Israel Hamas War: क्या दुनिया में मंडरा रहा है बड़े युद्ध का खतरा! इजराइल ने जारी की एडवाइजरी

Published by : Pritish Sahay Updated At : 21 Oct 2023 5:38 PM

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Smoke rises from an explosion on the Islamic National Bank following an Israeli air strike in Gaza City, at Gaza City, Sunday, Oct. 8, 2023. The militant Hamas rulers of the Gaza Strip carried out an unprecedented, multi-front attack on Israel at daybreak Saturday, firing thousands of rockets as dozens of Hamas fighters infiltrated the heavily fortified border in several locations, killing hundreds and taking captives. Palestinian health officials reported scores of deaths from Israeli airstrikes in Gaza. AP/PTI(AP10_09_2023_000003A)

Israel Hamas War: इजरायल और हमास के बीच छिड़ा युद्ध तेज होता जा रहा है. जमीनी कार्रवाई के लिए इजराइल की सेना गाजा सीमा पर खड़ी है. एक आदेश मिलते ही IDF के जवान गाजा के अंदर घुस जाएंगे. 7 अक्टूबर को शुरू हुआ युद्ध अब ऐसे मोड़ पर आ गया है जहां दुनिया के कई ताकतवर देश अलर्ट मोड पर आ गये हैं.

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Israel Hamas War: इजराइल और हमास की जंग को दो हफ्ते से ज्यादा हो रहे हैं, लेकिन इजराइल का हमला लगातार जारी है. गाजा पट्टी में हमास के कई ठिकानों को इजराइल टारगेट कर रहा है. इस बीच इस्लामिक देशों का रुख भी इजराइल को लेकर बिगड़ता जा रहा है. इसी कड़ी में इजरायल के विदेश मंत्रालय ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी किया है. एडवाइजरी में इजराइल ने अपने लोगों से मुस्लिम देशों की यात्रा करने से परहेज करने की सलाह दी है. इजराइल विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि अग्रिम सूचना तक किसी भी मध्य पूर्व के देश या अरब देश, तुर्की, मिस्र, जॉर्डन, बहरीन, मोरक्को और यूएई की यात्रा करने से बचें.

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दो धुरी में बंट रहे हैं दुनिया के देश
गौरतलब है कि इजराइल और हमास के बीच जारी जंग के बीच दुनिया के देश दो धुरी में बंटने लगे हैं. इस्लामिक देशों के कई संगठन जहां हमास के समर्थन में इजराइल के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. ईरान, लेबनान जैसे देश इजराइल के बहिष्कार की भी मांग करने लगे हैं. इधर, अमेरिका समेत अन्य यूरोपीय देश इजराइल के समर्थन में खड़े हैं. अमेरिका ने तो इजराइल के समर्थन में अपने सबसे बड़े समुद्री बेड़े को भूमध्य सागर में इजराइल के करीब खड़ा कर दिया है. उसके कई और युद्धपोत भी इजराइल की मदद के लिए खड़े हैं. इसके अलावा वो हथियारों से भी मदद कर रही है.

मिस्र ने खोल दिया राफा बॉर्डर
हमास और इजराइल की लड़ाई में सबसे ज्यादा मुसीबत गाजा पट्टी में रहने वाले अरब के लोगों को हो रहा है. इजराइल के हमलों में उनकी जान जा रही है, घर टूट रहे हैं और खाने पीने के सामानों की घोर किल्लत हो गई है. हालांकि इन सबके बीच राहत की खबर है कि मिस्र और गाजा के बीच की सीमा आज यानी शनिवार को खोल दी गई है. इजराइली घेराबंदी वाले क्षेत्र में भोजन, दवा और पानी की कमी से जूझ रहे फलस्तीनियों के लिए सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई. गाजा जाने के लिए 200 से अधिक ट्रक करीब  3,000 टन सहायता सामग्री लिए कई दिनों से सीमा पर खड़े थे.  एसोसिएटेड प्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक राहत सामग्रियों से भरे इन ट्रकों को फिलिस्तीन के अंदर प्रवेश करा दिया गया है.

क्या छिड़ सकता है तीसरा विश्व युद्ध
इजराइल और हमास के बीच छिड़ा जंग समय के साथ तेज होता जा रहा है. इजराइल के हवाई हमले से गाजा की इमारतें जमींदोज हो रही हैं. आम लोगों की जान भी जा रही है. इस्लामिक देशों की ओर से हमले का पूरजोर विरोध भी हो रहा है.  इधर, ईरान खुलकर हमास का साथ दे रहा है. उसपर आतंकियों को रॉकेट और हथियारों की सप्लाई करने का भी आरोप है. इसके अलावा अमेरिकी से ईरान के रिश्ते भी तल्ख ही चल रहे हैं. ऐसे में ये जंग और पेचीदा होती जा रही है. हालांकि अमेरिका और यूरोप के देश काफी सावधानी से कदम रख रहे हैं. एक छोटी सी गलती युद्ध का आगाज कर सकती है. इसी कारण अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन सऊदी अरब से लेकर यूएई, मिस्र और जॉर्डन से लगातार संपर्क में  हैं.

जमीनी हमले की तैयारी
गाजा पट्टी की सीमा पर इजराइल के 3 लाख से ज्यादा फौज खड़ी है. एक आदेश के इंतजार में पूरी सेना है.  नेतन्याहू का संकेत मिलते ही इजराइल की सेना गाजा के अंदर दाखिल हो जाएगी. अगर ऐसा होता है तो युद्ध और भी भीषण हो सकता है, क्योंकि कई इस्लामिक देश पहले ही इजराइल के हमले से गुस्से में हैं, और अगर जमीनी कार्रवाई होती है तो माहौल और बिगड़ सकता है. ईरान इजराइल को पहले ही धमकी दे चुका कि अगर इजराइल की कार्रवाई जारी रही तो कई और मोर्चों पर युद्ध छिड़ सकता है. लेबनान की ओर से हिजबुल्लाह पहले ही रॉकेट से हमला कर रहा है. ऐसे में इनकार नहीं किया जा सकता है कि अगर युद्ध और लंबा खिंचा तो इस युद्ध में कई देशों के शामिल होने का खतरा बढ़ सकता है, जो आखिर में विश्वयुद्ध का भी रूप ले सकता है. 

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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