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गुवा गोलीकांड के शहीदों को चंपाई सोरेन ने दी श्रद्धांजलि, हेमंत सोरेन सरकार और कांग्रेस पर जमकर बरसे

8 Sep, 2025 4:38 pm
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गुवा गोलीकांड के शहीदों को चंपाई सोरेन ने दी श्रद्धांजलि, हेमंत सोरेन सरकार और कांग्रेस पर जमकर बरसे
गुवा गोलीकांड के शहीदों को नमन करते पूर्व सीएम चंपाई सोरेन

Gua Golikand Anniversary: गुवा गोलीकांड के शहीदों को झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने कहा कि अब तक शहीदों के सपनों का झारखंड नहीं बना है. उन्होंने हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने हेमंत सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि इस सरकार में आदिवासियों की जमीन की लूट हो रही है. कांग्रेस पर भी वे जमकर बरसे. उन्होंने कहा कि जितने गोलीकांड हुए हैं, वे कांग्रेस के शासनकाल में हुए हैं.

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Gua Golikand Anniversary: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने सोमवार को गुवा गोलीकांड के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की. इस दौरान उन्होंने कहा कि शहीदों के सपनों का झारखंड अभी नहीं बना है. उन्होंने हेमंत सोरेन सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि इस सरकार में आदिवासियों की जमीन की लूट हो रही है. उन्होंने शहीद स्थल पर झारखंड के आदिवासियों एवं मूलवासियों के अस्तित्व एवं अस्मिता की रक्षा के लिए चल रहे आंदोलन को तेज करने का संकल्प लिया. हर वर्ष 8 सितंबर को गुवा गोलीकांड की बरसी मनायी जाती है.

चंपाई सोरेन ने कांग्रेस पर लगाया गंभीर आरोप


बीजेपी नेता और पूर्व सीएम चंपाई सोरेन ने कांग्रेस पर बड़ा आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि इस पार्टी ने हमेशा आंदोलन को कुचलने और गोली चलाने का काम किया है. जितने भी गोलीकांड हुए हैं, कांग्रेस के शासनकाल में हुए हैं. इससे पहले पूर्व सीएम चंपाई सोरेन, पूर्व सांसद गीता कोड़ा, सरायकेला खरसावां जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की.

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11 आदिवासियों की शहादत का गवाह है गुवा गोलीकांड


सारंडा के घने जंगलों के बीच बसा है गुवा. इसी गुवा में एक स्मारक है, जो 11 आदिवासियों की शहादत का गवाह है. यह स्मारक इस बात का सबूत है कि झारखंड आंदोलन के दौरान अपने हक की मांग करनेवाले आंदोलनकारियों के साथ तत्कालीन पुलिस कैसा जुल्म ढाती थी. गुवा की शहादत कोई सामान्य घटना नहीं है. यह घटना 8 सितंबर 1980 को घटी थी, जब पुलिस की गोली से घायल गुवा अस्पताल में इलाज करा रहे आठ आदिवासियों को निकाल कर लाइन में खड़ा कर गोली मार दी गयी थी.

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Guru Swarup Mishra

लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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