अब यूक्रेन की खैर नहीं! रूस का साथ देगा दुनिया का सबसे बड़ा तानाशाह, 30000 सैनिकों के साथ जंग में एंट्री

Published by : Pritish Sahay Updated At : 03 Jul 2025 5:57 PM

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Russia Ukraine War

Russia Ukraine War: यूक्रेन के साथ युद्ध में उलझे रूस को उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने बड़ी मदद भेजने का फैसला किया है। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर कोरिया ने पुतिन की खातिर लड़ने के लिए 30,000 अतिरिक्त सैनिक भेजेगा। सीएनएन ने यूक्रेनी खुफिया दस्तावेजों के हवाले से बताया है कि ये सैनिक नवम्बर तक रूस पहुंच सकते हैं।

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Russia Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग में अब उत्तर कोरिया की सीधी एंट्री हो रही है. उत्तर कोरिया के तानाशाह शासक किम जोंग इस जंग में रूस की मदद के लिए अपने 30,000 अतिरिक्त सैनिक भेज सकता है. सीएनएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस साल नवंबर तक उत्तर कोरिया 25 से 30 हजार अतिरिक्त सैनिकों को रूस की सहायता के लिए जा सकते हैं.  रिपोर्ट के मुताबिक यूक्रेन के खुफिया दस्तावेजों से जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक रूसी सेना को मजबूती देने और जंग में मॉस्को की मदद करने के लिए उत्तर कोरिया अपने सैनिकों को भेज रहा है. ये सैनिक रूस के कुर्स्क क्षेत्र में यूक्रेन की घुसपैठ को रोकने में रूसी सेना की मदद कर सकते हैं.

उत्तर कोरिया कर रहा है रूस की मदद

सेटेलाइट चित्रों में उत्तर कोरियाई सैनिकों की तैनाती के लिए जो जहाज का इस्तेमाल किया गया था वो एक बार फिर रूसी बंदरगाह पर खड़ा दिखाई दे रहा है. और कार्गो विमानों के पैटर्न से पता चल रहा है कि सैनिकों को ले जाने वाले रूट भी एक्टिव थे. रूस की यूक्रेन के साथ जंग में उत्तर कोरिया पहले भी रूस की मदद करता आया है. बीते साल उत्तर कोरिया ने गुपचुप अपने 11000 सैनिकों को रूस भेजा था. बाद में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस तैनाती की पुष्टि की थी. बीते साल अक्तूबर महीने  में प्रिमोर्स्की क्राय के सर्गेवका सैन्य अड्डे पर उत्तर कोरियाई सैनिकों को अग्रिम मोर्चे के लिए उपकरण सौंपते हुए तस्वीरें भी सामने आई थीं.

रूस और यूक्रेन के बीच जारी है घमासान लड़ाई

रूस और यूक्रेन के बीच तीन सालों से ज्यादा समय से युद्ध जारी है. दोनों देश एक दूसरे पर हमला कर रहे हैं. इसी बीच गुरुवार को यूक्रेन सेना के हमले में रूसी नौसेना के उप प्रमुख मेजर जनरल मिखाइल गुडकोव के मारे जाने की खबर आ रही है. यूक्रेन सेना से जुड़े एक टेलीग्राम चैनल पर मिखाइल गुडकोव  के मारे जाने की पुष्टि की गई है. कुर्स्क क्षेत्र के कोरेनेवो में एक कमांड पोस्ट पर  मिखाइल गुडकोव तैनात थे. बताया जा रहा है कि यूक्रेन की ओर से किए गए हमले में 10 अन्य सैनिकों की मौत हो गई है.  

यूक्रेन को हो रही है हथियारों की कमी

रूस से जारी युद्ध के बीच यूक्रेन की सेना को हथियारों की कमी से जूझना पड़ रहा है. अमेरिका से यूक्रेन को हथियारों की सप्लाई नहीं हो पा रही है. कुछ समय पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा था कि अगर अमेरिका हथियार की आपूर्ति पर रोक लगाता है तो इसका फायदा रूस को होगा. दरअसल, अमेरिका ने अपने हथियारों के भंडार में कमी होने का हवाला देते हुए यूक्रेन को भेजे जाने वाले कुछ हथियारों की खेप की आपूर्ति रोक दी है. अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने अमेरिका के हथियार भंडार की समीक्षा किए जाने और इसमें कमी को लेकर चिंता जताए जाने के बाद यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति रोकी गई है. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के नेतृत्व वाले प्रशासन ने यूक्रेन को कुछ हथियार देने का वादा किया था ताकि वह रूस के खिलाफ जारी युद्ध में अपनी सुरक्षा कर सके.

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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