ईरान पर जोरदार प्रहार की तैयारी में अमेरिका, एयर स्ट्राइक के बाद जमीनी ऑपरेशन का प्लान?

अमेरिका कर सकता है ईरान पर बड़ा हमला, फोटो- पीटीआई
Iran US War: अमेरिका ईरान पर बड़े सैन्य प्रहार की तैयारी कर रहा है. ईरान पर अमेरिकी सेना जमीनी हमला भी कर सकती है. ऐसे में मिडिल ईस्ट की जंग के और गहराने की संभावना है.
Iran US War: ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच युद्ध अब 27 दिन पूरे कर चुका है. करीब चार हफ्तों से जारी इस संघर्ष में दोनों पक्षों की ओर से भीषण हमले किए जा रहे हैं. मिडिल ईस्ट में जो हालात बन रहे हैं उससे साफ है कि आने वाले दिनों में युद्ध और गहरा सकता है, क्योंकि अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपने सैनिक और रणनीतिक संसाधन बढ़ा रहा है. न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार यूएसएस त्रिपोली अपने लगभग 2500 नौसैनिकों के साथ इस क्षेत्र की ओर बढ़ चुका है. इसके साथ ही 82वीं एयरबोर्न बटालियन के कम से कम 1000 सैनिकों को भी मिडिल ईस्ट में तैनात किया जा रहा है.
अमेरिका ने कड़ा किया रुख
मिडिल ईस्ट में संघर्ष विराम के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति के 15 सुत्री ड्राफ्ट को ईरान ने खारिज कर दिया. राजनयिक प्रयास विफल होते और ईरान के कड़े रुख को देख अमेरिका भी अब तन रहा है. मौजूदा हालात में ऐसा माना जा रहा है कि अमेरिका का ध्यान शायद खार्ग द्वीप पर स्थित ईरान के तेल टर्मिनल या होर्मुज के पास के अन्य क्षेत्रों पर नियंत्रण हासिल करना हो. अतिरिक्त युद्ध पोत और सैनिकों की तैनाती तो इसी ओर इशारा कर रहा है.
ईरान के 10 हजार से अधिक टारगेट पर हमले का दावा
युद्ध के बीच अमेरिकी नौसेना के एडमिरल ब्रैड कूपर ने दावा किया है कि ईरान के खिलाफ जारी युद्ध में अमेरिकी बल ने अब तक 10,000 से अधिक टारगेट पर हमले कर चुका है. कूपर ने कहा- हमारे सटीक हमलों ने ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है. अमेरिकी हवाई हमला भी काफी असरदार साबित हुई हैं. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरानी नौसेना के सबसे बड़े पोतों में से 92 प्रतिशत जहाजों को नष्ट कर दिया है.
ईरान होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से वसूल सकता है शुल्क
उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान ने एक टोल नाका व्यवस्था लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है. इसमें कुछ जहाज होर्मुज से गुजरने के लिए चीनी मुद्रा युआन में भुगतान कर रहे हैं. ईरान की समाचार एजेंसियों फार्स और तसनीम के अनुसार सांसद मोहम्मदरेजा रेजाई कूची ने कहा कि संसद जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने देने के लिए शुल्क वसूलने की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने पर काम कर रही है. उन्होंने बताया- हम जहाजों को सुरक्षा प्रदान करते हैं, और यह स्वाभाविक है कि जहाज और तेल टैंकर इसके लिए शुल्क का भुगतान करें.
तेल की कीमतों में भारी उछाल
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान का नियंत्रण और खाड़ी क्षेत्र के ऊर्जा ठिकानों पर उसके लगातार हमलों ने तेल की कीमतों को तेजी से बढ़ा दिया है. इसके चलते वैश्विक ऊर्जा संकट की आशंकाएं भी बढ़ गई हैं. अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट कच्चा तेल गुरुवार की सुबह 104 अमेरिकी डॉलर पर कारोबार कर रहा था, जो युद्ध शुरू होने के दिन की तुलना में लगभग 40% ज्यादा है. (इनपुट भाषा)
Also Read:
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Pritish Sahay
12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




