ePaper

चीनी इंटरनेट यूजर्स की मांग- गरीबी उन्मूलन के लिए चीन को मिले अर्थशास्त्र का नोबेल

Updated at : 16 Oct 2019 8:04 PM (IST)
विज्ञापन
चीनी इंटरनेट यूजर्स की मांग- गरीबी उन्मूलन के लिए चीन को मिले अर्थशास्त्र का नोबेल

बीजिंग : चीन में लोगों का कहना है कि 85 करोड़ से अधिक लोगों को भयानक गरीबी से बाहर निकालने के कारण चीन को अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिए. भारतीय मूल के अमेरिकी अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी, एमआईटी की एस्थर डफ्लो और हार्वर्ड के प्रोफेसर मिशेल क्रेमर को इस साल अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार मिला […]

विज्ञापन

बीजिंग : चीन में लोगों का कहना है कि 85 करोड़ से अधिक लोगों को भयानक गरीबी से बाहर निकालने के कारण चीन को अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिए.

भारतीय मूल के अमेरिकी अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी, एमआईटी की एस्थर डफ्लो और हार्वर्ड के प्रोफेसर मिशेल क्रेमर को इस साल अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार मिला है.

इन तीनों को वैश्विक स्तर पर गरीबी उन्मूलन के प्रायोगात्मक आर्थिक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए यह सम्मान मिला है. इसके बाद विश्व भर में बहसों का दौर शुरू हो गया.

चीन के सरकारी अखबार ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने बुधवार को कहा कि चीन में इंटरनेट के उपयोक्ता कह रहे हैं कि 85 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से बाहर निकालकर चीन ने वैश्विक स्तर पर गरीबी के उन्मूलन में 70 प्रतिशत योगदान दिया है. अत: अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार पर चीन का अधिक मजबूत दावा है.

कुछ उपयोक्ताओं ने कहा कि अमेरिका के इन तीनों अर्थशास्त्रियों की गरीबी उन्मूलन में चीन से कोई तुलना ही नहीं हो सकती है. एक पोस्ट में कहा गया, गरीबी उन्मूलन पर बोलने के लिए चीन अधिक योग्य है. चीन की सरकार और शोधकर्ताओं ने महज प्रयोग करने से बढ़कर काम किया है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola