पिता का प्यार बना मिसालः 18 साल की बेटी के हरएक दिन को किया कैमरे में कैद

Updated at : 28 Jun 2014 4:42 PM (IST)
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पिता का प्यार बना मिसालः 18 साल की बेटी के हरएक दिन को किया कैमरे में कैद

इंग्लैंडः एक और जहां लड़कियों के पैदा होने से पहले ही उन्हें बोझ समझा लिया जाता है.संसार में आने से पहले ही इस संसार से विदा करने की तैयारी कर ली जाती है. भ्रूण हत्या के बढ़ते मामले इस बात की गवाही देते है. वहीं एक पिता ने अपनी बेटी से प्रेम का नायाब नमूना […]

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इंग्लैंडः एक और जहां लड़कियों के पैदा होने से पहले ही उन्हें बोझ समझा लिया जाता है.संसार में आने से पहले ही इस संसार से विदा करने की तैयारी कर ली जाती है. भ्रूण हत्या के बढ़ते मामले इस बात की गवाही देते है. वहीं एक पिता ने अपनी बेटी से प्रेम का नायाब नमूना पेश किया है. उन्होंने अपनी बेटी के अल्ड्रासाउंड की तस्वीर से लेकर उसके 18 साल के होने तक की हरएक दिन को कैमरे में कैद किया है.

गिल्लिंघम कैंट के रहने वाली सुमन अब 18 साल की हो गयी है और वह पहली लड़की बन गयीं है जिसकी हरएक दिन की तस्वीर खींची गयी है. मुनीष अपनी बेटी की हरएक दिन की तस्वीर ले रहे हैं जब से वह पैदा हुई है उन्होंने अबतक लगभग 6575 तस्वीरें ली है और एक दिन भी ऐसा नहीं गया जब उन्होंने अपनी बेटी की तस्वीर नहीं ली होगी. इंग्लैंड के कई प्रमुख अखबारों ने बेटी और पिता के इस अनोखे प्यार को स्थान दिया. मुनीष बंसल ने हमें (प्रभात खबर) फेसबुक के जरिये इस अनोखे प्यार और कैमरे में कैद की गयी उनकी बेटी के सफर की जानकारी दी.

अल्ट्रासाउंड बनीं पहली तस्वीर

मुनीष ने जब अपनी बेटी की तस्वीर की सीरिज पेश की, तो उनकी सबसे पहली तस्वीर अल्ड्रासाउंड की थी. यानि उन्होंने अपनी बेटी को मां के पेट से ही कैमरे में कैद करना शुरू कर दिया था. पेशे से एकाउंटेंट का काम कर रहे 41 साल के मुनीष कहते हैं, इन तस्वीरों को कैद करने का मेरा मकसद था कि मेरी बेटी को याद रहे कि किस तरह उसके लिए हरएक दिन बदलाव लेकर आता है. अगर आप किसी बच्चे को हर एक महीने के आधार पर देखेंगे तो उसमें बड़ा बदलाव नजर आता है. और मेरी बेटी में भी मैं वही बदलाव देखता हूं. मेरे लिए उसकी सभी तस्वीरों मे से एक को चुनना काफी मुश्किल है उसकी सभी तस्वीरें मुझे बेहद पसंद है.

कब तक जारी रहेगा फोटा खींचना

मुनीष कहते हैं इन तस्वीरों के रूप में कई यादें उनके पास है वह इसे जारी रखना चाहते है लेकिन जब सुमन पढ़ाई के लिए बाहर चली जायेगी तो इसे जारी रखना मुश्किल होगा लेकिन अभी कुछ महीने तक तस्वीरें लेना जारी रहेगा. सुमन नर्स बनना चाहती है और अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान दे रही हैं. सुमन के लिए उनके जीवन के हर पल के सफर की दास्तां तस्वीरों के रूप में मौजुद है वह अपने हर एक दिन को तस्वीरों के जरिये जी सकतीं है अपने हर दिन को याद कर सकती है. अक्सर लोग अपने बचपन की यादों में खो जाते है कई बातें उन्हें याद नहीं होती लेकिन हर एक दिन की तस्वीर सुमन के पास है वह अपना हरएक दिन अच्छी तरह याद कर सकतीं है जैसे उनका फेवरेट ड्रेस कौन सा था, उनकी हेयरस्टाइल किस तरह बदलती गयी, चेहरा किस तरह बदलता गया. कुल मिलकार सुमन के पास एक नायाब तौहफा है जो उसे आजीवन अपने जीवन की कहानी बताता रहेगा.

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