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स्वीडन ने सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता का किया समर्थन, कहा – भारत है स्वाभाविक दावेदार

स्टाकहोम : स्वीडन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्य के रुप में भारत की दावेदारी का समर्थन करते हुए कहा है कि वह अपने आकार और संवृद्धि के मद्देनजर इसका स्वाभाविक दावेदार है. स्वीडन ने मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था (एमटीसीआर) में भी भारत के प्रवेश का समर्थन किया. यह एक स्वैच्छिक संगठन है […]

स्टाकहोम : स्वीडन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्य के रुप में भारत की दावेदारी का समर्थन करते हुए कहा है कि वह अपने आकार और संवृद्धि के मद्देनजर इसका स्वाभाविक दावेदार है.
स्वीडन ने मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था (एमटीसीआर) में भी भारत के प्रवेश का समर्थन किया. यह एक स्वैच्छिक संगठन है जिसमें व्यापक विनाश के हथियार ले जाने में सक्षम मानवरहित प्रणाली के अप्रसार का पक्ष करने वाले 34 देश शामिल हैं.
स्वीडन की ओर से भारत का समर्थन किये जाने की बात से राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को अवगत कराया गया जो यहां के सरकारी दौरे पर हैं. प्रणब स्वीडन की यात्रा पर आने वाले पहले भारतीय राष्ट्राध्यक्ष हैं. उनसे स्वीडन के प्रधानमंत्री स्टिफन लोफवेन ने अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ मुलाकात की.
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात के दौरान स्वीडन के प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार के बारे में विचार साझा किये। स्वीडन का मानना है कि भारत में इसका हिस्सा बनने की पात्रता है.
विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) नवतेज सरना ने स्वीडन के प्रधानमंत्री का हवाला देते हुए कहा, आकार और जिस गति कि साथ भारत वृद्धि दर्ज कर रहा है, उसे ध्यान में रखते हुए वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का हिस्सा बनने का स्वाभावित दावेदार है. लोफवेन ने राष्ट्रपति को यह भी बताया कि स्वीडन एमटीसीआर में भारत के प्रवेश का समर्थन करता है.
उल्लेखनीय है कि भारत और स्वीडन ने अपने संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए कल कई समझौतों पर हस्ताक्षर किये और महत्वाकांक्षी मेक इन इंडिया पहल के तहत इस देश द्वारा भारत के रक्षा क्षेत्र में निवेश के रास्ते तलाशने के मद्देनजर द्विपक्षीय सामरिक वार्ता पुन: शुरु करने का निर्णय किया.
सरना ने यहां संवाददाताओं से कहा कि यह सहमति बनी कि दोनों देश सामरिक वार्ता दो राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के माध्यम से पुन: शुरु करेंगे.
यह पूछे जाने पर कि 2011 में वार्ता क्यों रुक गई, सरना ने स्पष्ट किया कि बातचीत नहीं टूटी बल्कि दोनों देश चुनाव की ओर बढ रहे थे.
उन्होंने कहा, अब दो नये राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त हुए हैं, वे इस प्रक्रिया को फिर से शुरु करेंगे जो जल्द होने की उम्मीद है. राष्ट्रपति और स्वीडन के प्रधानमंत्री के समक्ष दोनों पक्षों के बीच समझौतों पर हस्ताक्षर किये गए जिसमें राजनयिक पासपोर्ट धारकों को वीजा में छूट से संबंधित समझौता भी शामिल है.
अन्य समझौतों में सतत शहरी विकास के क्षेत्र में सहमति पत्र पर हस्ताक्षर, लघु, सूक्ष्म एवं माध्यम उद्यमों के क्षेत्र में सहयोग पर सहमति पत्र, ध्रुवीय एवं सागरीय शोध के क्षेत्र में सहयोग पर आशय पत्र और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुडे दो समझौते शामिल हैं. भारत और स्वीडन के विभिन्न विश्वविद्यालयों के बीच 15 समझौतों पर हस्ताक्षर किये गए.

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