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SSC Scam : शिक्षा विभाग में हुआ है 'डिजाइंड करप्शन', शिक्षक भर्ती घोटाले की धीमी जांच पर जज ने जतायी नाराजगी

Updated at : 26 Jul 2023 11:16 AM (IST)
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SSC Scam : शिक्षा विभाग में हुआ है 'डिजाइंड करप्शन', शिक्षक भर्ती घोटाले की धीमी जांच पर जज ने जतायी नाराजगी

शिक्षक भर्ती घोटाले में सीबीआइ की धीमी जांच को लेकर कलकत्ता हाइकोर्ट के न्यायाधीश अभिजीत गांगुली ने नाराजगी व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि आखिर यह जांच कब खत्म होगी.

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कोलकाता, विकास कुमार गुप्ता : राज्य में प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति में भ्रष्टाचार के बाद इस बार ‘पोस्टिंग’ में भी भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं. कलकत्ता हाइकोर्ट ने इस शिकायत की जांच में सीबीआइ को भी शामिल कर लिया. मामले की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश अभिजीत गांगुली ने नये सिरे से एफआइआर दर्ज करने का निर्देश दिया. जज ने कहा कि माणिक भट्टाचार्य और पार्थ चटर्जी ने मिल कर भ्रष्टाचार किया है. उन्होंने कहा कि यह एक ‘डिजाइंड करप्शन’ है. प्राथमिक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए हाइकोर्ट में याचिकाकर्ता सुकांत प्रमाणिक की ओर से वकील दिब्येंदु चट्टोपाध्याय ने एक नया मामला दायर किया गया. इस मामले में न्यायाधीश ने कहा कि प्राथमिक नियुक्ति में सुनियोजित भ्रष्टाचार हुआ है, जिसके पीछे प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के तत्कालीन अध्यक्ष माणिक भट्टाचार्य हैं. हाइकोर्ट के आदेश पर माणिक भट्टाचार्य को पहले ही बोर्ड के चेयरमैन पद से हटा दिया गया था.

क्या है मामला

2020 की भर्ती में मुर्शिदाबाद, बांकुड़ा, बीरभूम जिलों में नये दर्ज मामलों के मद्देनजर यह भ्रष्टाचार सामने आया है. जज ने कहा कि बोर्ड का सचिव तो महज एक ””पिट्ठू”” है. इसका ””मास्टर माइंड”” कोई और है! सीबीआइ के मुताबिक, वह भर्ती प्रक्रिया की जांच कर रही है, जो कि एक पहलू है. अब पोस्टिंग के दौरान भ्रष्टाचार मामले का दूसरा पहलू है. इसके बाद ही न्यायाधीश ने नया मुकदमा करने का आदेश दिया. यह मामला 30 प्राथमिक नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों ने दायर किया है, जिन्होंने 2020 की भर्ती प्रक्रिया में भाग लिया था. उन्होंने आरोप लगाया कि काउंसलिंग के दौरान उन्हें बताया गया कि उनके संबंधित जिलों में कोई रिक्तियां नहीं हैं. लेकिन 10 दिन बाद कई जिलों में उन रिक्तियों पर नियुक्ति कर दी गयी है. जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय ने नए मामले में सीबीआइ और इडी को तत्काल शामिल करने का आदेश दिया.

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जांच की धीमी रफ्तार पर जतायी नाराजगी

शिक्षक भर्ती घोटाले में सीबीआइ की धीमी जांच को लेकर कलकत्ता हाइकोर्ट के न्यायाधीश अभिजीत गांगुली ने नाराजगी व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि आखिर यह जांच कब खत्म होगी. सीबीआइ जिस तरह का आचरण कर रही है, वह अब सभी सीमाएं पार कर गयी हैं. अब इसे बर्दाश्त कर पाना संभव नहीं है. मंगलवार को मामले की सुनवाई के दौरान उन्होंने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि मंगलवार रात को ही प्रेसिडेंसी जेल जाकर प्राथमिक शिक्षा परिषद के पूर्व अध्यक्ष माणिक भट्टाचार्य से पूछताछ करने का आदेश दिया. साथ ही इडी को खुली छूट देते हुए न्यायाधीश ने कहा कि अगर इस मामले में किसी भी तरह से वित्तीय गड़बड़ी हुई है, तो इडी इस मामले की हर तरह से जांच करने को स्वतंत्र है. न्यायाधीश के बुलावे पर मंगलवार को मामले की सुनवाई के दौरान सीबीआइ अधिकारी कल्याण भट्टाचार्य, वसीम अकरम खान और इंस्पेक्टर मलय दास अदालत में उपस्थित थे.

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ट्रांसफर करने के लिए भी माणिक भट्टाचार्य बड़ी धनराशि वसूलते थे

आरोप है कि गैरकानूनी तरीके से शिक्षकों की नौकरी देने के साथ ही जो लोग नौकरी कर रहे हैं, उन्हें मन मुताबिक जगह पर ट्रांसफर करने के लिए भी माणिक भट्टाचार्य बड़ी धनराशि वसूलते थे. इसके अलावा उन्होंने जेल प्रबंधन को भी संभावित असहयोग से बचने का निर्देश देते हुए कहा कि जब सीबीआइ अधिकारी पूछताछ के लिए जायेंगे तो जेल अधीक्षक को हर तरह से सहयोग करना होगा. कोर्ट को यह बात पता चली कि जेल में केंद्रीय एजेंसी के साथ सहयोग नहीं हुआ है, तो कड़ा कदम उठायेंगे. उन्होंने जेल अधीक्षक को भी पक्षकार बनाने का आदेश दिया है.

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अदालत के निर्देश पर प्रेसिडेंसी जेल में माणिक भट्टाचार्य से सीबीआइ ने की पूछताछ

अदालत के निर्देश पर प्रेसिडेंसी जेल में जाकर शिक्षक भर्ती घोटाले में इडी के हाथों गिरफ्तार मध्य शिक्षा पर्षद के पूर्व चेयरमैन माणिक भट्टाचार्य से सीबीआइ की टीम ने पूछताछ की. अदालत के निर्देश का कॉपी अपलोड होने के बाद सीबीआइ के चार सदस्यों की टीम प्रेसिडेंसी जेल में पहुंची. इस टीम में एक साइबर एक्सपर्ट ले अलावा तीन सीबीआइ के जांच अधिकारी मौजूद थे. जेल में पहुंचने के कुछ ही देर में जेल अधीक्षक के कार्यालय के पास में बने इंट्रोगेशन रूम में माणिक को लाया गया. इसके बाद वहां सीबीआइ की टीम ने पूछताछ शुरू की. पूछताछ की वीडियोग्राफी की गयी.

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