Pope Francis: 1936 से लेकर 2025 तक पोप फ्रांसिस से जुड़ी 20 बड़ी बातें, ऐसा रहा है जीवन का घटनाक्रम
Published by : Pritish Sahay Updated At : 21 Apr 2025 9:35 PM
Pope Francis
Pope Francis: पोप फ्रांसिस ने 88 साल की उम्र में वेटिकन सिटी में अंतिम सांस ली. 1936 को अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में जन्मे पोप फ्रांसिस का शुरुआती जीवन काफी कठिनाइयों वाला रहा था. जॉर्ज मारियो बर्गोग्लियो 266वें पोप चुने गए थे. वह अमेरिका से पहले पोप थे. इसके अलावा वह इस शीर्ष धार्मिक पद पर पहुंचने वाले पहले जेसुइट भी थे.
Pope Francis: जॉर्ज मारियो बर्गोग्लियो को पूरी दुनिया में पोप फ्रांसिस के नाम से विख्यात थे. अपने विनम्र स्वभाव और गरीबों के प्रति चिंता ने उन्हें एक सहृदय पोप के रूप में विश्व पर प्रसिद्ध किया था. कैथोलिक समुदाय के पहले लैटिन अमेरिकी पादरी पोप फ्रांसिस ने 88 साल की उम्र में सोमवार (21 अप्रैल) को अंतिम सांस ली. पोप फ्रांसिस को कैथोलिक चर्चों में सुधार के लिए भी जाना जाता है. हालांकि उनकी शख्सियत ऐसी थी कि वो परंपरावादियों के बीच भी काफी लोकप्रिय थे. उनका जन्म 17 दिसंबर 1936 को अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में हुआ था. वह इटली के एक अकाउंटेंट मारियो जोस बर्गोग्लियो और रेजिना मारिया सिवोरी के बेटे थे. अपने पांच भाई बहनों में वो सबसे बड़े थे.
पोप फ्रांसिस के जीवन की अहम घटनाएं
- 20 मई 1992- जॉर्ज मारियो बर्गोग्लियो ब्यूनस आयर्स के सहायक बिशप नियुक्त किये गये. इसके बाद 1998 में अर्जेंटीना की राजधानी के आर्कबिशप के रूप में कार्डिनल एंटोनियो क्वारासिनो का स्थान लिया.
- 21 फरवरी 2001- सेंट जॉन पॉल द्वितीय ने जॉर्ज मारियो बर्गोग्लियो कार्डिनल पद पर पदोन्नत किए गए.
- 13 मार्च 2013- जॉर्ज मारियो बर्गोग्लियो 266वें पोप चुने गए. वह अमेरिका से पहले पोप थे. इसके अलावा वह इस शीर्ष धार्मिक पद पर पहुंचने वाले पहले जेसुइट थे.
- 13 अप्रैल 2013- चर्च को संचालित करने और इसकी नौकरशाही को पुनर्गठित करने में सहायता के लिए फ्रांसिस ने विश्व भर के आठ कार्डिनल की अनौपचारिक सलाहकार टीम बनाई.
- 12 मई 2013- ओट्रांतो के शहीदों को संत घोषित किया गया.
- 8 जुलाई 2013- पोप फ्रांसिस रोम से बाहर पहली यात्रा पर सिसिली के द्वीप लैम्पेदुसा पहुंचे, जहां उन्होंने नए प्रवासियों से मुलाकात की और भावी शरणार्थियों के प्रति दुनिया भर में दिखाई जा रही उदासीनता की निंदा की.
- 25 मई 2014- फिलिस्तीन मुद्दे के प्रति समर्थन प्रदर्शित करने के लिए, पोप फ्रांसिस पश्चिमी तट के बेतलहम शहर को इजराइल से अलग करने वाली दीवार पर प्रार्थना करने के लिए अचानक रुके.
- 8 जून 2014 वेटिकन गार्डन में शांति प्रार्थना के लिए पोप फ्रांसिस ने इजराइल और फिलिस्तीन राष्ट्रपतियों की मेजबानी की.
- 10 जुलाई 2015- औपनिवेशिक युग के दौरान अमेरिका के मूल निवासियों के विरुद्ध कैथोलिक चर्च के पापों और अपराधों के लिए पोप फ्रांसिस ने बोलीविया में क्षमा मांगी.
- 18 फरवरी 2016- अमेरिका-मेक्सिको सीमा पर मृत प्रवासियों के लिए पोप फ्रांसिस ने प्रार्थना की.
- 1 दिसंबर 2017- म्यांमार के रोहिंग्या शरणार्थियों के साथ बांग्लादेश में एक बैठक में पोप फ्रांसिस ने कहा, “आज ईश्वर की उपस्थिति को भी रोहिंग्या कहा जाता है.”
- 3 अगस्त 2018- आधिकारिक चर्च शिक्षा में बदलाव करते हुए सभी परिस्थितियों में मृत्युदंड को अस्वीकार्य घोषित किया गया.
- 24 नवंबर 2019- जापान के हिरोशिमा और नागासाकी की यात्रा के दौरान पोप फ्रांसिस ने परमाणु हथियारों का उपयोग करने और उन्हें रखने को अनैतिक घोषित किया.
- 4 जुलाई 2021- रोम के जेमेली अस्पताल में पोप फ्रांसिस की आंत की सर्जरी हुई, बड़ी आंत का 33 सेंटीमीटर का हिस्सा निकाला गया.
- 7 जून 2023- उनकी आंत के घाव के ऊतकों को हटाने और हर्निया संबंधी सर्जरी हुई.
- 14 फरवरी 2025- ब्रोंकाइटिस की स्थिति बिगड़ने के बाद पोप फ्रांसिस को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जो बाद में फेफड़ों के जटिल संक्रमण और निमोनिया का कारण बना.
- 23 मार्च 2025- 38 दिनों के उपचार के बाद पोप फ्रांसिस को अस्पताल से छुट्टी मिली.
- 25 अप्रैल 2025- पोप फ्रांसिस ने 88 साल की उम्र में अंतिम सांस लिया. (भाषा इनपुट)
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