Pakistan Crisis : क्या करेगी शहबाज सरकार ? पाकिस्तान में अब बढ़ा बेरोजगारी का संकट

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Pakistan Crisis : रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी के सीईओ ने बताया कि अगस्त 2022 में केंद्रीय बैंक ने पिछले साल के आयात के मुकाबले 38 फीसदी का कोटा तय किया था, लेकिन लालफीताशाही के चलते स्थिति और भी खराब हो गयी.

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Pakistan Crisis : पाकिस्तान में संकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. आयात पर रोक लगाकर व्यापार घाटा कम करने की कोशिश के कारण बेरोजगारी का संकट तेजी से बढ़ रहा है. इस संबंध में एक रिपोर्ट आयी है. समाचार पत्र डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, बड़ी संख्या में कंपनियां कच्चे माल की कमी के कारण उत्पादन को कम कर रही हैं या परिचालन बंद कर रही है. दर्जनों कंपनियों ने हाल के महीनों में उत्पादन बंद करने के नोटिस जारी किये हैं.

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रिपोर्ट में कहा गया कि व्यापार संतुलन में सुधार के लिए कच्चे माल के आयात पर अंकुश लगाना एक बड़े संकट को जन्म दे रहा है. एक निजी कंपनी डावलेंस की सभी उत्पादन इकाइयां 2023 की शुरुआत से ही बंद हैं. कंपनी को मई 2022 में आयात-संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ा था.

….तो पूरा निर्यात रुक जाता

रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी के सीईओ ने बताया कि अगस्त 2022 में केंद्रीय बैंक ने पिछले साल के आयात के मुकाबले 38 फीसदी का कोटा तय किया था, लेकिन लालफीताशाही के चलते स्थिति और भी खराब हो गयी. उन्होंने कहा कि अगर किसी उपकरण का एक छोटा सा पुर्जा नहीं है, तो पूरा निर्यात रुक जाता है. इस तरह उत्पादन पूरी तरह थम गया है.

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निर्यात में भी 23 प्रतिशत की गिरावट

जानेमाने अर्थशास्त्री हाफिज ए पाशा के मुताबिक पाकिस्तान में बेरोजगारी दर 2022-23 के अंत में बढ़कर 10 प्रतिशत हो जाएगी. आंकड़ों के मुताबिक फरवरी में सालाना आधार पर निर्यात में भी 23 प्रतिशत की गिरावट आयी है.

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