International Labour Day 2020: मजदूरों की हड़ताल से मजदूर दिवस तक का सफर, जानिए- क्यों मनाया जाता है अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस
Author : Pritish Sahay Published by : Prabhat Khabar Updated At : 01 May 2020 2:57 AM
हर साल 1 मई को दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाया जाता है. इसकी शुरुआत 1886 में शिकागो में हुई थी. इस दिवस को मनाने के पीछे शिकागो की हेमार्केट में उन मजदूर यूनियनों की हड़ताल है जो कि आठ घंटे से ज्यादा काम ना कराने के लिए की गई थी
हर साल 1 मई को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाया जाता है. यह दिवस वैसे मजदूरों को समर्पित है जिन्होंने अपने खून पसीने से देश और दुनिया में विकास को रफ्तार दी. किसी भी देश, समाज, उद्योग, व्यवसाये या कारखानों में मजदूरों, कामगारों और मेहनतकशों का अतुलनीय योगदान है. मजदूरों की मेहनत और लगन का फल है कि आज दुनिया हर क्षेत्र में विकास कर रही है.
अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस का इतिहास : हर साल 1 मई को दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाया जाता है. इसकी शुरुआत 1886 में शिकागो में हुई थी. इस दिवस को मनाने के पीछे शिकागो की हेमार्केट में उन मजदूर यूनियनों की हड़ताल है जो कि आठ घंटे से ज्यादा काम ना कराने के लिए की गई थी. हड़ताल के दौरान बम ब्लास्ट हुआ था. जिससे निपटने के लिए पुलिस ने मजदूरों पर गोली चला दी और सात मजदूरों की मौत हो गई. वही, इस घटना के कुछ समय बाद ही अमेरिका ने मजदूरों के एक शिफ्ट में काम करने की अधिकतम सीमा 8 घंटे निश्चित कर दी थी. तभी से अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस 1 मई को मनाया जाता है. इसे पहली बार शिकागो में 1886 को मनाया गया था.
1889 में मिली सामाजिक मान्यता : 1886 में पहली बार शिकागो शहर में शहीद मजदूरों की याद में मजदूर दिवस मनाया गया. इसके बाद पेरिस में 1889 में अंतर्राष्ट्रीय समाजवादी सम्मेलन हुआ जिसमें ऐलान किया गया कि हेमार्केट बम विस्फोट में मारे गये लोगों की याद में 1 मई को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के रूप में मनाया जाएगा. इस दिन सभी कामगारों और श्रमिकों के अवकाश में रहने का भी ऐलान किया गया. तब से ही दुनिया के करीब 80 देशों में मजदूर दिवस को राष्ट्रीय अवकाश के रूप में मनाया जाने लगा.
भारत में मजदूर दिवस : मजदूर दिवस भारत में पहली बार 1 मई 1923 को मनाया गया था. इसकी शुरुआत लेबर किसान पार्टी ऑफ हिन्दुस्तान के नेता कामरेड “सिंगरावेलू चेट्यार” ने की थी. उनकी अध्यक्षता में पहली बार मद्रास हाईकोर्ट के सामने 1 मई 1923 को मजदूर दिवस मनाया गया था. उस समय से हर साल देशभर में 1 मई मजदूर दिवस मनाया जाता है.
छुट्टी के लिए किया गया था प्रदर्शन : मद्रास हाईकोर्ट सामने एक मजदूरों ने बड़ा प्रदर्शन किया गया था और यह सहमति बनाई कि इस दिवस को भारत में भी मजदूर दिवस के तौर पर मनाया जाएगा और इस दिन मजदूरों की छुट्टी रहेगी.
अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस का महत्व : अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के दिन दुनियाभर में मजदूर संघटन की ओर से गोष्ठी की जाती है, जिसमें मजदूरों की आवाज और उनके हक़ केआर बात की जाती है.
लॉकडाउन में मजदूर दिवस : हर साल दुनिया भर में मजदूर दिवस के मौके पर बड़े आयोजन किए जाते हैं. लेकिन इस बार हर कोरोना का कहर है, दुनिया के अधिकांश देशों में लॉकडाउन है, ऐसे में मजदूरों से जुड़े कई कार्यक्रम स्थगित कर दिये गए हैं.
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