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नेपाल को आपूर्ति पर कोई रोक नहीं लगायी : भारत

Updated at : 30 Sep 2015 9:57 PM (IST)
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नेपाल को आपूर्ति पर कोई रोक नहीं लगायी : भारत

काठमांडू: इन खबरों के बीच कि उसने नेपाल को आवश्यक सामानों की आपूर्ति पर प्रतिबंध लगा दिया है, भारत ने आज कहा कि उसने वस्तुओं की आवाजाही पर कोई रोक नहीं लगायी है और नेपाल में अशांति की वजह से बाधाएं उत्पन्न हुई हैं.यहां अपने कार्यालय में कुछ चुनिंदा मीडियाकर्मियों के समूह से बातचीत करते […]

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काठमांडू: इन खबरों के बीच कि उसने नेपाल को आवश्यक सामानों की आपूर्ति पर प्रतिबंध लगा दिया है, भारत ने आज कहा कि उसने वस्तुओं की आवाजाही पर कोई रोक नहीं लगायी है और नेपाल में अशांति की वजह से बाधाएं उत्पन्न हुई हैं.यहां अपने कार्यालय में कुछ चुनिंदा मीडियाकर्मियों के समूह से बातचीत करते हुए नेपाल में भारत के राजदूत रंजीत राय ने कहा कि भारत नेपाल में शांति और स्थायित्व देखना चाहता है.

भारत द्वारा नेपाल को आपूर्ति पर पाबंदी संबंधी खबरों का खंडन करते हुए राय ने कहा कि सामानों की आवाजाही नये संविधान की उद्घोषणा का विरोध कर रहे मधेसी संगठनों के प्रदर्शनों के बीच सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा समस्याओं की वजह से काफी घट गयी है.मधेसी भारत की सीमा से सटे तराई क्षेत्र में रहने वाले भारतीय मूल के लोग हैं जो नेपाल को सात प्रांंतों में विभाजित करने के विरुद्ध हैं.
राय ने हालांकि उम्मीद जतायी कि मुद्दे का शीघ्र हल कर लिया जाएगा क्योंकि बडे राजनीतिक दल एवं प्रदर्शनकारी संगठन पिछले कुछ दिनों से अनौपचारिक बातचीत में लगे हैं.उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी राजनीतिक दलों एवं सभी राजनीतिक ताकतों के संपर्क में हैं और हम उनसे बातचीत के जरिए इन मुद्दों का हल करने की अपील कर रहे हैं क्योंकि ये राजनीतिक मुद्दे हैं और उनका हल बातचीत से ही निकलना है.’ उन्होंने कहा, ‘‘और हमें खुशी है कि बातचीत की प्रक्रिया आगे बढ रही है और मुझे विश्वास है कि वे किसी अच्छे नतीजे पर पहुंचेंगे’
वर्तमान संकट को नेपाल का अंदरुनी मामला करार देते हुए राय ने कहा, ‘‘भारत की एकमात्र चिंता है कि संविधान व्यापक रुप से स्वीकार्य हो और किसी को भी अलग छूट जाने का बोध नहीं होना चाहिए.’ उन्होंने कहा, ‘‘भारत विरोधी भावना भडकाना, पुतले और भारतीय झंडे को जलाना अच्छा लक्षण नहीं है और इन चीजों से समस्या का हल नहीं हो सकता. बल्कि, तराई क्षेत्र में शांति एवं सामान्य स्थिति की बहाली पर ध्यान होना चाहिए। ‘ मीडिया की खबरों के अनुसार सोमवार को काठमांडू में प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला लेकर मार्च किया और भारत पर आर्थिक नाकेबंदी करने एवं देश के अंदरुनी मामलों में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया
.
राय ने कहा, ‘‘नेपाल के लिए निरंतर हमारा संदेश रहा है कि कृपया इन मुद्दों को बातचीत के जरिए हल कीजिए। मुद्दे का हल हिंसा से मुक्त माहौल तथा समझौते एवं उदारता की भावना में ही हो सकता है.’ इस बीच नेपाल सरकार ने देशभर में काठमंाडो और अन्य शहरों में पेट्रोलियम उत्पादों का नियंत्रित वितरण जारी रखा. उनकी कम आपूर्ति के मद्देनजर सरकार ने आज नोटिस जारी किया कि अगले तीन दिनों तक किसी भी निजी वाहन को ईंधन नहीं दिया जाएगा.
नेपाल-भारत सीमा चौकियों पर नाकेबंदी से नेपाल में पिछले चार पांच दिनों से लोगों का जीवन बडा कठिन हो गया है.
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