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मानवीय आपदा की ओर बढ़ रहा है गाजा:संयुक्त राष्ट्र

Updated at : 03 Aug 2014 12:13 PM (IST)
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मानवीय आपदा की ओर बढ़ रहा है गाजा:संयुक्त राष्ट्र

संयुक्त राष्ट्र: संयुक्‍त राष्‍ट्र ने खुलासा किया है कि गाजा मानवीय आपदा की ओर बढ़ रहा है. संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों का कहना है कि कई सप्ताह तक चले भीषण संघर्ष के बाद 18 लाख फलस्तीनियों के लिए चिकित्सीय सेवाएं और अन्य सुविधाओं के ढ़हने के कगार पर आ जाने के कारण गाजा पट्टी स्वास्थ्य […]

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संयुक्त राष्ट्र: संयुक्‍त राष्‍ट्र ने खुलासा किया है कि गाजा मानवीय आपदा की ओर बढ़ रहा है. संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों का कहना है कि कई सप्ताह तक चले भीषण संघर्ष के बाद 18 लाख फलस्तीनियों के लिए चिकित्सीय सेवाएं और अन्य सुविधाओं के ढ़हने के कगार पर आ जाने के कारण गाजा पट्टी स्वास्थ्य और मानवीय आपदा की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है.

इस्राइल द्वारा हमास नियंत्रित गाजा पट्टी पर बीती 8 जुलाई से किए जा रहे हमलों में अब तक कम से कम 1,676 फलस्तीनी मारे जा चुके हैं, जिनमें अधिकतर नागरिक हैं. इसके अलावा इन हमलों में लगभग 9000 लोग घायल हो चुके हैं.

फलस्तीनी क्षेत्र में संयुक्त राष्ट्र के मानवीय समन्वयक जेम्स रॉले ने कहा कि गाजा पट्टी में चिकित्सीय सेवाएं और सुविधाएं ढहने के कगार पर हैं और संघर्ष बढ़ने के साथ-साथ स्वास्थ्य आपदा बढ़ रही है. रॉले ने कहा, अब हम स्वास्थ्य और मानवीय आपदा की ओर देख रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध तुरंत रोका जाना चाहिए.

अधिकारियों ने गाजा पट्टी में चिकित्सीय कर्मचारियों और सुविधाओं की सुरक्षा में कमी और 18 लाख फलस्तीनियों की आपात स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में आ रही कमी पर चिंता जाहिर की.

इस्राइली हमले के तीन सप्ताह बाद गाजा चिकित्सीय सेवाएं और सुविधाएं ढहने के कगार पर हैं. एक तिहाई अस्पताल, 14 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 29 फलस्तीनी रेड क्रीसेंट और स्वास्थ्य मंत्रालय के एंबुलेंस युद्ध में नष्ट हो गए हैं. कम से कम 40 प्रतिशत चिकित्सीय कर्मचारी व्यापक स्तर पर फैली हिंसा के कारण काम करने के लिए अस्पतालों और क्लिनिक आदि पर नहीं जा पा रहे. कम से कम आधे सार्वजनिक स्वास्थ्य प्राथमिक देखभाल केंद्र बंद हैं.

संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों द्वारा यह चेतावनी उस मानवीय संघर्षविराम को तोडे जाने के बाद आई है, जिसे लागू करने की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका ने की थी. युद्धविराम के इस उल्लंघन से स्तब्ध और निराश होकर संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की-मून को यह कहना पड़ा, खास तौर पर गाजा के नागरिकों को एक बेहद जरुरी मोहलत दी जानी चाहिए ताकि वे अपने घायलों की देखभाल कर सकें, मृतकों के अंतिम संस्कार कर सकें और बुनियादी ढांचों की मरम्मत कर सकें. युद्धविराम का यह उल्लंघन एक नये संघर्ष की ओर बढ़ रहा है.

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