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पार्टनर हाफ इंडियन, बेटे का मिडिल नेम शेखर, एलन मस्क का भारतीय कनेक्शन आया सामने, खुद किया खुलासा

1 Dec, 2025 8:01 am
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Elon Musk reveals Indian connection Partner half-Indian, son's middle name Shekhar

एलन मस्क ने अपने भारतीय कनेक्शन के बारे में साझा किया.

Elon Musk Indian Connection: एलन मस्क ने अपने भारतीय कनेक्शन के बारे में खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि उनकी पार्टनर आधी भारतीय हैं, जबकि उन्होंने अपने बेटे का मिडिल नेम शेखर रखा है. मस्क ने भारतीय एंट्रेप्रेन्योर निखिल कामत के साथ पॉडकास्ट में यह खुलासा किया है.

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Elon Musk Indian Connection: टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ अरबपति एलन मस्क का भारत से भी खास संबंध है. उन्होंने जेरोधा के संस्थापक निखिल कामत के पॉडकास्ट WTF is में इसका खुलासा किया. उन्होंने कहा है कि उनकी पार्टनर शिवॉन जिलिस आधी भारतीय हैं. उनके एक बेटे का मिडिल नाम शेखर है, जिसे भारतीय-अमेरिकी भौतिक विज्ञानी और नोबेल पुरस्कार विजेता सुबरमण्यम चंद्रशेखर के सम्मान में रखा गया है. अब तक इन तथ्यों के बारे में लोगों को पता नहीं था. यह जानकारी आने के बाद सोशल मीडिया पर हलचल मच गई. 

मस्क ने पॉडकास्ट में कहा- मुझे नहीं पता कि आप जानते हैं या नहीं, लेकिन मेरी पार्टनर शिवॉन आधी भारतीय हैं. उनके साथ मेरे एक बेटे का मिडिल नाम ‘शेखर’ है, जो चंद्रशेखर के नाम पर रखा गया है. कामत ने हैरानी जताते हुए जिलिस की परवरिश को लेकर भी सवाल पूछे. इस पर मस्क ने उनके पारिवारिक पृष्ठभूमि के कुछ बातें साझा कीं. मस्क ने कहा कि वह कनाडा में बड़ी हुईं. जब वह बच्ची थीं, तभी उन्हें गोद ले लिया गया था. मस्क ने कहा कि उन्हें लगता है कि उनके पिता किसी विश्वविद्यालय में एक्सचेंज स्टूडेंट थे या कुछ ऐसा ही था. उन्होंने आगे कहा कि पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन हाँ, उन्हें गोद ले लिया गया था और उनकी परवरिश कनाडा में हुई.

शिवॉन जिलिस कौन हैं?

इलॉन मस्क की दो शादियां हुईं और दोनों में ही उनका तलाका हो गया. पहली शादी जस्टिन विल्सन और दूसरी शादी तलुलाह रिले से किया था. रिले से उनका तलाक 2016 में हुआ था. वहीं उनकी वर्तमान पार्टनर शिवॉन जिलिस हैं. शिवॉन की परवरिश कनाडा में हुई और बाद में उन्होंने येल यूनिवर्सिटी से इकॉनमी व फिलॉसफी में डिग्री हासिल की. करियर के लिहाज से वह बेहद प्रभावशाली रही हैं. वह पहले OpenAI और Tesla में महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुकी हैं. और वर्तमान में मस्क की ब्रेन-टेक कंपनी Neuralink में ऑपरेशन्स और स्पेशल प्रोजेक्ट्स की डायरेक्टर हैं. जिलिस ने 2017 में मस्क की AI कंपनी न्यूरालिंक जॉइन की. वर्तमान में वे ऑपरेशंस और स्पेशल प्रोजेक्ट्स की डायरेक्टर हैं.

मिडिल नेम ‘शेखर’ रखने के पीछे कारण

मस्क और शिवॉन के कुल चार बच्चे हैं. इनमें जुड़वा बेटे स्ट्राइडर और अज्योर, बेटी आर्केडिया और सबसे छोटा बेटा सेल्डन लिकरगस. मस्क ने कहा कि परिवारिक जिम्मेदारियों और पेशेवर कार्यों के बीच तालमेल बनाना आसान नहीं होता, लेकिन दोनों मिलकर इसे संतुलित तरीके से निभाते हैं.  हालांकि किस बच्चे का मिडिल नेम शेखर है, ये उन्होंने नहीं बताया. हां मस्क ने यह जरूरू बताया कि यह नाम उन्होंने भारतीय-अमेरिकी खगोलभौतिकी विशेषज्ञ सुब्रह्मण्यम चंद्रशेखर की स्मृति में चुना. चंद्रशेखर को तारों की संरचना और विकास पर उनके ऐतिहासिक शोध के लिए 1983 में नोबेल पुरस्कार मिला था. 

चंद्रशेखर लिमिट ने सुब्रह्मण्यम को दिलाई वैश्विक पहचान

मस्क स्पेस साइंस की दुनिया में अपनी कंपनी स्पेसएक्स के जरिए क्रांति ला चुके हैं. वहीं उनसे पहले विज्ञान के क्षेत्र में चंद्रशेखर ने कमाल किया था. उनकी महत्वपूर्ण खोजों ने न्यूट्रॉन तारों और ब्लैक होल जैसी अवधारणाओं को वैज्ञानिक आधार दिया, जिन्हें आधुनिक खगोल विज्ञान की मौलिक नींव माना जाता है. खगोल भौतिकी में डॉ. चंद्रशेखर विशेष रूप से चंद्रशेखर सीमा (Chandrasekhar Limit) के प्रतिपादन के लिए प्रसिद्ध हैं. उन्होंने गहन गणितीय विश्लेषण और समीकरणों के माध्यम से यह सिद्ध किया कि श्वेत वामन (White Dwarf) तारों का अधिकतम द्रव्यमान एक निश्चित सीमा से आगे नहीं बढ़ सकता. बाद में सभी खगोल वैज्ञानिकों ने स्वीकार किया कि वास्तव में हर श्वेत वामन तारा चंद्रशेखर द्वारा निर्धारित इसी सीमा के भीतर आता है. मस्क उनके योगदान से काफी प्रभावित हैं और यही कारण है कि उन्होंने अपने बेटे को यह नाम देने का निर्णय लिया.

भारतीय प्रतिभा पर मस्क की टिप्पणी

कामत के पॉडकास्ट में मस्क भारतीय मूल के पेशेवरों की प्रतिभा की भी प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि अमेरिका को भारत की प्रतिभा से अपार लाभ हुआ है. लेकिन अब यह बदलता हुआ नजर आ रहा है. बदलती वीजा नीतियों और अनिश्चित इमिग्रेशन माहौल के कारण यह प्रवाह अब बाधित होता दिख रहा है. हजारों भारतीयों के लिए अमेरिकन ड्रीम बढ़ती वीजा पाबंदियों और अप्रत्याशित नीतियों के कारण कठिन होता जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि एच-1बी वीजा बंद नहीं होना चाहिए, भले ही कुछ कंपनियों ने इसका गलत फायदा उठाया है. अमेरिका के इनोवेशन इकोसिस्टम में इन कुशल श्रमिकों ने बहुत योगदान दिया है. 

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Anant Narayan Shukla

लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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