ईरान ने मार गिराया अमेरिकी ड्रोन, बंदर अब्बास शहर के ऊपर देखे जाने का दावा

ड्रोन मार गिराए जाने की डेमो इमेज (सोर्स : ANI)
ईरान और अमेरिका के बीच जवाबी हमलों के बीच ईरान ने अमेरिकी ड्रोन मार गिराने का दावा किया है. इसके पहले अमेरिका ने बताया कि उसने ईरान के 140 ठिकानों पर बमबारी की है.
Iran Shoots Down US Drone : ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे जवाबी हमलों के बीच ईरान ने अमेरिकी ड्रोन मार गिराने का दावा किया है. एएनआई रिपोर्ट के हवाले से सेहर न्यूज एजेंसी (ईरान) ने बताया कि सोमवार को ईरान के एयर डिफेंस ने एक अमेरिकी सैन्य ड्रोन को मार गिराया है.
बंदर अब्बास के हवाई क्षेत्र में घूम रहा था अमेरिकी ड्रोन
एक आधिकारिक सैन्य ब्रीफिंग का हवाला देते हुए मेहर न्यूज ने बताया कि दक्षिण-पूर्वी ईरान में विमान-रोधी टुकड़ियां तैनात थी. जिन्होंने बंदर अब्बास काउंटी के हवाई क्षेत्र में घूम रहे 'लुकास टाइप' ड्रोन का पता लगाया, और उसका पीछा करते हुए उसे नष्ट कर दिया. ईरानी न्यूज एजेंसी ने बताया कि ड्रोन हमले की तैयारी में था, जिस वक्त उसे नष्ट किया गया.
क्या होता है लुकास टाइप ड्रोन?
लुकास (LUCAS) ड्रोन का पूरा नाम लो-कॉस्ट अनमैन्ड कॉम्बैट अटैक सिस्टम है, जो अमेरिकी सेना द्वारा विकसित किया गया एक कम लागत वाला "वन-वे अटैक" या आत्मघाती (कामिकाजे) ड्रोन है. इसे मुख्य रूप से अमेरिकी रक्षा विभाग और सेंट्रल कमान (CENTCOM) द्वारा मॉडर्न युद्ध की जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है.
बढ़ता जा रहा अमेरिका-ईरान तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. इसी बीच अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ अपने हालिया सैन्य अभियान का वीडियो जारी किया है. इस वीडियो में एयरक्राफ्ट शिप से लड़ाकू विमानों के उड़ान भरने और ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमले करते हुए दिखाया गया है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि 12 जुलाई को ईरान के कई ठिकानों पर कार्रवाई की गई. इन हमलों में ईरान की एयर डिफेंस सिस्टम, रडार, मिसाइल और ड्रोन से जुड़े ठिकानों के साथ-साथ सैन्य जहाजों को निशाना बनाया गया. CENTCOM के मुताबिक, इस ऑपरेशन में पहली बार समुद्री ड्रोन का भी इस्तेमाल किया गया.
अभियान का मकसद जहाजों की सुरक्षा : US
अमेरिका का कहना है कि इस अभियान का मकसद होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा करना था. अमेरिकी सेना के अनुसार, यह कार्रवाई उस कंटेनर जहाज पर हुए हमले के जवाब में की गई, जिस पर ईरान ने कथित तौर पर हमला किया था. उस हमले में जहाज में आग लग गई थी और चालक दल का एक सदस्य लापता हो गया था. अमेरिका ने साफ कहा कि होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का नियंत्रण नहीं है और वह इस समुद्री रास्ते को सुरक्षित रखने के लिए पूरी तरह तैयार है.
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ईरान ने बनाया अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना
वहीं, ईरान ने दावा किया कि उसने जवाबी कार्रवाई में जॉर्डन, बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. सोमवार सुबह बहरीन में मिसाइल हमले की चेतावनी देने वाले सायरन भी बजाए गए, हालांकि किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई. दूसरी ओर, ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया कि अमेरिकी हमलों के बाद देश के कई हिस्सों में विस्फोट हुए और कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई.
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