ईरान के अंदर बैठे हैं हमारे जासूस, मोसाद के पूर्व चीफ की रिकॉर्डिंग लीक, सामने आईं ढेरों जानकारी

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योशी कोहेन और अली खामनेई. फोटो- एक्स

Israel Spies inside Iran claims Mossad Chief: इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद के पूर्व चीफ ने खुलासा किया है कि इजरायली एजेंट्स ईरान के अंदर हैं. उन्होंने इस तरह की कई बातें एक निजी कार्यक्रम के दौरान कहीं, जिसकी रिकॉर्डिंग एक इजरायली अखबार ने होने का दावा किया है.

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Israel Spies inside Iran claims Mossad Chief: इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष का इतिहास काफी पुराना है. दोनों देश पिछले महीनों में खुले तौर पर संघर्ष में आ गए थे. हालांकि यह तनाव अब तक अप्रत्यक्ष रूप से प्रॉक्सीज के जरिए लड़ा जा रहा था. जहां ईरान हिजबुल्लाह, हमास और हूथी विद्रोहियों का उपयोग कर रहा था, तो वहीं इजरायल अपने खुफिया अभियानों के जरिए इस्लामिक मुल्क में कार्रवाइयां कर रहा था. भले ही दोनों देशों के बीच अब शांति दिख रही हो, लेकिन अंदर ही अंदर बदले की आग दोनों देशों के राजनीति नेतृत्व में सुलग रही है. इसी बीच इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद के पूर्व निदेशक ने बड़ा खुलासा किया है. योसी कोहेन ने कहा है कि एजेंसी ने ईरान के भीतर ही सक्रिय, विशेष यूनिटें तैनात कर रखी हैं.

टाइम्स ऑफ इजरायल की एक रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने एक निजी सम्मेलन में कुछ बातों का खुलासा किया. इसकी रिकॉर्डिंग Haaretz अखबार के पास है. क्लिप में Cohen कहते सुनाई देते हैं कि ईरान ऐसी जगह नहीं है जहां हम परोक्ष रूप से काम करते हैं. इस महीने की शुरुआत में आयोजित एक लिमिटेड लोगों वाले सम्मेलन में उन्होंने स्थानीय लोगों का जिक्र किया जो इजरायल के निर्देश पर दूर से काम करते हैं. हारेत्ज के अनुसार, उन्होंने कहा कि मोसाद का काम अंदर जाकर भर्ती करना और खुफिया जानकारी हासिल करना है.

‘ईरान का यूरेनियम कार्यक्रम अब भी चल रहा है’

हाल ही में जून 2025 में ईरान और इजरायल के बीच 12 दिन का युद्ध छिड़ा था. जिसका अंत अमेरिका के बी2बॉम्बर हमले से हुआ. अमेरिका ने ईरान के परमाणु हथियारों वाले स्थान पर हमला करने का दावा किया था. कोहेन ने यह भी खुलासा किया कि युद्ध के दौरान संभव है कि ईरान का पूरा यूरेनियम भंडार नष्ट नहीं हुआ हो. उन्होंने कहा- राष्ट्रपति ट्रम्प ने यूरेनियम भंडार के विनाश की बात कही थी. मैं कहता हूँ कि यदि पूरा नष्ट नहीं हुआ तो भी एक बहुत बड़ा हिस्सा जरूर नष्ट हुआ है. हालांकि, Cohen का आकलन यह है कि ईरान के पास अब भी समृद्ध यूरेनियम का भंडार मौजूद है और ईरानी शासन ने अपनी परमाणु महत्वाकांक्षा नहीं छोड़ी है.

सऊदी अरब के साथ होगा शांति समझौता

पूर्व मोसाद प्रमुख ने इस बातचीत के दौरान यह भी कहा कि सऊदी अरब के लिए इजरायल के साथ शांति समझौता संभव है, जिसमें फिलिस्तीनी मुद्दे को किसी तरह पीछे छोड़ देने का तरीका भी शामिल हो सकता है. कोहेन ने बताया कि इजरायल और सऊदी अरब के बीच औपचारिक संबंध स्थापित करने की प्रक्रिया उनके कार्यकाल के दौरान तेज होने लगी थी और वे इस मुद्दे पर क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से कई बार मिले थे. कोहेन ने कहा कि सऊदी नेतृत्व का मानना था कि इजरायल के साथ शांति समझौतासंभव है, जिसमें फिलिस्तीनी प्रश्न को नरम करने या हल्का दिखाने का तरीका खोजा जा सकता है.

फिलिस्तीनी मुद्दे पर हल निकालने पर बनेगी बात

कोहेन ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि क्राउन प्रिंस ऐसे किसी समझौते के लिए घरेलू समर्थन जुटा सकते हैं. उन्होंने यूएई और इजरायल के समझौते का उदाहरण देते हुए कहा कि कई अरब देश फिलिस्तीन के मुद्दे को अलग रखते हुए इजरायल के साथ औपचारिक संबंध बनाने का प्रयास कर चुके हैं. उनके अनुसार, सऊदी-अरब–इजरायल समझौता दोनों देशों को पहले सामान्यीकरण आगे बढ़ाने और बाद में फिलिस्तीनी मुद्दों को हल करने का अवसर देगा. हाल ही में एमबीएस अमेरिका के दौरे पर थे, जहां दोनों देशों के बीच सैन्य और  नगारिक परमाणु से जुड़े मामलों पर समझौता हुआ. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा सुझाए गए अब्राहम एकॉर्ड में शामिल होने पर सहमति जताई थी, लेकिन उन्होंने इस मुद्दे पर फिलीस्तीन के लिए भी बात की. 

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अनन्त नारायण शुक्ल

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अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं.

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अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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