Bangladesh Violence Photo : मेरे मंदिर और घर क्यों लूटे जा रहे हैं? बांग्लादेश में हिंदुओं का अबतक का सबसे बड़ा प्रदर्शन

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 11 Aug 2024 9:13 AM

विज्ञापन

Bangladesh Violence : बांग्लादेश में जारी हिंसा के बीच प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस ने अल्पसंख्यक समुदायों पर हमलों की निंदा करते हुए कहा कि हिंदू भी हमारे भाई हैं.

विज्ञापन

Bangladesh Violence : बांग्लादेश में जारी हिंसा के बीच अंतरिम सरकार के प्रमुख, “मुख्य सलाहकार” प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस ने अल्पसंख्यक समुदायों पर हमलों की निंदा की है. उन्होंने हिंसा में शामिल लोगों से सवाल किया कि क्या वे इस देश के लोग नहीं हैं?

Dhaka: bangladesh hindu community members participate in a protest and block the shahbagh intersection in dhaka

यूनुस ने कहा कि आप देश को बचाने में सक्षम हैं, क्या आप कुछ परिवारों को नहीं बचा सकते हैं? वहीं दूसरी ओर, हिंदू समुदाय ने सुरक्षा और न्याय की मांग करते हुए अपना अब तक का सबसे बड़ा प्रदर्शन सड़क पर किया जिसकी तस्वीरें सामने आईं हैं.

Dhaka: bangladesh hindu community members participate in a protest and block the shahbagh intersection in dhaka, bangladesh

बेगम रोकेया यूनिवर्सिटी में छात्रों के साथ एक सत्र के दौरान प्रोफेसर यूनुस ने हिंसा पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि आपको सामने आना चाहिए. हिंदुओं को कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकता है. वे मेरे भाई हैं. हमने साथ मिलकर उन्होंने लड़ाई लड़ी है और हम साथ ही रहेंगे. उन्होंने छात्रों से सभी हिंदू, ईसाई और बौद्ध परिवारों को नुकसान से बचाने का आग्रह किया.

Read Also : Bangladesh Violence : बांग्लादेश में सेना की गाड़ी में लगा दी गई आग, फायरिंग में बच्चे को लगी गोली

Dhaka: bangladesh hindu community members participate in a protest and block the shahbagh intersection in dhaka, bangladesh

हजारों प्रदर्शनकारियों ने ढाका, चटगांव, बरिसाल, तंगेल और कुरीग्राम जैसे प्रमुख शहरों में प्रदर्शन किया. उन्होंने कहा कि हिंदुओं को बांग्लादेश में रहने का अधिकार है.

Ernakulam: members of hindu aikya vedi protest against targeted attacks on minorities and their places of worship in violence-hit bangladesh, at td temple, in ernakulam

हजारों प्रदर्शनकारियों ने शेख हसीना के नेतृत्व वाली सरकार को हटाए जाने के बाद देश के विभिन्न हिस्सों में घरों, दुकानों और मंदिरों पर हमलों के विरोध किया. इन्होंने शनिवार को लगातार दूसरे दिन ढाका में शाहबाग चौराहे को अवरुद्ध कर दिया.

Dhaka: bangladesh hindu community members participate in a protest and block the shahbagh intersection in dhaka, bangladesh

एक युवती एक प्लेकार्ड हाथ में लिए खड़ी दिखी. इसमें लिखा था- बांग्लादेशी हिंदुओं को बचाओ. हमें न्याय और सुरक्षा चाहिए. अन्य लोगों ने नारे लगा रहे थे- हिंदुओं को बचाओ, मेरे मंदिर और घर क्यों लूटे जा रहे हैं? हमें जवाब चाहिए…स्वतंत्र बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार जारी नहीं रह सकता..

Dhaka: bangladesh hindu community members participate in a protest and block the shahbagh intersection in dhaka, bangladesh

इधर, प्रधानमंत्री शेख हसीना के पद और देश छोड़ने के पांचवें दिन आंदोलनकारी छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश ओबैदुल हसन सहित छह जजों को भी इस्तीफा देने के लिए मजबूर कर दिया. हजारों प्रदर्शनकारी छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट को घेरा और सभी छह न्यायाधीशों से इस्तीफे की मांग की. छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि जजों ने इस्तीफा नहीं दिया, तो हसीना की तरह उन्हें भी कुर्सी से खींच कर उतार देंगे.

Dhaka: a hindu woman holds up a placard as she participates in a protest of bangladesh hindu community members blocking the shahbagh intersection in dhaka, bangladesh
विज्ञापन
Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola