ईरान में 47 दिनों से इंटरनेट ब्लैकआउट, 1104 हजार घंटे का रिकॉर्ड, करोड़ों लोग डिजिटल अंधेरे में

Published by : Pritish Sahay Updated At : 15 Apr 2026 7:20 PM

विज्ञापन

ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट, फोटो ANI

Iran Internet Blackout: ईरान ने इंटरनेट ब्लैकआउट का नया रिकॉर्ड बनाया है. देश में बीते 47 दिनों से इंटरनेट बंद है. इंटनरेट बैन होने से देश के 9 करोड़ से ज्यादा लोग पूरी दुनिया से कटे हुए हैं.

विज्ञापन

Iran Internet Blackout: ईरान लगातार डिजिटल रूप से दुनिया से कटा हुआ है. इंटरनेट निगरानी संस्था नेटब्लॉक्स (NetBlocks) के आंकड़ों के अनुसार वहां करीब 47 दिनों से इंटरनेट लगभग पूरी तरह बंद है. लोगों को अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी नहीं मिल रही. ईरान में जनवरी 2026 में शुरू हुए प्रदर्शनों के बाद हालात बिगड़े, नेट बंद कर दिया गया. फरवरी में अमेरिका-इजराइल के हमले के बाद इंटरनेट पर पाबंदियां और सख्त कर दी गईं. बीते 47 दिनों से यानी करीब 1104 घंटों से ईरान में इंटरनेट बंद पड़ा है. इंटनरेट बैन होने से देश के करीब 93 मिलियन (9 करोड़ 30 लाख) लोग पूरी दुनिया से कट गए हैं.

ईरान ने तोड़ दिया सूडान का रिकॉर्ड

ईरान के इंटरनेट ब्लैकआउट ने सूडान का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया है. इंटरनेट मॉनिटरिंग संस्था नेटब्लॉक्स के आंकड़ों के अनुसार 2019 में सूडान में 37 दिनों तक इंटरनेट ब्लैकआउट किया गया था. ईरान से पहले यह किसी भी देश का अब तक का सबसे लंबा राष्ट्रव्यापी इंटरनेट शटडाउन था.

संचार ठप, दुनिया से अलग-थलग पड़ा ईरान

ईरान में लगातार इंटरनेट बाधा ने लाखों लोगों के संवाद के साधनों को लगभग ठप कर दिया है. इससे सूचना का बड़ा संकट पैदा हो गया है. देश के अंदर कुछ नेटवर्क आंशिक रूप से काम कर रहे हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म तक पहुंच बंद होने से हालिया संघर्ष और आंतरिक अशांति के बीच देश काफी हद तक अलग-थलग पड़ गया है.

सेंसरशिप का सबसे लंबा दौर

ईरान के अंदर इतना लंबा इंटरनेट शटडाउन हाल के समय में सरकारी डिजिटल सेंसरशिप का सबसे बड़ा उदाहरण बन गया है. 1104 घंटे तक कनेक्टिविटी बाधित रहना आंतरिक खराब हालत को दर्शा रहा है. वहीं, देश के भीतर डिजिटल सन्नाटा ऐसे समय में पसरा हुआ है जब कूटनीतिक और सैन्य तनाव लगातार गहराता जा रहा है.

इस्लामाबाद में शांति वार्ता फेल, नये दौर की बातचीत की उम्मीद

ईरान और अमेरिका के बीच 14 दिनों का सीजफायर हुआ है, जो 22 अप्रैल को खत्म हो रहा है. 11 और 12 अप्रैल को दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शांति वार्ता की थी, लेकिन वो सफल नहीं रहा. अब एक और दौर की बातचीत की संभावना बन रही है. अगर हालात अनुकूल रहे, तो दोनों देश फिर से वार्ता की मेज पर बैठ सकते हैं. राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी अखबार न्यूयार्क पोस्ट से बातचीत में मंगलवार (14 अप्रैल) को संकेत दिया था कि पाकिस्तान में एक बार फिर ईरान-अमेरिका की बातचीत हो सकती है.

विज्ञापन
Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola