Hindu in Bangladesh : हिंदुओं की संपत्ति हड़पी जा रही है बांग्लादेश में? मोहम्मद यूनुस के सामने उठाया गया मुद्दा
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 27 Aug 2024 9:16 AM
Hindu in Bangladesh : हिंदुओ के साथ बैठक के दौरान मोहम्मद यूनुस ने कहा कि वह एक ऐसा बांग्लादेश बनाना चाहते हैं, जहां हर कोई बिना किसी डर के रह सके. ऐसा देश बनाएंगे जहां किसी मंदिर की रखवाली की जरूरत न पड़े.
Hindu in Bangladesh : बांग्लादेश के हिंदू अब किस हाल में हैं? यह सवाल कई लोगों के मन में आता रहता है. ऐसा इसलिए क्योंकि यहां अंतरिम सरकार के गठन तक हिंदुओं पर काफी अत्याचार किए गए जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी काफी वायरल हुआ था. इस बीच सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने सोमवार को हिंदू समुदाय के नेताओं से मुलाकात की. उन्होंने जन्माष्टमी के अवसर पर उनके लिए एक स्वागत समारोह आयोजित करते हुए अंतरधार्मिक सद्भाव को बढ़ावा देने का संकल्प लिया.
प्रधानमंत्री शेख हसीना के पद से हटने के बाद कई दिनों तक हिंसा में अल्पसंख्यक हिंदू आबादी के कारोबार को भीड़ ने निशाना बनाया था. मंदिरों में तोड़फोड़ की गई थी. अपनी सरकार के खिलाफ छात्रों के आंदोलन के बाद शेख हसीना 5 अगस्त को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और भारत चली गईं थीं.
लोगों के बीच कोई विभाजन नहीं हो सकता: मोहम्मद यूनुस
हिंदुओ के साथ बैठक के दौरान मोहम्मद यूनुस ने कहा कि वह एक ऐसा बांग्लादेश बनाना चाहते हैं, जहां हर कोई बिना किसी डर के अपने धर्म का पालन कर सके. ऐसा देश बनाएंगे जहां किसी मंदिर की रखवाली की जरूरत न पड़े. हिंदू नेताओं के एक ग्रुप से उन्होंने कहा कि हमारी जिम्मेदारी हर नागरिक के अधिकारों को बहाल करना है. हमारा काम हर नागरिक के लिए न्याय सुनिश्चित करना है. देश की सरकारी ‘बीएसएस’ समाचार एजेंसी ने यूनुस के हवाले से खबर प्रकाशित की है. इसमें यूनुस ने कहा कि हमारे देश में लोगों के बीच कोई विभाजन नहीं हो सकता. हम समान नागरिक हैं.
प्रोफेसर यूनुस के साथ करीब एक घंटे तक चली बात
मोहम्मद यूनुस के कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर उनके हवाले से कहा कि बांग्लादेश एक बड़ा परिवार है, जहां सरकार की जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक के अधिकारों की रक्षा करना है. बैठक के दौरान बांग्लादेश पूजा उद्जापन परिषद के अध्यक्ष बशुदेब धर, ढाका के रामकृष्ण मिशन के प्रमुख स्वामी पूर्णात्मानंद महाराज और काजोल देबनाथ एवं मोनिंद्र कुमार नाथ सहित हिंदू समुदाय के नेता मौजूद थे. बैठक के बाद धर ने कहा कि हमने प्रोफेसर यूनुस से करीब एक घंटे तक बात की.
हिंदू मंदिरों की भूमि सहित हिंदुओं की संपत्ति हड़पने’ का मुद्दा उठाया गया
मुख्य सलाहकार कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि हिंदू नेताओं ने जन्माष्टमी के अवसर पर यूनुस को बधाई दी और कहा कि उन्होंने देश की सद्भावना और समृद्धि और अंतरिम सरकार के लिए भगवान श्रीकृष्ण से आशीर्वाद मांगा. बयान में कहा गया है, हिंदू नेताओं ने पुराने ढाका स्थित ढाकेश्वरी मंदिर में मुख्य सलाहकार की हाल की टिप्पणियों की प्रशंसा की और कहा कि इससे देश में गैर-सांप्रदायिक समाज के निर्माण में मदद मिलेगी और समाज में धार्मिक सद्भाव सुनिश्चित होगा. इसके साथ ही, उन्होंने ‘हिंदू मंदिरों की भूमि सहित हिंदुओं की संपत्ति हड़पने’ का मुद्दा भी उठाया. यह स्वागत समारोह ऐसे समय में हुआ जब हिंदू समुदाय के लोगों ने प्रसिद्ध ढाकेश्वरी मंदिर और अन्य मंदिरों एवं मठों में भजन, कीर्तन कर जन्माष्टमी मनाई. जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में बांग्लादेश में सार्वजनिक अवकाश था.
(इनपुट पीटीआई)
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










