हमास से जंग का एक साल: उजड़ गया गाजा! लेबनान में भारी तबाही, ईरान से भी टक्कर, देखें पूरा लेखा-जोखा

Published by : Pritish Sahay Updated At : 07 Oct 2024 5:32 PM

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Israel vs hamas Lebanon iran war

Israel vs hamas Lebanon iran war: इजरायल और हमास की जंग को आज एक साल पूरा हो गया है. इस एक साल की जंग इजराइल हमास के साथ-साथ हिजबुल्लाह के ठिकानों पर भी बम बरसा रहा है. वहीं स्थिति ऐसी बन रही है कि कभी भी इजराइल का ईरान से जंग छिड़ सकता है.

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Israel vs Hamas Lebanon Iran War: 7 अगस्त 2023 को गाजा पट्टी के रास्ते इजरायल में घुसकर हमास के लड़ाकों ने कत्लेआम किया था. इसके बाद इजराइल ने हमास के खिलाफ अटैक कर दिया. हमास के हमले को आज एक साल पूरे हो गये हैं. इन बीते एक साल में इजराइल ने गाजा पर बेरहमी से हमला किया है. जर्रे-जर्रे पर बम बरसाए गए. इजराइल ने जंग की शुरुआत के साथ ही कह दिया था कि अब यह लड़ाई हमास के खात्मे के बाद ही रुकेगी. इजराइल एक साल से बिना रुके, बिना थके गाजा पर हमला कर रहा है. गाजा के अलावा इजराइल ने अपने निशाने पर हिजबुल्लाह और हूती को ले लिया है. लेबनान स्थित हिजबुल्लाह के ठिकानों पर इजराइल रात दिन बम बरसा रहा है. 7 अक्टूबर को जो घाव इजराइल को हमास ने दिया था उसकी कीमत हमास के साथ-साथ गाजा के लोग भी चुका रहे हैं.

41 हजार से ज्यादा लोगों की मौत
हमास पर इजराइल के हमले में अब तक 41 हजार लोगों फलस्तीनी लोगों की जान चली गई है. गाजा की 23 लाख की आबादी में से अधिकांश लोग विस्थापित हो गए हैं. युद्ध ने गाजा में जगह-जगह तबाही के निशान छोड़े हैं. इजरायल का दावा है कि हमास के साथ जंग में इजराइल ने 17,000 से अधिक हमास लड़ाकों को मार गिराया है. इधर गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि इजरायली हमलों में 41,000 से ज्यादा फिलिस्तीनी नागरिक मारे गए हैं. आईडीएफ ने दावा किया है कि उसने हमास के ब्रिगेड कमांडर और बटालियन कमांडर को भी ढेर किया है.

इजराइल बनाम इस्लामिक राष्ट्र
इजराइल और हमास की जंग सिर्फ गाजा तक ही सीमित नहीं रही. युद्ध जैसे जैसे आगे बढ़ ये अपनी चिंगारी कई संगठनों और देशों तक पहुंची. जंग की आग ईरान, लेबनान, यमन, इराक और सीरिया तक पहुंची. हमास के समर्थन में लेबनान का आतंकी संगठन हिज्बुल्लाह ने इजराइल पर रॉकेट से हमला किया. जिसके बाद इजराइल ने लेबनान स्थित हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमला करना शुरू कर दिया. इजराइल की सेना ने हूतियों के ठिकानों पर भी हमला किया. वहीं इजराइल पर इससे नाराज होकर ईरान ने दो बार मिसाइलों से बड़ा हमला किया है. जिसके बाद ईरान और इजराइल का तनाव चरम पर है.

हमास के 40300 ठिकानों पर हमला
इजरायली सेना ने कहा है कि बीते एक साल में इजराइल ने गाजा पट्टी में 40300 ठिकानों को निशाना बनाया है. गाजा के 40000 से ज्यादा ठिकानों को इजराइल ने टारगेट किया. करीब 5 हजार सुरंगों को तबाह किया गया. ऐसा नहीं कि इसकी कीमत इजराइल को नहीं चुकानी पड़ी है. इजराइल पर हमास, लेबनान, हूति और ईरान की ओर से मिसाइल से हमला किया गया है. हमास ने इजराइल पर 13 हजार से ज्यादा रॉकेट दागे हैं. वहीं 12 से ज्यादा रॉकेटों से लेबनान ने हमला किया है. इसके अलावा करीब 400 मिसाइल ईरान की ओर से इजराइल पर दागे गए हैं.

ईरान इजराइल में छिड़ सकता है भयंकर जंग
इजराइल और हमास की जारी जंग के बीच ईरान और इजराइल में भयंकर जंग छिड़ने के पूरे आसार बनने लगे है. ईरान इजराइल पर 400 से ज्यादा मिसाइलों से हमला कर चुका है. एक इजराइल भी पलटवार करने पर विचार कर रहा है. अगर ऐसा होता है तो खाड़ी इलाके में एक भयंकर युद्ध छिड़ सकता है.

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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