‘अगर ईरान से इतना प्यार है, तो वहां चले जाओ’, शिया मौलानाओं पर भड़के आसिम मुनीर, मचा बवाल

Updated at : 21 Mar 2026 11:35 AM (IST)
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Iran War Pakistan Shia Asim Munir Comment

पाकिस्तान के सीडीएफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर. फोटो- एक्स.

Iran War Pakistan Shia Asim Munir: पाकिस्तान के आर्मी चीफ के बयान पर बवाल मचल गया है. उन्होंने गुरुवार को शिया मौलानाओं से मुलाकात की. इस दौरान मुनीर ने ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के हमले के विरोध में पाकिस्तान में हुए प्रदर्शनों पर काफी नाराजगी जताई. उन्होंने यहां तक टिप्पणी कर दी कि अगर आपको ईरान से इतनी मोहब्ब्त है, तो वहां चले जाएं.

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Iran War Pakistan Shia Asim Munir: ‘अगर आपको ईरान से इतना प्यार है, तो वहां चले जाओ.’ ये कहना है पाकिस्तान के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज जनरल आसिम मुनीर का. ईरान युद्ध की आग पाकिस्तान में साफ तौर पर महसूस की जा रही है. देश की 95-97 प्रतिशत आबादी मुस्लिम है, इसमें से 10-20 प्रतिशत लोग शिया संप्रदाय को मानने वाले हैं. ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद पाकिस्तान में भी बवाल मचा. खासकर, 28 फरवरी को अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद हुए विरोध प्रदर्शन में. 3 मार्च तक अलग-अलग घटनाओं में करीब 30 लोगों की मौत का दावा किया गया. इस घटना के सांप्रदायिक संबंधों को सुधारने के लिए 19 मार्च को एक हाई-प्रोफाइल इफ्तार  आयोजित की गई. लेकिन, यहां पर आसिम मुनीर ने पाकिस्तान के प्रमुख शिया उलेमाओं का काफी अपमान किया. कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्हें फटकारा भी गया. 

इस घटना की ताईद पाकिस्तान के शिया मौलानाओं ने खुद किया. शिया धर्मगुरु अल्लामा आगा शिफा नजफी ने शुक्रवार (20 मार्च 2026) को इस्लामाबाद में एक सभा को संबोधित करते हुए सारी घटना बताई.  इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. उन्होंने कहा कि आसिम मुनीर ने गुरुवार, 19 मार्च को रावलपिंडी के जनरल हेडक्वार्टरस (GHQ) में करीब एक दर्जन से अधिक शिया मौलानाओं से मुलाकात की. लेकिन इस दौरान मुनीर ने एक घंटे तक एकतरफा भाषण दिया, जबकि उलेमाओं को अपनी बात रखने या समुदाय से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने का मौका नहीं दिया. 

नजफी के मुताबिक, बैठक की शुरुआत में ही मुनीर ने अली खामेनेई की हत्या के विरोध में पाकिस्तान में हुए प्रदर्शनों पर कड़ी नाराजगी जताई. उन्होंने खास तौर पर गिलगिट बाल्टिस्तान में सेना की इमारत जलाने की घटना को अस्वीकार्य बताया. इस दौरान उनका लहजा काफी सख्त और आक्रामक था. इसके बाद नजफी ने कहा कि उनके मामा अमीर हयात को सेना का मेडल मिला है, पाकिस्तानी सेना में कई अन्य शिया अधिकारी सेवा दे रहे हैं और उनके अपने परिवार के लोग भी सेना में हैं, लेकिन इसके बावजूद उनका गुस्सा कम नहीं हुआ. 

नजफी ने कहा कि अब शिया समुदाय से ‘ईरान चले जाने’ की बात की जा रही है, जबकि उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कभी इस्लामाबाद या कराची में किसी शिया ने किसी सैनिक की हत्या की है या इस तरह की क्रूर घटनाओं में शामिल रहा है. उन्होंने पूछा कि जिन लोगों ने ऐसी हिंसक हरकतें कीं, उनसे यह क्यों नहीं कहा गया, जबकि अब शिया समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है.

नजफी ने यह भी आरोप लगाया कि बैठक के दौरान मुनीर ने पाकिस्तान-ईरान संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि अगर ईरान, सऊदी अरब पर हमला करता है, तो पाकिस्तान को उसकी रक्षा करनी होगी. उन्होंने इसके लिए पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच हुए रक्षा समझौते का हवाला देते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में पाकिस्तान सऊदी अरब के समर्थन में कदम उठाएगा.

अन्य धर्मगुरुओं ने भी जताई आपत्ति

इस घटना से शिया नेतृत्व खुद को अपमानित महसूस कर रहा है. मौलाना हसनैन अब्बास गर्देजी ने कहा कि जनरल का लहजा और कुछ टिप्पणियां उनके पद के अनुरूप नहीं थीं. विवाद की जड़ जनरल मुनीर की एक टिप्पणी बताई जा रही है. अब्बास गर्देजी ने बाद में कहा कि पाकिस्तान को बनाने वाला भी मोहम्मद अली जिन्ना भी एक शिया था.

उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के बयान पाकिस्तान के निर्माण में शिया समुदाय के ऐतिहासिक योगदान को नजरअंदाज करते हैं. देश के संस्थापक और कई प्रमुख मुस्लिम लीग नेताओं के साथ-साथ आजादी के आंदोलन में वित्तीय सहयोग भी शिया समुदाय से मिला था. शिया नेताओं का कहना है कि मक्का, मदीना, इराक और ईरान जैसे धार्मिक स्थलों से उनका जुड़ाव सदियों पुराना है और यह पाकिस्तान के प्रति उनकी वफादारी के साथ पूरी तरह संगत है.

पाकिस्तान के सेना प्रमुख मुनीर को को शिया धर्मगुरुओं के खुले विरोध का सामना करना पड़ रहा है. उनके ‘ईरान चले जाओ’ वाले बयान के बाद, अल्लामा सैयद अहमद इकबाल रिजवी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘आपको खुद अमेरिका और इजरायल चले जाना चाहिए. आप पाकिस्तान नहीं, बल्कि डोनाल्ड ट्रंप की सेवा करते हैं. आपने अमेरिकियों के लिए सरकारें बदलीं और आपके इस रुख की वजह से पाकिस्तान को नुकसान उठाना पड़ा है.’ उनका वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आया है. देखें-

मौलानाओं के गुस्से भरे बयानों से लगता है कि मुनीर की टिप्पणी शियाओं के धार्मिक और भावनात्मक जुड़ाव को देश के प्रति निष्ठा पर सवाल उठा रही है. एक और शिया धर्मगुरु अल्लाम नजीर अब्बास तकवी ने जनरल के रवैये पर हैरानी जताई.

उन्होंने कई बार बातचीत की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी. उन्होंने कहा कि हमें डिनर के बाद बैठक का आश्वासन दिया गया था, लेकिन सेना प्रमुख अचानक वहां से चले गए. इससे उलेमा के बीच असंतोष और बढ़ गया. शिया नेताओं ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी निष्ठा इस्लाम और पाकिस्तान के प्रति है, न कि किसी एक विदेशी देश के प्रति.

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Anant Narayan Shukla

लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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