Nepal Air Crash: 76 साल, 96 विमान दुर्घटनाएं, 800+ मौत! क्या नेपाल के ऊंचे पहाड़ कर लेते हैं विमान का शिकार?
Published by : Rajeev Kumar Updated At : 15 Jan 2023 5:50 PM
nepal air crash - बीते वर्षों में नेपाल के विमान हादसों की बात करें तो मई 2022 में तारा एयर की उड़ान के सभी 22 यात्री एक दुर्घटना में मारे गए थे. उससे पहले मार्च 2018 में यूएस-बांग्ला एयरलाइंस द्वारा संचालित एक विमान काठमांडू एयरपोर्ट के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें 51 लोगों की मौत हो गई थी.
Nepal Aircraft Crash: नेपाल के पोखरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Pokhara International Airport) पर एक विमान दुर्घटनाग्रस्त (aircraft crashes) हो गया है. इस विमान पर 72 लोग सवार थे और अब तक 68 शव बरामद कर लिये गए हैं. विमान में चार भारतीय भी सवार थे. येति एयरलाइंस (Yeti Airlines) का ANC ATR 72 विमान पश्चिमी नेपाल की पोखरा नगरी में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. आग की लपटों में घिरे दुर्घटनास्थल से शवों को बरामद किया जा रहा है. फिलहाल बचाव कार्य जारी है.
नेपाल में विमान दुर्घटनाओं का लंबा इतिहास रहा है. इन हादसों में सैकड़ों लोगों की जानें जा चुकी हैं. ऐसा मुख्य रूप से ऊंचे पहाड़ों की वजह से है, जिससे मौसम के पैटर्न में अचानक बदलाव देखा जाता है. बीते कुछ वर्षों में नेपाल के विमान हादसों की बात करें, तो मई 2022 में तारा एयर की उड़ान के सभी 22 यात्री एक दुर्घटना में मारे गए थे. उससे पहले मार्च 2018 में, यूएस-बांग्ला एयरलाइंस द्वारा संचालित एक विमान काठमांडू एयरपोर्ट के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें 51 लोगों की मौत हो गई थी.
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28 सितंबर, 1992 को पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (Pakistan International Airlines) की फ्लाइट- 268 काठमांडू के त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास आते ही दुर्घटनाग्रस्त हो गई. इस विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से उसमें सवार सभी 167 लोगों की जान चली गई थी. फ्लाइट 268 पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस के इतिहास में सबसे घातक दुर्घटना थी और साथ ही नेपाल में सबसे खराब विमान दुर्घटनाओं में से एक थी. यह उड़ान पाकिस्तान के कराची में जिन्ना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से शुरू हुई थी.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नेपाल में पिछले 76 सालों में विमान दुर्घटनाओं में सैकड़ों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. नेपाल में पिछले 76 सालों में 96 विमान दुर्घटनाएं हुई हैं. ज्यादातर दुर्घटनाओं का जिम्मेदार ऊंची पहाड़ियों और तकनीकी खराबी को ठहराया जाता है. 1946 से आज तक नेपाल में हुए विमान दुर्घटनाओं में अब तक 800 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. 7 मई 1946 को पहला विमान हादसा ब्रिटेन के रॉयल फोर्स का हुआ था और इसमें 14 सैनिकों ने जान गंवा दी थी.
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