भारत- चीन ने शांति बरकरार रखने के लिए सीमा व्यवस्था पर वार्ता की
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :08 Oct 2015 7:24 PM (IST)
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बीजिंग: भारत और चीन के अधिकारियों ने विवादित सीमा पर सैनिकों के बीच टकराव से बचने के उपायों की समीक्षा के लिए यहां वार्ता की। यह बातचीत उस वक्त हुई है जब पीएलए ने आरोप लगाया है कि पिछले महीने भारतीय सैनिकों द्वारा निगरानी वाली कुटिया को हटाना सीमा पर शांति बरकरार रखने के लिए […]
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बीजिंग: भारत और चीन के अधिकारियों ने विवादित सीमा पर सैनिकों के बीच टकराव से बचने के उपायों की समीक्षा के लिए यहां वार्ता की। यह बातचीत उस वक्त हुई है जब पीएलए ने आरोप लगाया है कि पिछले महीने भारतीय सैनिकों द्वारा निगरानी वाली कुटिया को हटाना सीमा पर शांति बरकरार रखने के लिए बनी सहमति का उल्लंघन है.
‘भारत-चीन सीमा मामले पर विचार-विमर्श एवं समन्वय के लिए कार्य व्यवस्था’ (डब्ल्यूएमसीसी) की बैठक हाल ही में इसके कामकाज की समीक्षा के लिए की गई। इसमें दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों और सेना के अधिकारी शामिल हैं.दोनों देशों के सैनिकों के बीच टकराव के बाद सीमा पर पैदा होने वाले तनाव को दूर करने के लिए साल 2013 से यह व्यवस्था एक निर्णायक रास्ता रहा है.
भारतीय अधिकारियों ने इस बातचीत के बारे में कुछ कहने से इंकार कर दिया, लेकिन चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने संवाददाताओं से कहा कि ‘हम उम्मीद करते हैं कि इन विचार-विमर्श के जरिए हम सीमावर्ती इलाकों में शांति एवं सौहार्द कायम रखने तथा हमारे नेताओं के बीच बनी सहमति के क्रियान्वयन के लिए बेहतर काम कर सकते हैं. ‘
हुआ ने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि सीमावर्ती इलाका शांतिपूर्ण है और हमने कई मौकों पर यह कहा है कि सीमा पर शांति एवं सौहार्द द्विपक्षीय संबंधों के लिए महत्वपूर्ण है तथा हम उम्मीद करते हैं कि स्थिति को बनाए रखने तथा सीमा मुद्दे के अंतिम समाधान के लिए काम करने की खातिर हम मिलकर काम कर सकते हैं.” चीन के विदेश मंत्रालय के बयान के साथ चीन की सेना ने कहा कि लद्दाख में निगरानी कैमरों वाली कुटिया को भारतीय सेना द्वारा हटाया जाना ‘संबंधित समझौते तथा दोनों पक्षों की सहमति की भावना के अनुकूल नहीं है. ‘
चीन के रक्षा प्रवक्ता वू क्यान ने पिछले महीने कहा, ‘‘हम भारतीय सेना से कहते हैं कि वह दोनों सरकार के बीच बनी सहमति का क्रियान्वयन करे तथा ऐसे एकतरफा कार्रवाइयों से बचे जो सीमावर्ती इलाकों में हालात को प्रभावित करते हों तथा भारत-चीन सीमा पर शांति एवं स्थिरता कायम रखने के लिए चीन की सेना के साथ मिलकर काम करे।” साल 2013 में लद्दाख के डेपसांग में दोनों देशों के सैनिकों के बीच उस वक्त टकराव देखने को मिला जब चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग भारत के दौरे पर थे। इसके बाद टकराव की कुछ और घटनाएं भी हो चुकी हैं.
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