होर्मुज नाकेबंदी पर चीन की अमेरिका को चेतावनी, कहा- दखल मत दो

Published by :Amitabh Kumar
Published at :14 Apr 2026 6:40 AM (IST)
विज्ञापन
Donald Trump with XI jinping

डोनाल्ड ट्रंप (गोल घेरे में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग) Photo: PTI

अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट समेत ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी कर दी है. इस बीच चीन ने अमेरिका को चेतावनी दी कि वह नाकेबंदी न करे. जानें चीन के रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जुन ने क्या कहा.

विज्ञापन

चीन ने अमेरिका को साफ चेतावनी दी है कि वह होर्मुज स्ट्रेट पर नाकेबंदी न करे और चीन-ईरान के रिश्तों में दखल देने से बचे. चीन के रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जुन ने ये बात ऐसे वक्त कही, जब सोमवार शाम 7:30 बजे (IST) अमेरिका ने नौसैनिक नाकेबंदी शुरू कर दी. इस कदम से इलाके में तनाव और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं. डोंग जुन ने कहा कि हमारे ईरान के साथ ट्रेड और एनर्जी से जुड़े समझौते हैं, इसलिए हम उम्मीद करते हैं कि कोई भी हमारे मामलों में दखल नहीं देगा. उन्होंने यह भी साफ किया कि होर्मुज स्ट्रेट चीन के लिए खुला हुआ है.

होर्मुज जलमार्ग चीन के लिए क्यों है खास?

होर्मुज जलमार्ग चीन के लिए बेहद अहम है, क्योंकि उसकी करीब 40% तेल और 30% LNG की जरूरत यहीं से पूरी होती है. यही वजह है कि चीन लगातार सीजफायर की बात कर रहा है, ताकि खाड़ी का यह अहम रास्ता सुरक्षित बना रहे. कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि ट्रंप की यह नौसैनिक नाकेबंदी दरअसल चीन के युआन पर निशाना साधने की कोशिश हो सकती है. खाड़ी से गुजरने वाले कुछ जहाजों में युआन का इस्तेमाल हो रहा है, जो पुराने पेट्रोडॉलर सिस्टम को चुनौती देता है. पेट्रोडॉलर का मतलब है तेल की खरीद-फरोख्त अमेरिकी डॉलर में होना.

अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर के पक्ष में चीन

तनाव के बीच चीन के विदेश मंत्रालय ने फिर से सीजफायर का समर्थन किया है. उनका कहना है कि इस जलमार्ग की सुरक्षा, स्थिरता और बिना रुकावट आवाजाही पूरी दुनिया के हित में है, इसलिए इसे हर हाल में सुरक्षित रखना जरूरी है.

यह भी पढ़ें : अमेरिका ने होर्मुज में की नाकाबंदी, ट्रंप की चेतावनी- घेराबंदी तोड़ा तो उड़ा देंगे जहाज

ईरानी बंदरगाहों तक समुद्री रास्तों की नाकेबंदी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार (12 अप्रैल) को ऐलान किया कि अमेरिकी नौसेना होर्मुज स्ट्रेट के जरिए ईरानी बंदरगाहों तक समुद्री रास्तों की नाकेबंदी करेगी. यह फैसला उस वक्त लिया गया जब ईरान के साथ हुई अहम बातचीत बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई, जिससे इलाके में तनाव और बढ़ गया है. यूएस सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने कहा है कि यह नाकेबंदी उन सभी जहाजों पर लागू होगी जो ईरान के बंदरगाहों में आ-जा रहे हैं. बयान में साफ किया गया कि यह कार्रवाई बिना किसी भेदभाव के होगी और ईरानी पोर्ट या तटीय इलाकों का इस्तेमाल करने वाले हर देश के जहाजों पर समान रूप से लागू की जाएगी.

विज्ञापन
Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

डिजिटल जर्नलिज्म में 14 वर्षों से अधिक का अनुभव है. करियर की शुरुआत Prabhatkhabar.com से की. राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ है. राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहन लेखन का अनुभव रहा है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में विशेष रुचि है. ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग खबरों पर लगातार फोकस रहता है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola