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कोविड-19 से मृत्यु दर 0.0016 से 7.8 प्रतिशत के बीच है: अध्ययन

Updated at : 31 Mar 2020 7:42 PM (IST)
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कोविड-19 से मृत्यु दर 0.0016 से 7.8 प्रतिशत के बीच है: अध्ययन

कोविड-19 से होने वाली मृत्यु का दर 0.0016 से 7.8 प्रतिशत के बीच है लेकिन यह लोगों की उम्र पर निर्भर करता है. एक नये अध्ययन में यह जानकारी सामने आई है जिसमें चीन में कोविड-19 के कारण अस्पताल में भर्ती होने वाले लोगों और इस बीमारी के कारण जान गंवाने वाले लोगों के अनुपात पर पहला समग्र अनुमान व्यक्त किया गया है . इस अध्ययन में पाया गया कि कोविड-19 से होने वाली कुल मौतों के पूर्व अनुमानों में यह दर 0.2 से 1.6 प्रतिशत के बीच और सबसे उम्रदराज आयु समूह यानि 80 साल से ऊपर वालों के लिए यह दर आठ से 36 प्रतिशत के बीच बताई गई थी.

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लंदन : कोविड-19 से होने वाली मृत्यु का दर 0.0016 से 7.8 प्रतिशत के बीच है लेकिन यह लोगों की उम्र पर निर्भर करता है. एक नये अध्ययन में यह जानकारी सामने आई है जिसमें चीन में कोविड-19 के कारण अस्पताल में भर्ती होने वाले लोगों और इस बीमारी के कारण जान गंवाने वाले लोगों के अनुपात पर पहला समग्र अनुमान व्यक्त किया गया है .

इस अध्ययन में पाया गया कि कोविड-19 से होने वाली कुल मौतों के पूर्व अनुमानों में यह दर 0.2 से 1.6 प्रतिशत के बीच और सबसे उम्रदराज आयु समूह यानि 80 साल से ऊपर वालों के लिए यह दर आठ से 36 प्रतिशत के बीच बताई गई थी.

हालांकि इस अध्ययन में उस तथ्य को शामिल नहीं किया गया है कि ज्यादातर देशों में केवल उन्हीं लोगों का परीक्षण किया गया जिनके लक्षण गंभीर थे. ब्रिटेन के इंपीरियल कॉलेज लंदन के अनुसंधानकर्ताओं समेत अन्य ने कहा कि ये संख्या पूरी आबादी के सही-सही मामलों को नहीं दिखाती है.

उन्होंने कहा कि इससे पहले तक अध्ययनों में संक्रमण के उन मामलों के अनुपात का अनुमान भी नहीं दिया गया था जिनमें लोगों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत होती है. मौजूदा अध्ययन के मुताबिक कोविड-19 से चीनी भूभाग पर हुई कुल मृत्यु दर 0.66 प्रतिशत हो सकती है जिसमें वे मामले भी शामिल हैं जिनमें संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई. वहीं जिन मामलों की पुष्टि हुई उनमें मृत्यु दर 1.38 प्रतिशत हो सकती है.

इस अध्ययन में 70,000 से ज्यादा मामलों को आंका गया. हालांकि अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि वैश्विक महामारी के संबंध में और जानकारी सामने आने पर इन परिणामों में सुधार हो सकता है और वर्तमान अध्ययन में सुधार करना जरूरी होगा. यह अध्ययन ‘द लांसेट इंफेक्शस डिजीज’ जर्नल में प्रकाशित हुआ है.

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PankajKumar Pathak

लेखक के बारे में

By PankajKumar Pathak

Senior Journalist having more than 10 years of experience in print and digital journalism.

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