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संयुक्त राष्ट्र में एक बार फिर पाक ने अलापा कश्‍मीर राग, अब मोदी की बारी

Updated at : 26 Sep 2014 11:33 PM (IST)
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संयुक्त राष्ट्र में एक बार फिर पाक ने अलापा कश्‍मीर राग, अब मोदी की बारी

संयुक्त राष्ट्र : पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कश्मीर मुद्दा उठाया और जनमत संग्रह करवाने की बात कही. इतना ही नहीं शरीफ ने भारत पर इस बात की तोहमत लगायी कि उसने विदेश सचिव स्तर की वार्ता को रद्द कर लंबित मुद्दों का समाधान करने के लिए एक अन्य अवसर […]

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संयुक्त राष्ट्र : पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कश्मीर मुद्दा उठाया और जनमत संग्रह करवाने की बात कही. इतना ही नहीं शरीफ ने भारत पर इस बात की तोहमत लगायी कि उसने विदेश सचिव स्तर की वार्ता को रद्द कर लंबित मुद्दों का समाधान करने के लिए एक अन्य अवसर को गंवा दिया.

उन्‍होंने कहा कि कश्‍मीर जैसे मूल मुद्दे पर पर्दा नहीं डाला चा सकता है. पाकिस्‍तान बातचीत के जरीए इस मुद्दे को सुलझाने के लिए हर स्‍तर से तैयार है. इशारों-इशारों में पाक ने संयुक्‍त राष्‍ट्र से इस मुद्दे पर सहायता मांगने का प्रयास किया. शरीफ ने कहा, जम्मू कश्मीर का मूल मुद्दा सुलझाया जाना है. यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय की जिम्मेदारी है. जबतक जम्मू कश्मीर के लोगों की इच्छा के अनुसार कश्मीर मुद्दे का हल नहीं कर लिया जाता, उस पर हम पर्दा नहीं डाल सकते.

विदेश सचिव बैठक रद्द होने का जिम्‍मेवार भारत को ठहराया

शरीफ ने विदेश सचिवों की बैठक के लिए भारत को दोषी ठहरा दिया लेकिन एक बार भी इस बात का जिक्र नहीं किया कि बातचीत से पूर्व पाक ने अलगाववादियों से भी मुलाकात की थी. शरीफ ने कहा, हमें विदेश सचिव स्तर की वार्ता रद्द होने से निराशा हुई. अंतरराष्ट्रीय बिरादरी ने भी इसे गंवा दिए जाने वाले अवसर के रुप में देखा. उन्होंने कहा, पाकिस्तान मानता है कि हमें विवादों के हल तथा आर्थिक एवं व्यापारिक संबंध कायम करने के लिए वार्ता प्रक्रिया में लगा रहना चाहिए. शांति के लाभांश की उपेक्षा नहीं करे.

कश्‍मीर मसला सुलझाने के लिए मदद की गुहार

अपने भाषण में भारत को ताने मारते हुए शरीफ ने कहा कि छह दशक से भी पहले संयुक्त राष्ट्र में जम्मू कश्मीर में जनमत संग्रह कराने के लिए प्रस्ताव पारित किया गया था. उन्होंने कहा, जम्मू कश्मीर के लोग अब भी उस वादे को पूरा किए जाने का इंतजार कर रहे हैं. कश्मीरियों की कई पीढियां आधिपत्य में रहीं और (उनके साथ) हिंसा हुई तथा उनके मौलिक अधिकारों का हनन हुआ. खासकर कश्मीरी महिलाएं भयंकर मुसीबत और अपमान से गुजरी हैं. उन्होंने कहा कि दशकों तक संयुक्त राष्ट्र के तत्वाधान एवं लाहौर घोषणापत्र के आलोक में द्विपक्षीय ढंग से भी इस विवाद को सुलझाने के प्रयास किए गए.

भाजपा ने कश्मीर मुद्दे पर शरीफ की आलोचना की

भाजपा ने आज रात पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा में कश्मीर का मुद्दा उठाने और विदेश सचिव स्तरीय वार्ता रद्द होने के लिए भारत पर दोष मढने की बातों करने पर उनकी आलोचना की. पार्टी ने कहा कि पडोसी देश भारत से बात करने के बजाय अलगाववादियों से बातचीत करने को अधिक इच्छुक है. भाजपा प्रवक्ता नलिन कोहली ने कहा कि यदि आप पुराना इतिहास देखे हैं तो पाकिस्तान भारत के साथ संबंध सुधारने के मामले में न तो बहुत गंभीर रहा है और न ही उसने संबंध बेहतर बनाने के लिए काम करने में गंभीरता दिखायी है. उन्होंने कहा कि यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी दोस्ती का हाथ बढाया लेकिन पाकिस्तान भारत सरकार से बातचीत करने के बजाय अलगाववादियों से बात करने को ज्यादा इच्छुक था और बातचीत रद्द कर दी गयी. इसके साथ ही इस मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों ने एक सुर में नवाज को लताड़ा.

पाक सेना प्रमुख ने सैनिकों को LOC पर गोलियां चलाने का आदेश दिया

पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल राहिल शरीफ ने आज अपने सैनिकों को नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार से किसी भी तरह की उकसावे की कार्रवाई का प्रभावी तरीके से जवाब देने का आदेश दिया. सेना की ओर से जारी बयान के अनुसार जनरल शरीफ सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करने झेलम के समीप नियंत्रण रेखा की अग्रिम चौकियों पर गए थे. बयान के अनुसार स्थानीय कमांडरों ने उन्हें स्थिति से अवगत कराया और उन्होंने सैनिकों की तैयारी पर संतोष जताया. बयान में कहा गया है, उन्होंने दोहराया कि नियंत्रण रेखा के पार से किसी भी उकसावे की कार्रवाई का प्रभावी तरीके से जवाब दिया जाए. उन्होंने कहा, मातृभूमि की रक्षा में तैनात जवानों पर पूरे देश को गर्व है. नियंत्रण रेखा पर दोनों सेनाएं (भारत एवं पाकिस्तान की) एक दूसरे पर संघर्षविराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाकर अक्सर गोलीबारी करती हैं.

मून से मुलाकात

इससे पहले नवाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र प्रमुख बान की मून के साथ भेंट के दौरान भी कश्मीर मुद्दा उठाया. पाकिस्तान के विदेश मंत्रलय के मुताबिक दोनों नेता न्यूयॉर्कमें संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में मिले और इस दौरान भारत द्वारा विदेश सचिव स्तर वार्ता भारत द्वारा रद्द किये जाने पर निराशा प्रकट की क्योंकि यह वार्ता प्रक्रि या के लिए एक झटका था. उल्लेखनीय है कि अगस्त में भारत ने कश्मीरी अलगाववादी नेताओं से पाकिस्तानी उच्चायुक्त के भेंट करने को लेकर वार्ता रद्द कर दी थी.

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