1. home Hindi News
  2. world
  3. china stops proposal to declare abdul rehman makki a global terrorist mtj

चीन ने फिर दिखायी चालबाजी, मक्की को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के प्रस्ताव को संयुक्त राष्ट्र में रोका

चीन ने भारत, उसके सहयोगियों द्वारा पाकिस्तानी आतंकवादियों को सूचीबद्ध करने के प्रयासों को पहले भी कई बार बाधित किया है. भारत ने मई 2019 में UN में एक बड़ी राजनयिक जीत हासिल की थी, जब वैश्विक निकाय ने पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को ‘वैश्विक आतंकवादी’ घोषित कर दिया था.

By Agency
Updated Date
पाकिस्तानी आतंकी हाफिज सईद का रिश्तेदार है अब्दुल रहमान मक्की
पाकिस्तानी आतंकी हाफिज सईद का रिश्तेदार है अब्दुल रहमान मक्की
Social Media

चीन ने पाकिस्तानी आतंकवादी अब्दुल रहमान मक्की (Abdul Rahman Makki) को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की प्रतिबंधित सूची में शामिल करने के भारत एवं अमेरिका के संयुक्त प्रस्ताव को आखिरी क्षण में बाधित कर दिया. अमेरिका और भारत ने सुरक्षा परिषद की अल कायदा (Al Qaida) प्रतिबंध समिति के तहत मक्की को एक वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के लिए संयुक्त प्रस्ताव पेश किया था.

हाफिज सईद का रिश्तेदार है अब्दुल रहमान मक्की

अमेरिका पहले ही मक्की को आतंकवादी घोषित कर चुका है. मक्की लश्कर-ए-तैयबा के सरगना एवं 26/11 मुंबई हमलों के मुख्य साजिशकर्ता हाफिज सईद का रिश्तेदार है. मक्की (74), लश्कर-ए-तैयबा में कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाता रहा है, जिसे अमेरिका पहले आंतकवादी संगठन घोषित कर चुका है.

भारत-अमेरिका ने पेश किया था संयुक्त प्रस्ताव

ऐसा बताया जा रहा है कि भारत और अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की और अल कायदा प्रतिबंध समिति के तहत मक्की को वैश्विक आतंकवादी घोषित किये जाने के लिए एक संयुक्त प्रस्ताव पेश किया था, लेकिन चीन ने इस प्रस्ताव को अंतिम क्षण में बाधित कर दिया. समिति के सभी निर्णय सर्वसम्मति से लिये जाते हैं. इसलिए, चीन के संयुक्त प्रस्ताव पर अपना रुख बदलने तक इसे पारित नहीं कराया जा सकता.

पाकिस्तानी आतंकियों को बचाता रहा है चीन

चीन ने भारत और उसके सहयोगियों द्वारा पाकिस्तानी आतंकवादियों को सूचीबद्ध करने के प्रयासों को इससे पहले भी कई बार बाधित किया है. भारत ने मई 2019 में संयुक्त राष्ट्र में एक बड़ी राजनयिक जीत हासिल की थी, जब वैश्विक निकाय ने पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को ‘वैश्विक आतंकवादी’ घोषित कर दिया था. ऐसा करने में भारत को करीब एक दशक का समय लग गया था.

अजहर को ब्लैक लिस्ट करने में चीन बना था बाधक

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के 15 सदस्यीय निकाय में चीन एकमात्र ऐसा देश था, जिसने अजहर को काली सूची में डालने के प्रयासों को बाधित करने की कोशिश की थी. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पांच राष्ट्र (अमेरिका, ब्रिटेन, चीन, फ्रांस और रूस) स्थायी सदस्य हैं. इनके पास ‘वीटो’ का अधिकार है. यानी यदि उनमें से किसी एक ने भी परिषद के किसी प्रस्ताव के विपक्ष में वोट डाला, तो वह प्रस्ताव पास नहीं होगा.

चीन की चाल पर भारत ने दी ये प्रतिक्रिया

इस बीच, नयी दिल्ली में सरकारी सूत्रों ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध समिति के तहत पाकिस्तानी आतंकवादी अब्दुल रहमान मक्की को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के भारत और अमेरिका के संयुक्त प्रस्ताव को बाधित करने का चीन का फैसला आतंकवाद का मुकाबला करने के उसके दावे के विपरीत है और उसके ‘दोहरे मापदंड’ का संकेतक है. उन्होंने कहा कि ऐसे खूंखार आतंकवादियों को प्रतिबंधों से बचाना केवल चीन की साख को कमजोर करेगा और आतंकवाद के बढ़ते खतरे के बीच वह खुद को भी जोखिम में डालेगा.

Prabhat Khabar App :

देश-दुनिया, बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस अपडेट, मोबाइल, गैजेट, क्रिकेट की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

googleplayiosstore
Follow us on Social Media
  • Facebookicon
  • Twitter
  • Instgram
  • youtube

संबंधित खबरें

Share Via :
Published Date

अन्य खबरें