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कुलभूषण जाधव की फांसी पर पाकिस्‍तान के फैसले पर अमेरिका उठा रहा सवाल

Updated at : 12 Apr 2017 10:24 AM (IST)
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कुलभूषण जाधव की फांसी पर पाकिस्‍तान के फैसले पर अमेरिका उठा रहा सवाल

वाशिंगटन : अमेरिका के टॉप एक्‍सपर्ट़स ने भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा देने पर पाकिस्तान के फैसले पर चिंता जाहिर की है. उन्‍होंने कहा है कि पाकिस्‍तान वैश्‍विक मंचों पर खुद को अलग-थलग किये जाने के खिलाफ भारत को एक सख्‍त संदेश देने के लिए ऐसा करना चाहता है. पाकिस्तान में सैन्य […]

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वाशिंगटन : अमेरिका के टॉप एक्‍सपर्ट़स ने भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा देने पर पाकिस्तान के फैसले पर चिंता जाहिर की है. उन्‍होंने कहा है कि पाकिस्‍तान वैश्‍विक मंचों पर खुद को अलग-थलग किये जाने के खिलाफ भारत को एक सख्‍त संदेश देने के लिए ऐसा करना चाहता है. पाकिस्तान में सैन्य फील्ड जनरल कोर्ट मार्शल की ओर से आतंकवाद एवं जासूसी के मामले में कथित संलिप्तता को लेकर सेना अधिनियम के तहत जाधव (46) को मौत की सजा सुनायी गयी है. पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने मौत की सजा की पुष्टि की है.

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अमेरिका के विदेश मंत्रालय में दक्षिण एवं मध्य एशिया ब्यूरो में पूर्व वरिष्ठ अधिकारी एलिसा एरिस ने कहा कि जाधव के मामले में कई अनियमितताएं हैं जैसे उसे दूतावास पहुंच, मुहैया नहीं कराने के अलावा कोर्ट मार्शल को लेकर गोपनीयता बरतना. मुझे सबसे अधिक हैरानी जाधव के मामले की इतनी जल्द सुनवाई पर हुई, जबकि मुंबई हमलावरों के मामले में सुनवाई कितनी बार स्थगित हुई है. एरिस ने कहा कि मुंबई मामले की सुनवाई करीब नौ साल से लटकी हुई है. फिलहाल, एरिस विदेश संबंध परिषद में भारत, पाकिस्तान और दक्षिण एशिया के लिए सीनियर फेलो हैं.

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वाशिंगटन स्थित एक शीर्ष अमेरिकी थिंक टैंक अटलांटिक काउंसिल में दक्षिण एशिया सेंटर के निदेशक भरत गोपालस्वामी का मानना है कि जाधव की दोष सिद्धि के लिए जरूरी सबूत कमजोर हैं और पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से बतायी गयी कहानी में तारतम्यता नहीं है. गोपालस्वामी ने कहा कि और सबूत मुहैया कराये बिना यह दोष सिद्धि आतंकवाद से मुकाबले के लिए पाकिस्तान के खिलाफ भारत की आक्रामक कूटनीति के जवाब में राजनीतिक रूप से प्रेरित प्रतीत होती है.

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प्रतिष्ठित वूडरो विल्सन सेंटर में दक्षिण एशिया मामलों से संबंधित उपनिदेशक एवं वरिष्ठ एसोसिएट माइकल कुगलमैन ने कहा कि यह पूरी कहानी रहस्य एवं अनिश्चितता में डूबी हुई है. हालांकि, साफ तौर पर यह लगता है कि पाकिस्तान भारत को एक स्पष्ट संदेश देना चाहता है, चाहे वह पाकिस्तान में हस्तक्षेप को लेकर हो या पाकिस्तान को विश्व मंच पर अलग-थलग करने के भारत के प्रयासों के खिलाफ हो.

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उन्होंने कहा कि वहीं, यह देखते हुए कि भारत कितनी हद तक यह तय करना चाहेगा कि जाधव को फांसी नहीं हो, पाकिस्तान के पास ऐसा कुछ है, जिसका इस्तेमाल वह भारत के साथ सौदेबाजी के लिए कर सकता है. पाकिस्तान जाधव का इस्तेमाल भारत से कुछ सुविधा हासिल करने के लिए कर सकता है. हालांकि, अमेरिकी विदेश मंत्रालय और व्हाइट हाउस दोनों ने ही जाधव को सजा सुनाये जाने पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.

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