चीन के राजस्व की वृद्धि में कमी, 1988 के बाद सबसे कम
Updated at : 29 Jan 2016 7:52 PM (IST)
विज्ञापन

बीजिंग: चीन ने आज कहा कि 2015 में राजस्व की वृद्धि दर घटकर 5.8 प्रतिशत पर आ गयी जो 2014 में 8.6 प्रतिशत थी. यह राजस्व में 1988 के बाद सबसे धीमी वृद्धि है जो बताता है कि दुनिया की दूसरी सबसे बडी अर्थव्यवस्था गंभीर रूप से नरमी के दौर में है. वित्त मंत्रालय के […]
विज्ञापन
बीजिंग: चीन ने आज कहा कि 2015 में राजस्व की वृद्धि दर घटकर 5.8 प्रतिशत पर आ गयी जो 2014 में 8.6 प्रतिशत थी. यह राजस्व में 1988 के बाद सबसे धीमी वृद्धि है जो बताता है कि दुनिया की दूसरी सबसे बडी अर्थव्यवस्था गंभीर रूप से नरमी के दौर में है. वित्त मंत्रालय के अनुसार 2015 में सालाना आधार पर राजस्व 5.8 प्रतिशत बढकर 15,220 अरब यूआन रहा. 2014 में इसमें 8.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी.
सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार राजस्व में 2015 में 7.3 प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य रखा गया था.मंत्रालय के अनुसार वैश्विक स्तर पर जिंसों के दाम में नरमी से आयात शुल्क संग्रह में कमी आयी और औद्योगिक गतिविधियां धीमी रही, जिससे राजस्व कम रहा.इसके अलावा कंपनियों के खराब प्रदर्शन तथा संरचनात्मक कर में कटौती का भी इसपर असर पडा.चीन की आर्थिक वृद्धि दर 2015 में 6.9 प्रतिशत रही जो 1990 के बाद सबसे कम है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




