इनोवेशन में भारत की दस्तक : सौर ऊर्जा पर चलनेवाला माइक्रो कोल्ड स्टोरेज

Updated at : 08 Sep 2016 6:02 AM (IST)
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इनोवेशन में भारत की दस्तक : सौर ऊर्जा पर चलनेवाला माइक्रो कोल्ड स्टोरेज

इनोवेशन में भारत की दस्तक – 7 – आइआइटी खड़गपुर के इंजीनियर्स ने बनाया इकोफ्रॉस्ट ‘इनोवेशन में भारत की दस्तक’ शृंखला की सातवीं कड़ी में आज पढ़ें सौर ऊर्जा पर चलनेवाले माइक्रो कोल्ड स्टोरेज इकोफ्रॉस्ट के बारे में. कम लागतवाले इस कोल्ड स्टोरेज सिस्टम को पुणे स्थित इकोजेन सॉल्यूशंस ने विकसित किया है, जो कृषि […]

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इनोवेशन में भारत की दस्तक – 7 – आइआइटी खड़गपुर के इंजीनियर्स ने बनाया इकोफ्रॉस्ट
‘इनोवेशन में भारत की दस्तक’ शृंखला की सातवीं कड़ी में आज पढ़ें सौर ऊर्जा पर चलनेवाले माइक्रो कोल्ड स्टोरेज इकोफ्रॉस्ट के बारे में. कम लागतवाले इस कोल्ड स्टोरेज सिस्टम को पुणे स्थित इकोजेन सॉल्यूशंस ने विकसित किया है, जो कृषि उत्पाद की बरबादी को लगभग 25 प्रतिशत तक कम करता है. यह गांवों में रहनेवाले छोटे किसानों के लिए मुफीद है.
हमारा भारत आज भी एक कृषि प्रधान देश है, जिसकी अधिकांश आबादी गांवों में रहती है. यह भी एक सच्चाई ही है कि देश के ज्यादातर गांवों के लिए बिजली की निर्बाध आपूर्ति अब भी एक सपना ही है. इन गांवों में मेहनतकश किसान संसाधनों के अभाव में अपने उत्पाद को औने-पौने भाव में बेच कर गरीबी और तंगहाली से जूझते रहते हैं और साधन-संपन्न बिचौलिये औरों की मेहनत का सारा लाभ बैठे-बैठे खुद खा जाते हैं.
छोटे और कमजोर किसानों की इन्हीं समस्याओं का समाधान करने के लिए आइआइटी खड़गपुर के छात्र रह चुके विवेक पांडे ने अपने दो दोस्तों, देवेंद्र गुप्ता और प्रतीक सिंघल के साथ मिल कर वर्ष 2010 में इकोजेन सॉल्यूशंस नाम की कंपनी शुरू की. इस कंपनी का बनाया पहला प्रोडक्ट इकोफ्रॉस्ट, सौर ऊर्जा आधारित माइक्रो कोल्ड स्टोरेज सिस्टम है. 12 लाख से 15 लाख रुपये कीमतवाले इस कोल्ड स्टोरेज का परिचालन लागत शून्य है, क्योंकि यह बिजली या ईंधन से नहीं, सौर ऊर्जा से चलता है. इकोजेन का मुख्यालय पुणे में है, जहां आसपास के गांवों में कंपनी ने इकोफ्रॉस्ट कोल्ड स्टोरेज यूनिट किसान सहकारी समितियों के लिए लगाया है.
इसमें लगे पहिए इसे पोर्टेबल बनाते हैं, जिससे इसे एक जगह से दूसरी जगह पर आसानी से ले जाया जा सकता है. किसानों के पास उत्पादन के भंडारण की उचित व्यवस्था नहीं होने की वजह से हम कृषि उत्पाद का लगभग 40 प्रतिशत गंवा देते हैं, लेकिन इकोफ्रॉस्ट से स्थिति सुधरेगी. हाल ही में बिहार के जमुई स्थित केड़िया गांव में इकोजेन ने सौर ऊर्जा आधारित कोल्ड स्टोरेज लगाया. इससे इस गांव के किसानों को अपनी पैदावार के भंडारण का आसान विकल्प मिल गया. इससे उन्हें इन उत्पादों को बाजार में अपनी शर्तों पर बेचने का मौका मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक सुरक्षा बढ़ रही है. इसके अलावा, इकोजेन की मदद से किसान अपने पारंपरिक बीजों को संरक्षित कर रहे हैं.
इकोफ्रॉस्ट माइक्रो कोल्ड स्टोरेज सिस्टम के अलावा, इकोजेन सॉल्यूशंस ने सौर ऊर्जा से चलने वाला पंप भी विकसित किया है. पर्यावरण को ध्यान में रख कर बनायी गयी इस मशीन के जरिये किसान अपनी फसलों की सिंचाई बिना कोई ईंधन खर्च किये और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाये बगैर कर सकते हैं.
लगभग 3.5 लाख रुपये की लागतवाला यह पंप, डीजल पर चलनेवाले पारंपरिक पंप सेट से कहीं ज्यादा सक्षम है और इसके रखरखाव का खर्च भी अपेक्षाकृत कम है. अपने कोल्ड स्टोरेज सिस्टम और पंप में किसी प्रकार की खराबी आने पर इकोजेन तत्काल सर्विस भी मुहैया कराती है. वैसे बताते चलें कि इकोफ्रॉस्ट कोल्ड स्टोरेज सिस्टम को चलाने के लिए 2.5 से 3.5 किलोवाट के सोलर पैनल्स लगे हैं, जो सूर्य की रोशनी नहीं रहने के बावजूद 30 घटे तक पावर बैकअप दे सकेंगे. 160 वर्ग फीट स्टोरेज क्षमतावाला यह संयंत्र 80 से 85 प्रतिशत तक आद्रता नियंत्रित कर सकता है.
इकोजेन सॉल्यूशंस को आइआइटी-खड़गपुर से 15 लाख रुपये का आरंभिक अनुदान मिला और बाद में चेन्नई स्थित सामाजिक उद्यमिता सहायक विलग्रो इनोवेशंस फाउंडेशन से 60 लाख रुपये की मदद मिली. कंपनी का परिचालन शुरू करने और नये प्रॉडक्ट्स डिजाइन करने के लिए जरूरी पैसों के इंतजाम के बारे में संस्थापक विवेक पांडे कहते हैं, शुरुआती दिनों में हमने कई स्टार्टअप प्रतियोगिताओं में भाग लिया और पुरस्कार में मिली रकम इस कंपनी को गति देने के काम में लगाते थे.
ओमनीवोर पार्टनर्स ने इस कंपनी को 10 लाख डॉलर का फंड दिया है. आज की तारीख में इकोजेन सॉल्यूशंस के लिए 50 से ज्यादा लोग काम करते हैं और इसने 2015 में 10 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया है. विवेक बताते हैं कि इसे गांव की जरूरतों के अनुसार ही बनाया गया है और ऐसे एक कोल्ड स्टोरेज से दो वर्षों में 40 प्रतिशत फायदे का अनुमान लगाया गया है.
मेकैनिकल इंजीनियर विवेक पांडे और उनके साथियों ने कोल्ड चेन में आनेवाली समस्याओं से निबटने के लिए इकोफ्रॉस्ट टेक्नोलॉजी के बैनर तले यह इनोवेशन किया. आमतौरपर किसान, कोल्ड स्टोरेज मालिक और मंडी के लोगों को अबाध बिजली न मिलने से भारी नुकसान हो जाता है.
खासकर छोटे किसानों को यह समस्या ज्यादा होती है, वे ज्यादा खर्च उठा भी नहीं सकते. ऐसे में इकोजेन के संस्थापक ये तीन युवा ऐसा कोल्ड स्टोरेज सिस्टम विकसित करना चाहते थे, जो गैर-पारंपरिक ऊर्जा आधारित हो. साथ ही, इसकी कीमत और परिचालन खर्च भी कम हो. इकोजेन की टीम ने पुणे में प्रोडक्शन यूनिट लगायी है.
फिलहाल इकोजेन सॉल्यूशंस महाराष्ट्र के अलावा, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और तेलंगाना के किसानों को इकोफ्रॉस्ट माइक्रो कोल्ड स्टोरेज यूनिट की सप्लाई करा रही है. आगामी दो वर्षों में कंपनी की योजना इकोफ्रॉस्ट की आठ हजार यूनिट्स तैयार करने की है.
(इनपुट : आउटलुक बिजनेस से साभार)
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