मिडिल ईस्ट में फिर भड़क सकती है जंग: लेबनान पर इजरायली हमले के बाद ईरान बोला- अब बातचीत का मतलब नहीं

Updated at : 09 Apr 2026 7:02 PM (IST)
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तस्वीर में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान.

Israel-Lebanon Conflict: मध्य पूर्व में शांति की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है. लेबनान पर इजरायल के ताजा हमलों के बाद ईरान ने अपनी सेना को हाई अलर्ट पर रखा है. ईरानी राष्ट्रपति ने इसे शांति समझौते के साथ धोखा बताते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है, जिससे पूरे क्षेत्र में युद्ध का खतरा बढ़ गया है.

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Israel-Lebanon Conflict: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने लेबनान पर इजरायल के हालिया सैन्य हमलों की कड़ी निंदा की है. उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि इजरायल का यह कदम मौजूदा सीजफायर समझौते का सीधा उल्लंघन है. मिडिल ईस्ट या मध्य पूर्व एशिया, यूरोप और अफ्रीका के बीच स्थित एक महत्वपूर्ण ज्योग्राफिकल लोकेशन है, जो अपनी तेल संपदा, प्राचीन इतिहास और जटिल अंतरराष्ट्रीय राजनीति के लिए दुनिया भर में जाना जाता है.

पेजेश्कियान ने चेतावनी दी कि इजरायल का यह बर्ताव धोखेबाजी का संकेत है. उन्होंने साफ लहजे में कहा कि अगर हमले जारी रहे, तो शांति के लिए होने वाली बातचीत का कोई मतलब नहीं रह जाएगा. पेजेश्कियान ने लेबनान का साथ देने का भरोसा देते हुए कहा कि हमारी उंगलियां ट्रिगर पर हैं और हम अपने लेबनानी भाई-बहनों को कभी अकेला नहीं छोड़ेंगे.

ईरान ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी

ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालीबाफ ने भी इजरायल को गंभीर अंजाम भुगतने की चेतावनी दी है. कलीबाफ ने कहा कि लेबनान और ‘एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस’ ईरान के सहयोगी हैं और वे इस सीजफायर का अहम हिस्सा हैं. उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की बात का हवाला देते हुए कहा कि सीजफायर तोड़ने की भारी कीमत चुकानी होगी. कलीबाफ ने मांग की कि इस आग को तुरंत बुझाया जाए, वरना ईरान की तरफ से जोरदार जवाब दिया जाएगा.

इजरायली हमले से सीजफायर पर संकट

इजरायल ने गुरुवार (9 अप्रैल 2026) को लेबनान पर नए सिरे से हवाई हमले किए, जिससे पूरे वेस्ट एशिया में तनाव बढ़ गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन हमलों में अब तक 250 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं. इन हमलों की वजह से अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से प्रस्तावित शांति समझौते के फेल होने का खतरा पैदा हो गया है. ईरानी न्यूज़ एजेंसी ISNA के अनुसार, ईरान की सेना हाई अलर्ट पर है. सेना के प्रवक्ता ने कहा कि सरकार और सेना पूरी तरह तालमेल में हैं और किसी भी उल्लंघन का तुरंत और करारा जवाब दिया जाएगा.

इस्लामाबाद में होने वाली बातचीत पर सस्पेंस

ईरानी बातचीत करने वाली टीम को गुरुवार को ही पाकिस्तान के लिए रवाना होना था, जहां शनिवार को अमेरिकी डेलिगेशन के साथ मीटिंग तय है. न्यूज एजेंसी ISNA की रिपोर्ट बताती है कि ईरान ने दो हफ्ते के इस अस्थायी सीजफायर को लेकर सख्त रुख अपनाया है. हालांकि, अमेरिका और इजरायल का कहना है कि यह सीजफायर हिजबुल्ला पर लागू नहीं होता. वहीं, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साफ कर दिया कि उनकी सेना हिजबुल्ला के खिलाफ अपनी कार्रवाई पूरी ताकत और सटीकता के साथ जारी रखेगी.

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ट्रंप की शर्त से बिगड़ी बात

शांति समझौते के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मांग रखी थी कि ईरान को अपना परमाणु कार्यक्रम और यूरेनियम संवर्धन पूरी तरह बंद करना होगा. ईरान ने इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया है. इसके अलावा, ईरान का मानना है कि सीजफायर में लेबनान में इजरायली सैन्य ऑपरेशंस पर रोक भी शामिल है. लेकिन वाशिंगटन और इजरायल के अलग स्टैंड की वजह से यह पूरा मामला उलझ गया है और शांति की उम्मीदें कम होती नजर आ रही हैं.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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