ईरान ने होर्मुज में अमेरिकी नौसेना का दावा किया खारिज, CENTCOM ने कही थी बारूदी सुरंगें हटाने की बात

Updated at : 12 Apr 2026 10:05 AM (IST)
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Iran denies centcom mine clearing claim strait of hormuz

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की तस्वीर.

Strait Of Hormuz: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जैसे हालात हैं. अमेरिकी नौसेना द्वारा बारूदी सुरंगें हटाने के दावे को ईरान ने खारिज कर दिया है. तेल की कीमतों में उछाल और पाकिस्तान में हुई हाई-लेवल डिप्लोमैटिक बातचीत बेनतीजा रहने से ग्लोबल मार्केट में अब भारी संकट गहराने की आशंका है.

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Strait Of Hormuz: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर है. यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया है कि उसके दो युद्धपोत, USS फ्रैंक ई. पीटरसन और USS माइकल मर्फी, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पहुंच चुके हैं.  यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड (CENTCOM) अमेरिकी रक्षा विभाग का एक प्रमुख कमांड है, जो मध्य पूर्व, मध्य एशिया और दक्षिण एशिया के कुछ हिस्सों में अमेरिकी सैन्य अभियानों और सुरक्षा हितों की जिम्मेदारी संभालता है.

इनका मकसद उस समुद्री रास्ते से बारूदी सुरंगें (सी-माइंस) हटाना है, जिन्हें कथित तौर पर ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने बिछाया था. अमेरिकी कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर के अनुसार, वे एक सुरक्षित रास्ता बना रहे हैं ताकि अंतरराष्ट्रीय व्यापार बिना किसी डर के जारी रह सके. आने वाले दिनों में इस काम में पानी के अंदर चलने वाले ड्रोन्स की मदद भी ली जाएगी.

ईरान ने अमेरिकी दावे को सिरे से नकारा

जैसे ही अमेरिका ने माइंस हटाने की बात कही, ईरान ने तुरंत इस पर कड़ा ऐतराज जताया. अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की सेना के खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिकी जहाजों के आने का दावा पूरी तरह गलत है. ईरान का कहना है कि इस समुद्री रास्ते से कौन सा जहाज गुजरेगा, इसका फैसला सिर्फ ईरान की सेना ही करेगी. वहीं, IRGC ने चेतावनी दी है कि अगर कोई भी विदेशी सैन्य जहाज वहां से गुजरने की कोशिश करेगा, तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा.

दुनिया भर में तेल की कीमतों पर पड़ा असर

अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे इस सैन्य टकराव की वजह से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरना बहुत खतरनाक हो गया है. ‘द हिल’ की रिपोर्ट बताती है कि इस रास्ते के लगभग बंद होने से दुनिया भर में कच्चे तेल का बाजार बिगड़ गया है. मार्च के अंत तक ब्रेंट क्रूड की कीमत 118 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जबकि अमेरिका में पेट्रोल के दाम 4 डॉलर प्रति गैलन तक बढ़ गए. हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा लड़ाई रोकने के अस्थायी ऐलान के बाद कुछ जहाजों ने वहां से निकलना शुरू किया था, लेकिन अब ईरान द्वारा लगाए गए नए टैक्स ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं.

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पाकिस्तान में हुई हाई-लेवल बातचीत रही बेनतीजा

तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरानी अधिकारियों के बीच करीब 21 घंटे तक लंबी बातचीत हुई. दशकों बाद दोनों देशों के बीच हुई इस सीधी मुलाकात के बाद भी कोई ठोस समझौता नहीं हो पाया. जेडी वेंस ने मीडिया से कहा कि कुछ मुद्दों पर सहमति तो बनी है, लेकिन फाइनल एग्रीमेंट नहीं हो सका. उन्होंने इसे अमेरिका से ज्यादा ईरान के लिए बुरी खबर बताया. फिलहाल दोनों देश एक-दूसरे पर सीजफायर की शर्तों को तोड़ने का आरोप लगा रहे हैं.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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