ePaper

ओबामा की कैरेबियाई यात्रा के एजेंडे में ऊर्जा मदद और नयी कूटनीति प्रमुख

Updated at : 10 Apr 2015 12:33 PM (IST)
विज्ञापन
ओबामा की कैरेबियाई यात्रा के एजेंडे में ऊर्जा मदद और नयी कूटनीति प्रमुख

किंगस्टन: अमेरिका का प्रभाव कैरेबियाई देशों और दोनों अमेरिकी महाद्वीपों में एक बार फिर से स्थापित करने की कोशिश के मद्देनजर राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपने तीन दिवसीय यात्रा की शुरुआत जमैका से की है. राष्ट्रपति बराक ओबामा ने उर्जा सहयोग और राजनयिक संबंधों की मजबूती के संकल्पों के साथ कल जमैका की प्रधानमंत्री पोर्शिया […]

विज्ञापन
किंगस्टन: अमेरिका का प्रभाव कैरेबियाई देशों और दोनों अमेरिकी महाद्वीपों में एक बार फिर से स्थापित करने की कोशिश के मद्देनजर राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपने तीन दिवसीय यात्रा की शुरुआत जमैका से की है. राष्ट्रपति बराक ओबामा ने उर्जा सहयोग और राजनयिक संबंधों की मजबूती के संकल्पों के साथ कल जमैका की प्रधानमंत्री पोर्शिया सिंपसन से मुलाकात की. उन्‍होंने उसके बाद कैरेबियाई नेताओं के एक समूह से मुलाकात की.
उनकी यह यात्रा पनामा शहर में दोनों अमेरिकी महाद्वीपों के सम्मेलन में शिरकत के साथ संपन्न होगी. ओबामा की इस यात्रा से पहले पूरा एक साल इस क्षेत्र पर अधिक ध्यान देते हुए आव्रजन पर कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए गए ताकि अमेरिकी सीमा पर मध्य अमेरिका के नाबालिगों के प्रवाह को रोका जा सके.
इसके साथ ही मानवाधिकारों के मुद्दे पर वेनेजुएला के साथ विवाद और क्यूबा के सथ ऐतिहासिक राजनयिक संबंधों की शुरुआत करना शामिल है. बहरहाल, ओबामा के प्रयास सीमित हैं. उनका सबसे महत्वाकांक्षी प्रयास रिपब्लिकन सदस्यों के नियंत्रण वाली कांग्रेस की ओर से बडी बाधाओं का सामना कर रहा है औ उनकी हालिया आव्रजन पहल को अदालत के आदेश ने रोक दिया है.
होंदुरास, ग्वातेमाला, अल साल्वाडोर के आर्थिक एवं आपराधिक संकट आदि पर लक्षित अमेरिकी पहल के लिए एक अरब डॉलर के खर्च को कांग्रेस की सहमति की जरुरत है.
फिर भी, कैरेबियाई द्वीपों में अमेरिकी मुख्यभूमि की तुलना में पांच गुना महंगी बिजली और उर्जा सुरक्षा की कमी लंबे समय से चिंता का विषय है. सौर एवं पवन उर्जा की बहुलता वाला यह क्षेत्र लगभग अपनी सारी ही बिजली उन संयंत्रों से प्राप्त करते हैं जिनमें आयात किए गए तेल और डीजल जलाए जाते हैं.
ओबामा ने कैरेबियाई क्षेत्र और मध्य अमेरिका में स्वच्छ उर्जा परियोजनाओं में निजी एवं सार्वजनिक क्षेत्र में निवेश शुरू करने के लिए 2 करोड डॉलर की राशि की घोषणा की थी. ओबामा ने कहा ‘यदि हम स्वच्छ उर्जा के विकास के जरिए इन कीमतों को कम कर सकें और उर्जा की बढी हुई दक्षता का हम इस्तेमाल कर सकें तो मुझे लगता है कि अतिरिक्त निवेश और विकास किया जा सकता है.’
आयात पर निर्भर करने वाले इस द्वीप के लिए उर्जा सुरक्षा की चिंता वेनेजुएला की तेल पर निर्भर करने वाली डांवाडोल अर्थव्यवस्था के चलते बढ रही है. वेनेजुएला में दिवंगत राष्ट्रपति ह्यूगो शावेज द्वारा सृजित पेट्रोकैराइब व्यापार कार्यक्रम ने जमैका और अधिकता क्षेत्र को उर्जा के लिए दक्षिणी अमेरिका पर निर्भर रखा है.
वेनेजुएला की छाया ओबामा की इस कैरेबियाई देशों की यात्रा पर तो है ही. साथ ही, यह दोनों अमेरिकी महाद्वीपों में होने वाले आगामी सम्मेलन पर भी रहने वाली है. जहां सात वेनेजुएलाई नागरिकों पर प्रतिबंध लगाने के मुद्दे पर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनके क्षेत्रीय सहयोगी ओबामा से तकरार कर सकते हैं.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola