सुनक की शादी इंफोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति की बेटी अक्षता मूर्ति से हुई है. सुनक दंपति की दो बेटियां हैं. सुनक का जन्म साउथेम्प्टन में हुआ था. सुनक के दादा-दादी भारत में ब्रिटिश शासन के दौरान पैदा हुए थे, लेकिन उनका जन्मस्थान अब पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित गुजरांवाला में पड़ता है.

राजनीति में ऐसे बढ़ा सुनक का कद

ब्रिटेन की राजनीति में ऋषि सुनक का नाम सबसे अमीर सांसदों की सूची में शामिल है. सुनक ने साल 2015 में पहली बार सांसद का चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. उन्होंने यूके के यॉर्कशर के रिचमंड सीट से जीत हासिल की थी. ब्रिटेन की राजनीति में ब्रेग्जिट का समर्थन करने के बाद सुनक सुर्खियों में आए थे. ऐसा माना जाता है कि समर्थन के फैसले के बाद से सुनक की राजनीति में कद काफी बढ़ी थी. सुनक ने पूर्व प्रधानमंत्री टेरिजा की सरकार में भी जूनियर मंत्री का पद संभाला था. इसके अलावा वे साल 2019 में बोरिस जॉनसन की सरकार में वित्त मंत्री का पद संभाल चुके हैं.

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कृष्ण के भक्त है सुनक

हिंदू धर्म को मानने वाले ऋषि सुनक भगवान कृष्ण के भक्त भी हैं. बता दें कि, जब वे पहली बार सांसद बने थे, तब उन्होंने भगवत गीता पर हांथ रखकर शपथ ली थी. सुनक ने कई बार अपने संबोधन में भीभगवत गीता का जिक्र किया है. उनका मानना है कि, भगवत गीता उन्हें काम करने के लिए प्रेरित करती है. वहीं, बोरिस की सरकार में वित्त मंत्री रहने के दौरान भी सुनक ने धूमधाम से दिवाली मनाई थी.

(भाषा- इनपुट के साथ)

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