ePaper

अमेरिका मध्यावधि चुनाव : ओबामा को झटका, रिपब्लिकन पार्टी को सीनेट में बहुमत

Updated at : 05 Nov 2014 11:05 AM (IST)
विज्ञापन
अमेरिका मध्यावधि चुनाव : ओबामा को झटका, रिपब्लिकन पार्टी को सीनेट में बहुमत

वाशिंगटन : अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनकी डेमोक्रेटिक पार्टी को जोरदार झटका देते हुए रिपब्लिकन पार्टी ने आज मध्यावधि चुनाव में शानदार जीत के साथ अमेरिकी सीनेट में बहुमत हासिल कर लिया और प्रतिनिधि सभा में अपने बहुमत में इजाफा कर लिया. इन नतीजों से राष्ट्रपति ओबामा के कार्यकाल के दो आखिरी साल जटिल […]

विज्ञापन

वाशिंगटन : अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनकी डेमोक्रेटिक पार्टी को जोरदार झटका देते हुए रिपब्लिकन पार्टी ने आज मध्यावधि चुनाव में शानदार जीत के साथ अमेरिकी सीनेट में बहुमत हासिल कर लिया और प्रतिनिधि सभा में अपने बहुमत में इजाफा कर लिया. इन नतीजों से राष्ट्रपति ओबामा के कार्यकाल के दो आखिरी साल जटिल हो सकते हैं.

देश भर में डेमोक्रेटिक पार्टी के मजबूत नेताओं के हारने के साथ राजनीतिक विश्लेषकों ने इसे रिपब्लिकन पार्टी की लहर बताया है. प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटें, सीनेट की 100 में से 36 सीटें और 50 में से 36 राज्यों के गर्वनर के पद के लिए चुनाव हुए थे. नवीनतम आंकडों के अनुसार रिपब्लिकन पार्टी ने सीनेट की 100 में से 52 सीटें हासिल कर ली हैं जबकि डेमोक्रेटिक पार्टी के सीटों की संख्या 43 है.

वर्तमान कांग्रेस में डेमोक्रेटिक पार्टी के सीटों की संख्या 53 और रिपब्लिकन पार्टी के सीटों की संख्या 45 है. रिपब्लिकन पार्टी को प्रतिनिधि सभा में महत्वपूर्ण बढत मिलती दिख रही है. पार्टी 10 सीटों के फायदे के साथ 235 सीटों पर आगे है जबकि आठ सीटों के नुकसान के साथ डेमोक्रेटिक पार्टी 157 सीटों पर आगे है. वर्तमान सदन में डेमोक्रेटिक पार्टी के सीटों की संख्या 199 है जबकि रिपब्लिकन पार्टी के पास 233 सीटें हैं.

डेमोक्रेटिक पार्टी के करीब दो दर्जन निवर्तमान सांसदों पर हार का खतरा मंडरा रहा है और रिपब्लिकन पार्टी के मुठ्ठी भर उम्मीदवारों को ही कडे मुकाबले का सामना करना पडा है. अमेरिका में राष्ट्रपति की पार्टी के मध्यावधि चुनाव में हारने की परंपरा रही है.

ओबामा की लोकप्रियता रेटिंग निम्न है और करीब 40 प्रतिशत है और इस्लामिक स्टेट के खतरे को लेकर लोगों में डर, देश में इबोला के मामले सामने आने और 2008 की आर्थिक मंदी से पूरी तरह नहीं उबर पाने जैसे मुद्दों से भी डेमोक्रेटिक पार्टी को नुकसान पहुंचा है.

आठ साल में पहली बार अमेरिकी सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी को बहुमत मिला है. इससे ओबामा के लिए बाकी दो सालों के कार्यकाल में शासन एवं महत्वपूर्ण प्रशासनिक सुधार करना मुश्किल भरा हो सकता है. कुछ राजनीतिक विश्लेषकों ने पहले से ही ओबामा को शक्तिहीन कहना शुरु कर दिया है जिसका व्हाइट हाउस ने जोरदार विरोध किया है.

वर्तमान ओबामा प्रशासन के खिलाफ आम नाराजगी को प्रदर्शित करते हुए बडी संख्या में लोगों ने रिपब्लिकन पार्टी के पक्ष में वोट डाले जिससे ना केवल प्रतिनिधि सभा में उसके बहुमत में विस्तार हुआ बल्कि उसने शक्तिशाली सीनेट में भी नियंत्रण स्थापित कर लिया.

रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवारों ने नॉर्थ कैरोलिना, अरकंसास और कोलोराडो में डेमाक्रेटिक पार्टी के निवर्तमान सांसदों को हराया और पश्चिम वर्जीनिया, साउथ डकोटा और मोंटाना में भी जीत हासिल की. पार्टी के उम्मीदवार जोनी अर्नेस्ट ने आइयोवा सीनेट सीट पर जीत हासिल की.

पार्टी ने डेमोक्रेटिक पार्टी के गढ समझे जाने वाले कई राज्यों में गर्वनर पद के चुनावों में भी जीत हासिल की. राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि मैरीलैंड और इलिनोवा जैसे डेमोक्रेटिक पार्टी के गढ में रिपब्लिकन पार्टी के गर्वनर पद के चुनाव जीतने से देश में रिपब्लिकन पार्टी की लहर चलने का साफ संकेत मिलता है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola