ePaper

संयुक्त राष्ट्र ने 2030 तक सतत विकास का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा

Updated at : 01 Jan 2016 3:04 PM (IST)
विज्ञापन
संयुक्त राष्ट्र ने 2030 तक सतत विकास का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा

संयुक्त राष्ट्र : संयुक्त राष्ट्र ने नये साल की शुरुआत के साथ 2030 तक महत्वाकांक्षी सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) पेश किये हैं. इनका उद्देश्य अगले 15 में गरीबी, भुखमरी समाप्त करना और सभी के लिए सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करते हुए स्त्री-पुरुष समानता सुनिश्चित करना है. गरीबी रोधी-सहस्राब्दि विकास लक्ष्य (एमडीजी) का 15 साल का चक्र […]

विज्ञापन

संयुक्त राष्ट्र : संयुक्त राष्ट्र ने नये साल की शुरुआत के साथ 2030 तक महत्वाकांक्षी सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) पेश किये हैं. इनका उद्देश्य अगले 15 में गरीबी, भुखमरी समाप्त करना और सभी के लिए सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करते हुए स्त्री-पुरुष समानता सुनिश्चित करना है. गरीबी रोधी-सहस्राब्दि विकास लक्ष्य (एमडीजी) का 15 साल का चक्र 2015 के साथ समाप्त हो गया जिससे एसडीजी का रास्ता साफ हुआ और 2030 तक कई तरह की सामाजिक बुराइयां दूर करने के लिए अपेक्षाकृत ज्यादा महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किये गये.

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने सितंबर में यहां हुए सम्मेलन में 193 राष्ट्राध्यक्षों और अन्य शीर्ष नेताओं द्वारा अपनाये गये 2030 के सतत विकास के एजेंडे के संबंध में कहा था, ‘17 सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) मानवता के साझा दृष्टिकोण और वैश्विक नेताओं तथा जनता के बीच सामाजिक अनुबंध हैं.’ उन्होंने कहा था, ‘ये लोगों और ग्रह के लिए कार्य सूची है और सफलता का खाका.’

इस योजना के तहत अगले 15 साल में गरीबी खत्म करने, असमानता से निपटने और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए 16 लक्ष्य और 169 प्रयोजन तय किये हैं. इस 15 साल के लिए नये चक्र आज से लागू हो गया. एसडीजी की सफलता के लिए भारत को महत्वपूर्ण माना जा रहा है कि क्योंकि इससे 1.4 अरब भारतीयों का जीवन स्तर सुधरेगा और पूरी मानवता के जीवन स्तर में सुधार को बड़ा झटका लग सकता है. एसडीजी लागू होने से पहले ही भारत ने संयुक्त राष्ट्र का बताया था कि यह सरकार द्वारा पेश विभिन्न पहलों के रूप में नये लक्ष्य लागू कर रहा है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola