असहिष्णुता पर बहस का दूसरा दिन भी रहा हंगामेदार
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :01 Dec 2015 4:51 PM (IST)
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नयी दिल्ली : लोकसभा में असहिष्णुता के मुद्दे पर चर्चा के दौरान गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने स्पष्ट किया कि उन्होंने गोमांस खाने के बारे में किसी को कोई चुनौती नहीं दी और केवल यह कहा था कि अपने घर में आप क्या खाते हैं, यह आपकी पसंद का विषय है. चर्चा के दौरान […]
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नयी दिल्ली : लोकसभा में असहिष्णुता के मुद्दे पर चर्चा के दौरान गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने स्पष्ट किया कि उन्होंने गोमांस खाने के बारे में किसी को कोई चुनौती नहीं दी और केवल यह कहा था कि अपने घर में आप क्या खाते हैं, यह आपकी पसंद का विषय है.
चर्चा के दौरान वाईएसआर कांग्रेस के वारा प्रसाद राव ने आरोप लगाया था कि आज खानपान के नाम पर असहिष्णुता का माहौल पैदा किया जा रहा है, साथ ही गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने ठीक कहा था कि मैं गोमांस खाउंगा क्योंकि खानपान व्यक्तिगत पसंद का विषय है.
गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि मैंने ऐसा नहीं कहा था. मैं एक स्थानीय समुदाय की बैठक में था . वहां मैंने कहा था कि आप अपने घर में क्या खाते हैं, यह आपकी पसंद का विषय है. मैंने किसी को कोई चुनौती नहीं दी थी. इस बारे में मेरी बात को ठीक ढंग से पेश नहीं किया गया था. दादरी घटना का जिक्र करते हुए बारा प्रसाद राव ने कहा कि इसमें भाजपा के एक स्थानीय नेता का नाम सामने आया है. इस पर रिजिजू ने कहा कि अभी यह कहना ठीक नहीं है, क्योंकि उत्तरप्रदेश सरकार से जब तक रिपोर्ट नहीं आ जाती तब तक कोई ऐसे आरोप कैसे लगा सकता है.
चर्चा के दौरान वाईएसआर कांग्रेस के वारा प्रसाद राव ने आरोप लगाया कि आज खानपान के नाम पर असहिष्णुता का माहौल पैदा किया जा रहा है. दादरी घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें भाजपा के एक स्थानीय नेता का नाम सामने आया है. राव ने कहा कि दुनिया में भारत को विविधतापूर्ण समाज और सच्चे धर्मनिरपेक्ष देश के रुप में जाना जाता है लेकिन हाल की घटनाएं चिंता पैदा करती है.
देश में वर्तमान समय में असहिष्णुता बढने का आरोप लगाते हुए राकांपा की सुप्रिया सुले ने कहा कि सरकार इस कृति में भाग नहीं लेती, अनुमोदन भी नहीं करती हो लेकिन वह ऐसी घटनाओं पर चुप रहती है, यही सबसे बडी आपत्ति है जो ऐसी घटनाओं को बढावा देती है. महराष्ट्र में खासकर असहिष्णुता के माहौल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हमें एक दूसरे को बर्दाश्त करने की जरुरत क्यों पडी, हम एक दूसरे के साथ सहअस्तित्व के माहौल में क्या नहीं रह सकते ? उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारुढ पार्टी के कुछ सांसद, कुछ मंत्री गैर जिम्मेदाराना बयान देते हैं और शीर्ष नेतृत्व चुप रहता है. सुले ने कहा कि आपको आत्तचिंतन करने की जरुरत है.
राजनाथजी अपने सांसदों और मंत्रियों को यह सलाह दें कि वो बोलने से पहले सोंचे. सपा के धर्मेन्द्र यादव ने कहा कि केंद्र सरकार के कुछ मंत्री और सत्तारुढ पार्टी के कुछ सांसद उकसाने वाले बयान देकर माहौल खराब करने का काम कर रहे हैं. हमारे समक्ष गरीबी, बेरोजगारी, निरक्षता जैसी चुनौती है और हमें उससे लडना है.
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