राजेंद्र पचौरी की जगह जलवायु परिवर्तन संबंधी समिति के नये प्रमुख की नियुक्ति साल के अंत तक होगी : यूएनओ

Published at :05 Mar 2015 3:57 PM (IST)
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राजेंद्र पचौरी की जगह जलवायु परिवर्तन संबंधी समिति के नये प्रमुख की नियुक्ति साल के अंत तक होगी  : यूएनओ

संयुक्त राष्ट्र : संयुक्त राष्ट्र के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा है कि विश्व निकाय जलवायु परिवर्तन पर अपनी समिति के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र पचौरी के खिलाफ आरोपों से अवगत है और इस साल के अंत में नए प्रमुख की नियुक्ति की जाएगी. संयुक्त राष्ट्र प्रमुख बान की मून के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने पचौरी […]

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संयुक्त राष्ट्र : संयुक्त राष्ट्र के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा है कि विश्व निकाय जलवायु परिवर्तन पर अपनी समिति के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र पचौरी के खिलाफ आरोपों से अवगत है और इस साल के अंत में नए प्रमुख की नियुक्ति की जाएगी. संयुक्त राष्ट्र प्रमुख बान की मून के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने पचौरी के खिलाफ आरोपों की संयुक्त राष्ट्र द्वारा जांच किए जाने की संभावना से इनकार किया.

यह पूछे जाने पर कि क्या जांच की जाएगी, दुजारिक ने कल यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम आरोपों से अवगत हैं, जो पचौरी के संगठन, खुद के थिंक टैंक से संबंधित हैं जो संयुक्त राष्ट्र से संबंधित नहीं है, जो संयुक्त राष्ट्र की संस्था नहीं है.’’ पचौरी ने अपने थिंक टैंक टेरी की एक महिला कर्मचारी द्वारा यौन उत्पीड़न का आरोप लगाए जाने के बाद 24 फरवरी को जलवायु परिवर्तन पर अंतर सरकारी पैनल(आइपीसीसी) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था.
दुजारिक ने कहा, ‘‘मेरे हिसाब से आरोपों की भारतीय अधिकारियों द्वारा गहन जांच की जा रही है.’’ यह पूछे जाने पर कि क्या महासचिव ने नया जलवायु प्रमुख नियुक्त करने का कोई फैसला किया है, दुजारिक ने कहा कि आइपीसीसी का अध्यक्ष नियुक्त करने का काम संयुक्त राष्ट्र प्रमुख का नहीं है.
संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘जैसा कि आपने देखा होगा कि पैनल ने स्वयं एक अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त किया था और पैनल इस साल के अंत में नया अध्यक्ष चुनेगा. लेकिन आइपीसीसी के अध्यक्ष की नियुक्ति करना महासचिव के अधिकार क्षेत्र में नहीं है, जो ‘जलवायु प्रमुख’ नहीं हैं.’’ पचौरी ने अपना कार्यकाल खत्म होने से कुछ महीने पहले इस्तीफा देने के अपने फैसले के बारे में संयुक्त राष्ट्र महासचिव को पत्र लिखा था.
वह 13 साल तक आइपीसीसी के अध्यक्ष रहे. 2007 में उन्हें अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति अल गोर के साथ शांति का नोबेल पुरस्कार मिला था. पिछले हफ्ते आइपीसीसी के कार्य की एक समीक्षा बैठक में आइपीसीसी सचिव रीनेट क्राइस्ट ने कहा था कि पचौरी के खिलाफ आरोप ‘‘आइपीसीसी से संबंधित नहीं हैं’’, लेकिन दिल्ली में उनके कार्य से संबंधित हैं. उन्होंने कहा था, ‘‘हम डॉ. पचौरी के खिलाफ आरोपों की अनदेखी नहीं कर सकते, लेकिन आरोप आइपीसीसी से संबंधित नहीं हैं.’’ क्राइस्ट ने कहा कि पैनल ने बैठक में आरोपों के संबंध में कार्यस्थल के विषय को उठाया था.
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